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हैंकिग का 'बादशाह डेविल': सिस्टम हैक कर केंद्र के बाहर से कंट्रोल करता था कंप्यूटर, अंदर होता था ऑनलाइन एग्जाम

Thu, 24 Sep 2026 11:47 AM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 24 Sep 2026 11:47 AM IST
सार
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SSC GD Exam Hacking Case: उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा इकाई ने एसएससी जीडी परीक्षा में धांधली करने वाले सॉल्वर गिरोह के मुख्य सरगना को पकड़ा है। मास्टरमाइंड को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। हैकर 'डेविल' नाम से साइबर अपराध करता था। अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

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Devil mastermind behind SSC GD exam hacking arrested from Delhi
मास्टरमाइंड हैकर गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की जनरल ड्यूटी (जीडी) कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड हैकर को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को पकड़े गए आरोपी की पहचान मूलरूप से पालीगंज, बिहार निवासी अरुण कुमार के रूप में हुई है। वह डेविल नाम से हैकिंग करता था। 

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एसएससी जीडी परीक्षा में धांधली में 12 पकड़े
एसटीएफ की नोएडा यूनिट इस धांधली में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें से 7 आरोपियों को ग्रेटर नोएडा से मंगलवार को पकड़ा गया था। गिरफ्तार हैकर के पास से भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए गए हैं।
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डेविल नाम से सॉफ्टवेयर बनाया
एसटीएफ नोएडा यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि जांच में पता चला था कि हैकर अमित राणा और डेविल सर्वर की सोर्स फाइल को डिकोड कर हैकिंग करते और सिस्टम में बदलाव करते थे। इससे प्रॉक्सी सर्वर के जरिए नकल करना संभव हो पाता था और परीक्षा केंद्र के बाहर से अभ्यर्थियों के कंप्यूटर कंट्रोल किए जाते थे। जांच में सामने आया कि दिल्ली के शाहबाद डेयरी निवासी अरुण कुमार ही डेविल के नाम से हैकिंग करता था।
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दिल्ली में पढ़ाई से हैकिंग नेटवर्क तक
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बीए पास है और उसने आईटीआई जहांगीरपुरी से कंप्यूटर फंडामेंटल में एक साल का कोर्स किया है। वर्ष 2019 में मुखर्जी नगर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान वह दरभंगा, बिहार निवासी मनोज के संपर्क में आया, जो ऑनलाइन परीक्षाओं का संचालन कर रहा था। 

एसटीएफ की पूछताछ में खोले राज
मनोज के साथ काम करने के दौरान ही अरुण ने हैकिंग सीखी और धीरे-धीरे सर्वर हैक करने में माहिर हो गया। एसटीएफ ने बताया कि वह मॉडिफाइड टीएफटी बनाकर परीक्षा में धांधली करने लगा था। हैकिंग की दुनिया में डेविल के नाम से उसकी पहचान बन गई। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, झारखंड तथा पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) भारत के कई राज्यों के सॉल्वर गैंग के संपर्क में आ गया था।

सीतापुर में नर्सिंग स्टाफ अफसर की परीक्षा में दिया साॅफ्टवेयर
वर्ष 2024 में यूपी के सीतापुर में नर्सिंग स्टाफ अफसर की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाला गिरोह पकड़ा गया था। इसका मुकदमा थाना तालगांव में लिखा हुआ है। अरुण ने ही उस केस के मुख्य आरोपी उत्कर्ष को परीक्षा में धांधली करने के लिए प्रॉक्सी सर्वर लगाकर पेन ड्राइव में साॅफ्टवेयर उपलब्ध कराया था। इस केस में भी डेविल की तलाश चल रही थी।

यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की जनरल ड्यूटी (जीडी) कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड हैकर को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को पकड़े गए आरोपी की पहचान मूलरूप से पालीगंज, बिहार निवासी अरुण कुमार के रूप में हुई है। वह डेविल नाम से हैकिंग करता था। 

एसएससी जीडी परीक्षा में धांधली में 12 पकड़े
एसटीएफ की नोएडा यूनिट इस धांधली में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें से 7 आरोपियों को ग्रेटर नोएडा से मंगलवार को पकड़ा गया था। गिरफ्तार हैकर के पास से भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए गए हैं।

डेविल नाम से सॉफ्टवेयर बनाया
एसटीएफ नोएडा यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि जांच में पता चला था कि हैकर अमित राणा और डेविल सर्वर की सोर्स फाइल को डिकोड कर हैकिंग करते और सिस्टम में बदलाव करते थे। इससे प्रॉक्सी सर्वर के जरिए नकल करना संभव हो पाता था और परीक्षा केंद्र के बाहर से अभ्यर्थियों के कंप्यूटर कंट्रोल किए जाते थे। जांच में सामने आया कि दिल्ली के शाहबाद डेयरी निवासी अरुण कुमार ही डेविल के नाम से हैकिंग करता था।

दिल्ली में पढ़ाई से हैकिंग नेटवर्क तक
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बीए पास है और उसने आईटीआई जहांगीरपुरी से कंप्यूटर फंडामेंटल में एक साल का कोर्स किया है। वर्ष 2019 में मुखर्जी नगर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान वह दरभंगा, बिहार निवासी मनोज के संपर्क में आया, जो ऑनलाइन परीक्षाओं का संचालन कर रहा था। 

एसटीएफ की पूछताछ में खोले राज
मनोज के साथ काम करने के दौरान ही अरुण ने हैकिंग सीखी और धीरे-धीरे सर्वर हैक करने में माहिर हो गया। एसटीएफ ने बताया कि वह मॉडिफाइड टीएफटी बनाकर परीक्षा में धांधली करने लगा था। हैकिंग की दुनिया में डेविल के नाम से उसकी पहचान बन गई। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, झारखंड तथा पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) भारत के कई राज्यों के सॉल्वर गैंग के संपर्क में आ गया था।

सीतापुर में नर्सिंग स्टाफ अफसर की परीक्षा में दिया साॅफ्टवेयर
वर्ष 2024 में यूपी के सीतापुर में नर्सिंग स्टाफ अफसर की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाला गिरोह पकड़ा गया था। इसका मुकदमा थाना तालगांव में लिखा हुआ है। अरुण ने ही उस केस के मुख्य आरोपी उत्कर्ष को परीक्षा में धांधली करने के लिए प्रॉक्सी सर्वर लगाकर पेन ड्राइव में साॅफ्टवेयर उपलब्ध कराया था। इस केस में भी डेविल की तलाश चल रही थी।

इस साल एसएससी की परीक्षा में लगाई सेंध
एसटीएफ की पूछताछ में पता चला कि अप्रैल व मई 2026 में आयोजित जीडी कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले हैकर अमित कुमार को डेविल ने ही महत्वपूर्ण फाइल डिक्रिप्ट करने दी थी। इन दोनों हैकर ने मिलकर क्लाइंट को प्रॉक्सी सर्वर से कनेक्ट करने वाली स्क्रिप्ट तैयार की थी। उसी के माध्यम से परीक्षा में धांधली की गई थी। आरोपी की अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी की जा रही है।

आरोपी के पास से बरामद सामान
12 टीएफटी स्क्रीन, 2 लैपटॉप, एक हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर, 8 वीजीए स्विच, 11 रास्पबेरी पाई डिवाइस, 14 वीडियो कैप्चर, 9 यूएसबी टू टाय सी एडप्टर, 13 एचडीटीवी वीजेए एडप्टर, 9 टीपी लिंक यूएसबी ब्लूटूथ डॉगल, 4 वीजीए टू एचडीटीवी एडाप्टर, एक ब्रॉडबैंड डिवाइस, 2 आयरन सोल्डर मशीन

सात आरोपियों के पास से 50 लाख भी बरामद
यूपी एसटीएफ ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा से मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान व हैकर अमित राणा समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 50 लाख नकद, प्रॉक्सी सर्वर समेत अन्य सामान बरामद किया था।
एसटीएफ की पूछताछ में पता चला कि अप्रैल व मई 2026 में आयोजित जीडी कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले हैकर अमित कुमार को डेविल ने ही महत्वपूर्ण फाइल डिक्रिप्ट करने दी थी। इन दोनों हैकर ने मिलकर क्लाइंट को प्रॉक्सी सर्वर से कनेक्ट करने वाली स्क्रिप्ट तैयार की थी। उसी के माध्यम से परीक्षा में धांधली की गई थी। आरोपी की अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी की जा रही है।

आरोपी के पास से बरामद सामान
12 टीएफटी स्क्रीन, 2 लैपटॉप, एक हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर, 8 वीजीए स्विच, 11 रास्पबेरी पाई डिवाइस, 14 वीडियो कैप्चर, 9 यूएसबी टू टाय सी एडप्टर, 13 एचडीटीवी वीजेए एडप्टर, 9 टीपी लिंक यूएसबी ब्लूटूथ डॉगल, 4 वीजीए टू एचडीटीवी एडाप्टर, एक ब्रॉडबैंड डिवाइस, 2 आयरन सोल्डर मशीन

सात आरोपियों के पास से 50 लाख भी बरामद
यूपी एसटीएफ ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा से मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान व हैकर अमित राणा समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 50 लाख नकद, प्रॉक्सी सर्वर समेत अन्य सामान बरामद किया था।

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