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Gurugram News: विकास की दौड़ में पीछे छूट गया झाड़सा गांव

Sun, 23 Aug 2026 08:05 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 08:05 PM IST
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Jharsa village left behind in the race for development.
सड़कों पर बहते सीवेज के पानी, जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर से परेशान निवासी
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संवाद न्यूज एजेंसी


गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम का झाड़सा गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। सेक्टर-31, 38 और 45 जैसे आधुनिक इलाकों से घिरे होने के बावजूद, करीब ढाई लाख की आबादी वाला यह गांव विकास की दौड़ में बेहद पीछे छूट गया है। वर्तमान में गांव के निवासी सड़कों पर बहते सीवेज के पानी, जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों और खस्ताहाल सड़कों से बेहद त्रस्त हैं।
पुरानी और कम क्षमता वाली सीवेज प्रणाली के कारण मुख्य मार्गों पर गंदगी का अंबार लगा है। इसके अलावा, सरकारी स्कूल की बदहाली और हालिया अतिक्रमण हटाओ अभियान में हुई गड़बड़ियों ने ग्रामीणों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है।
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रविवार को आयोजित संवाद में सुनील ठाकरान, सुधीर ठाकरान, दिनेश ठाकरान, राजेश ठाकरान, छतर सिंह ठाकरान, सुरेश ठाकरान,नरेंद्र ठाकरान, नरेश ठाकरान, ईश्वर सिंह ठाकरान, सतपाल ठाकरान, अजय ठाकरान, नवीन ठाकरान, हरीश ठाकरान और ओम प्रकाश ठाकरान ने कई प्रमुख ग्रामीणों ने इन मुद्दों पर अपनी गंभीर चिंता जताई। प्रशासन की इस अनदेखी के खिलाफ अब झाड़सा के निवासियों ने शहर के अन्य संगठनों के साथ मिलकर 26 अगस्त को एक बड़े विरोध प्रदर्शन का एलान किया है।
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लोग बोले- गांव की पहचान बन गई गंदगी
गांव में जहां भी जाएंगे गंदगी पड़ी मिलेगी। यह गंदगी गांव की पहचान बन गई है। किसी के घर कोई कार्यक्रम हो तो पूरी गली का कचरा खुद उठवाना पड़ता है। -छतर सिंह ठाकरान
गांव में सीवेज की लाइनों को जनसंख्या के अनुसार नहीं बदला गया है। यहां सड़कों पर सीवेज ओवरफ्लो होता है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है।-सुरेंद्र ठाकरान

गांव की कई सड़कों पर गहरे गड्ढे हैं। बारिश में काफी पानी जमा हो जाता है। यहां सीवेज लाइनों को सफाई की जरूरत है। इसपर ध्यान देना चाहिए। -सतपाल ठाकरान
गांव के सरकारी स्कूल की हालत जर्जर है। स्कूल का भवन कभी भी गिर सकता है। स्कूल में बच्चों के लिए फर्नीचर और पठन-पाठन सामग्री की भी कमी है।-ईश्वर सिंह ठाकरान
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