ग्रेटर नोएडा में ड्रग कार्टेल पर बड़ा प्रहार: दो गुप्त लैब का भंडाफोड़, गृहमंत्री शाह ने कार्रवाई की सराहना की
एनसीबी ने शुक्रवार देर रात यमुना गौड़ सिटी के पास दो सिंथेटिक ड्रग्स प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया। उच्च गुणवत्ता वाली ड्रग्स, रसायन और उपकरण बरामद हुए। दो लोग गिरफ्तार किए गए
विस्तार
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शुक्रवार देर रात रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के अधीन यमुना गौड़ सिटी सोसाइटी के समीप एक गांव में पुराने मकान में चल रही सिंथेटिक ड्रग्स बनाने वाली दो गुप्त प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई इस कार्रवाई में उच्च गुणवत्ता वाली सिंथेटिक ड्रग्स, इनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायन और आधुनिक उपकरणों की बड़ी खेप बरामद की गई है। कार्रवाई के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल है। एजेंसी दोनों आरोपियों से पूछताछ कर ड्रग्स के निर्माण, आपूर्ति और वितरण से जुड़े बड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
ग्रेटर नोएडा में दो गुप्त ड्रग लैब पकड़े जाने को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ी सफलता बताया है। गृह मंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर एनसीबी की कार्रवाई की सराहना की। कार्यालय ने इसे खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण बताया। साथ ही कहा कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार में शामिल गिरोहों को खत्म करना और उनकी आपूर्ति शृंखला को पूरी तरह तोड़ना है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच में जुटी एजेंसी
एनसीबी की कार्रवाई में दो गुप्त प्रयोगशालाओं से सिंथेटिक ड्रग्स, इनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायन और उपकरण बरामद हुए हैं। हालांकि आधिकारिक जानकारी में अभी तक बरामद मादक पदार्थों का नाम, कुल मात्रा, दोनों प्रयोगशालाओं के सटीक स्थान और गिरफ्तार आरोपियों की पहचान का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद मामले में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका की जांच भी अहम हो गई है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रयोगशालाओं में तैयार किए जा रहे मादक पदार्थों की आपूर्ति कहां की जाती थी, इनके लिए कच्चा माल कहां से आता था और इस पूरे कारोबार में कितने लोग शामिल हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर संभावित खरीदारों, सप्लायरों और वितरण नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता या ड्रग्स की आपूर्ति के किसी खास मार्ग के बारे में निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
दिसंबर 2029 तक कार्टेल खत्म करने का लक्ष्य
गृह मंत्री कार्यालय ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह कार्रवाई देश में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को खत्म करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यालय के मुताबिक, एनसीबी की यह सफलता अंतरराष्ट्रीय और घरेलू ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की रणनीति के अनुरूप है। पोस्ट में नारकोटिक्स कंट्रोल के विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 का भी उल्लेख किया गया। इसके तहत दिसंबर 2029 तक ड्रग कार्टेल को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत अभियान से जुड़ी है। सरकार की रणनीति में अवैध ड्रग निर्माण पर रोक लगाने, अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की पहचान करने और मादक पदार्थों की आपूर्ति शृंखला को बाधित करने पर जोर दिया गया है। नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति गृह मंत्री कार्यालय ने एनसीबी को इस बड़ी सफलता के लिए बधाई दी।
स्थानीय पुलिस को कार्रवाई से रखा दूर
एनसीबी ने अपनी कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस को साथ नहीं लिया। साथ ही कोई आमद भी दर्ज नहीं कराई और ना ही विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी की जानकारी दी। पता चला है कि ड्रग लैब यमुना सिटी के समीप एक गांव में पुराने मकान में चल रही थी। मकान कासना के किसी व्यक्ति का है। पुलिस की ओर से उससे पूछताछ की जा रही है। साथ ही आरोपियों को कमरा किराए पर देने की जानकारी जुटाई का रही है। ग्रेटर नोएडा में दो गुप्त प्रयोगशालाओं का खुलासा जिले में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण से जुड़े नेटवर्क की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अब जांच का प्रमुख बिंदु यह होगा कि इन प्रयोगशालाओं का संचालन कौन कर रहा था और तैयार ड्रग्स को किन बाजारों तक पहुंचाया जा रहा था। एनसीबी की पूछताछ और आगे की जांच से इस नेटवर्क की वास्तविक पहुंच और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
एनसीबी ने कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस को शामिल नहीं किया था। पुलिस मामले की जांच का रही है। - श्रवण कुमार सिंह, डीसीपी ग्रेटर नोएडा