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डीटीसी हड़ताल जारी: आधी से ज्यादा बसें डिपो में, ऑटो-कैब की मांग तीन गुना बढ़ी; आज इसलिए बढ़ सकती हैं मुसीबतें
Mon, 21 Sep 2026 03:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 21 Sep 2026 03:18 AM IST
निजी एजेंसी के करीब 5,000 चालक 2,000 रुपये दैनिक वेतन, मेडिकल सुविधा, बोनस और सामाजिक सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डीटीसी बस चालकों की हड़ताल रविवार को छठे दिन भी जारी रही। निजी एजेंसी के करीब 5,000 चालक 2,000 रुपये दैनिक वेतन, मेडिकल सुविधा, बोनस और सामाजिक सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर हैं। सरकार ने दूसरे कामों में लगे 2,700 चालकों को बस संचालन में लगाया है, लेकिन इसके बावजूद डीटीसी की कुल 6,300 बसों में से आधी से अधिक बसें डिपो में खड़ी हैं।
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हालांकि, रविवार को छुट्टी होने के कारण सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों को कुछ कम परेशानी हुई। मंगलवार से शुरू हुई हड़ताल के कारण बस सेवा प्रभावित होने का सीधा असर ऑटो और कैब पर पड़ा है। बसों के सड़कों से कम होने के कारण ऑटो-कैब की मांग करीब तीन गुना तक बढ़ गई है।
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चालकों के मुताबिक, उनकी रोजाना की कमाई 1,500-2,000 रुपये से बढ़कर 3,000-3,500 रुपये तक पहुंच गई है। पीक ऑवर्स में एप आधारित कैब का किराया भी सामान्य से करीब दोगुना हो रहा है। इससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
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यात्रियों के अनुसार, जिन रास्तों पर बस से रोजाना करीब 30 रुपये में सफर पूरा हो जाता था, वहां अब ऑटो या कैब से 150-250 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। बस स्टॉप पर लंबे इंतजार के बाद यात्रियों के पास मेट्रो स्टेशन तक पैदल जाने या ऑटो-कैब लेने के अलावा विकल्प नहीं बच रहा है। कई यात्रियों ने बताया कि कार्यालय पहुंचने में देरी से बचने के लिए उन्हें महंगा साधन लेना पड़ रहा है।
एक से डेढ़ घंटे तक बस का करना पड़ा इंतजार
रविवार को छुट्टी के कारण कुछ ही रूटों पर परेशानी नजर आई। हर्ष विहार-केंद्रीय टर्मिनल रूट संख्या 210 पर बसें चलीं, लेकिन वजीराबाद रोड, नंद नगरी डिपो और शास्त्री पार्क समेत कई स्थानों पर यात्रियों को 1 से 1.5 घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ा।
बाहरी दिल्ली में भी असर
बवाना, नरेला और नजफगढ़ में यात्रियों को ई-रिक्शा और ऑटो पर निर्भर रहना पड़ा। ई-रिक्शा चालकों ने करीब दो किलोमीटर के सफर के लिए 15-20 रुपये तक किराया लिया। वहीं, आईटीओ, मंडी हाउस, कृषि भवन, करोल बाग, चाणक्यपुरी, दरियागंज, प्रगति मैदान, इंडिया गेट और लक्ष्मी नगर जैसे इलाकों में बसें नहीं मिलने पर यात्रियों ने मेट्रो का रुख किया।
मेट्रो की फेरे बढ़ाने की तैयारी
रविवार को छुट्टी के कारण हड़ताल का असर अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन सोमवार को कार्यालय खुलने के साथ यात्रियों की मुश्किल बढ़ सकती है। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए मेट्रो ने भी फेरे बढ़ाने की तैयारी की है।
आप ने सरकार पर उदासीनता का लगाया आरोप
डीटीसी कर्मचारियों की हड़ताल के बीच आप ने भाजपा सरकार पर परिवहन व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया। रविवार को आप मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हड़ताल से लोग परेशान हैं और मेट्रो स्टेशनों पर भी यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। उन्होंने सीएम से कर्मचारियों से बातचीत कर हड़ताल खत्म कराने की मांग की। बुराड़ी विधायक संजीव झा ने वेतन संबंधी पूर्व कैबिनेट फैसले को लागू करने की मांग की। वहीं, कोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने भी उनकी मागों पर बात की।