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Noida News: कंपोजिट स्कूल में पांच से छह फीट गहरा खुला गड्ढा, 450 बच्चों की सुरक्षा पर खतरा
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- वॉटर हार्वेस्टिंग के गड्ढे को ढकने के लिए स्लैब तैयार, फिर भी नहीं रखे गए; स्कूल के बाहर खुले नाले में गिर चुका है बच्चा
पुनीत कुमार
यमुना सिटी। तिरथली गांव स्थित कंपोजिट स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्कूल परिसर में बच्चों के वॉशरूम के पास करीब पांच से छह फीट गहरा वॉटर हार्वेस्टिंग का गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा है। गड्ढे को ढकने के लिए स्लैब तैयार हो चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक गड्ढे पर नहीं रखा गया है। ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाले 450 से अधिक बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
वॉटर हार्वेस्टिंग का गड्ढा ऐसे स्थान पर है, जहां बच्चों की लगातार आवाजाही रहती है। वॉशरूम के पास होने के कारण बच्चों के खेलते या आते-जाते समय गड्ढे के आसपास पहुंचने की आशंका बनी रहती है। स्कूल में शिक्षकों की संख्या भी कम है, जिससे हर समय सभी बच्चों की निगरानी करना मुश्किल होता है। ऐसे में किसी बच्चे के गड्ढे में गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है।
बारिश में बढ़ जाता है खतरा
बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। गड्ढे में पानी भर जाने के बाद उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में यदि कोई बच्चा उसमें गिर जाए तो पानी में डूबने की आशंका के साथ हादसे का तुरंत पता लगना भी मुश्किल हो सकता है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए शिक्षकों ने फिलहाल गड्ढे के ऊपर लकड़ियां रखकर इसे अस्थायी रूप से ढक दिया है।
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स्कूल के बाहर खुले नाले में गिर चुका है बच्चा
स्कूल के बाहर कुछ समय पहले नाले का निर्माण कराया गया था, लेकिन उसे अब तक ढका नहीं गया है। कुछ दिन पहले छुट्टी के बाद एक बच्चा खुले नाले में गिर गया था। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने बच्चे को देखकर तत्काल बाहर निकाला, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसके बावजूद नाले को सुरक्षित तरीके से ढकने की व्यवस्था नहीं की गई है।
कई बार प्राधिकरण को दी सूचना
विद्यालय के हेडमास्टर रौदास सिंह ने बताया कि खुले वॉटर हार्वेस्टिंग गड्ढे की समस्या को लेकर प्राधिकरण को कई बार पत्राचार के माध्यम से सूचना दी जा चुकी है। गड्ढे को बंद करने के लिए स्लैब भी तैयार हैं, लेकिन उन्हें अभी तक लगवाया नहीं गया है। शिक्षकों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अस्थायी तौर पर लकड़ियां रखकर गड्ढे को ढका है। स्कूल प्रबंधन की मांग है कि गड्ढे को जल्द स्थायी रूप से बंद कराया जाए, ताकि बच्चों के साथ किसी तरह की अनहोनी न हो।
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- वॉटर हार्वेस्टिंग के गड्ढे को ढकने के लिए स्लैब तैयार, फिर भी नहीं रखे गए
पुनीत कुमार
यमुना सिटी। तिरथली गांव स्थित कंपोजिट स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्कूल परिसर में बच्चों के वॉशरूम के पास करीब पांच से छह फीट गहरा वॉटर हार्वेस्टिंग का गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा है। गड्ढे को ढकने के लिए स्लैब तैयार हो चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक गड्ढे पर नहीं रखा गया है। ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाले 450 से अधिक बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
वॉटर हार्वेस्टिंग का गड्ढा ऐसे स्थान पर है, जहां बच्चों की लगातार आवाजाही रहती है। वॉशरूम के पास होने के कारण बच्चों के खेलते या आते-जाते समय गड्ढे के आसपास पहुंचने की आशंका बनी रहती है। स्कूल में शिक्षकों की संख्या भी कम है, जिससे हर समय सभी बच्चों की निगरानी करना मुश्किल होता है। ऐसे में किसी बच्चे के गड्ढे में गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है।
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बारिश में बढ़ जाता है खतरा
बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। गड्ढे में पानी भर जाने के बाद उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में यदि कोई बच्चा उसमें गिर जाए तो पानी में डूबने की आशंका के साथ हादसे का तुरंत पता लगना भी मुश्किल हो सकता है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए शिक्षकों ने फिलहाल गड्ढे के ऊपर लकड़ियां रखकर इसे अस्थायी रूप से ढक दिया है।
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स्कूल के बाहर खुले नाले में गिर चुका है बच्चा
स्कूल के बाहर कुछ समय पहले नाले का निर्माण कराया गया था, लेकिन उसे अब तक ढका नहीं गया है। कुछ दिन पहले छुट्टी के बाद एक बच्चा खुले नाले में गिर गया था। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने बच्चे को देखकर तत्काल बाहर निकाला, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसके बावजूद नाले को सुरक्षित तरीके से ढकने की व्यवस्था नहीं की गई है।
कई बार प्राधिकरण को दी सूचना
विद्यालय के हेडमास्टर रौदास सिंह ने बताया कि खुले वॉटर हार्वेस्टिंग गड्ढे की समस्या को लेकर प्राधिकरण को कई बार पत्राचार के माध्यम से सूचना दी जा चुकी है। गड्ढे को बंद करने के लिए स्लैब भी तैयार हैं, लेकिन उन्हें अभी तक लगवाया नहीं गया है। शिक्षकों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अस्थायी तौर पर लकड़ियां रखकर गड्ढे को ढका है। स्कूल प्रबंधन की मांग है कि गड्ढे को जल्द स्थायी रूप से बंद कराया जाए, ताकि बच्चों के साथ किसी तरह की अनहोनी न हो।