दिल्ली को बिन-मुक्त बनाने की तैयारी: कूड़ेदानों पर निर्भरता घटेगी, हर वार्ड की बनेगी अलग कचरा प्रबंधन योजना
एमसीडी ने दिल्ली को बिन-मुक्त बनाने की तैयारी की। सामुदायिक कूड़ेदानों पर निर्भरता 20 फीसदी तक घटेगी। तीन जोन में तीन महीने में पायलट परियोजना होगी। 17 सितंबर से 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान भी चलेगा।
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दिल्ली को बिन-मुक्त बनाने के लिए एमसीडी ने तैयारी शुरू कर दी है। स्वच्छता विभाग को सामुदायिक कूड़ेदानों पर निर्भरता चरणबद्ध तरीके से घटाकर मौजूदा स्तर के अधिकतम 20 प्रतिशत तक लाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए तीन जोन में तीन महीने के भीतर पायलट परियोजना शुरू होगी। साथ ही, हर वार्ड की जरूरत के अनुसार अलग कचरा संग्रहण और प्रबंधन मॉडल तैयार किया जाएगा।
निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने सभी जोनल उपायुक्तों को वार्डवार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। करीब 5-6 किलोमीटर के दायरे में गीले कचरे के विकेंद्रीकृत उपचार के लिए उपयुक्त भूमि और सुविधाओं की पहचान होगी। सीबीजी, बायोगैस और कंपोस्टिंग जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर रहेगा।
संकरी गलियों में भी जाएंगे छोटे टिपर
आरडब्ल्यूए, ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, अनधिकृत कॉलोनियों, झुग्गी बस्तियों, अस्पतालों और बाजारों के लिए अलग-अलग कचरा संग्रहण मॉडल अपनाए जाएंगे। संकरी गलियों में छोटे या विशेष डिजाइन वाले टिपर तैनात किए जाएंगे, ताकि घर-घर कचरा संग्रहण हो और सड़क किनारे कूड़ा डालने पर रोक लगे। बाजारों को भी चरणबद्ध तरीके से बिन-मुक्त बनाने की योजना है।
जीरो वेस्ट कॉलोनी मॉडल लाएंगे फिर से
अधिक आवाजाही वाले और वाणिज्यिक क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई और मशीनीकृत गीली सफाई को मजबूत किया जाएगा। एमसीडी की 823 जीरो वेस्ट कॉलोनियों के मॉडल को अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। लक्षित कॉलोनियों में आरडब्ल्यूए को श्रेडिंग मशीन उपलब्ध कराने की लागत और आर्थिक व्यवहार्यता का भी आकलन होगा।
17 सितंबर से स्वच्छता ही सेवा अभियान
एमसीडी 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान में भाग लेगा। अभियान में गंदे स्थानों का कायाकल्प, सार्वजनिक स्थलों की सफाई, स्कूलों और युवाओं की भागीदारी तथा स्रोत पर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। सफाई मित्रों के कल्याण, पौधारोपण, वेस्ट टू आर्ट और प्लास्टिक रीसाइक्लिंग मेले जैसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी।