बाप बना जल्लाद: दोस्त के संग बेटे की हत्या कर शव कंटेनर में छोड़ा, आरोपी ने बताया- हिंसक भी हो जाता था वह
गुल हसन की हत्या का खुलासा हुआ। पिता तालुकदार अंसारी व साथी मो. वसीम उर्फ अकरम ने दिमागी रूप से बीमार हिंसक बेटे से छुटकारा पाने के लिए उसे मारा।
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दक्षिण-पूर्व जिले के कालिंदी कुंज थाना इलाके में बबलू के कंटेनर में मृत मिले 38 वर्षीय व्यक्ति गुल हसन की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। गुल हसन के पिता तालुकदार अंसारी (64) ने अपने साथी मो. वसीम उर्फ अकरम (49) के साथ मिलकर अपने बेटे की हत्या की थी। बेटा गुल हसन करीब 20 वर्षों से दिमागी रूप से बीमार था और वह हिंसक होकर पिता के साथ मारपीट करता था। ऐसे में पिता उससे छुटकारा पाना चाहता था।
पुलिस ने तालुकदार अंसारी और मो. वसीम उर्फ अकरम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए पत्थर और कपड़े की रस्सी बरामद की है। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि कालिंदी कुंज पुलिस स्टेशन के इलाके में कच्ची कॉलोनी, गली नंबर 1 के पास और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से लगभग 500 मीटर पूर्व में एनटीपीसी की दीवार के बगल में स्थित एक सुनसान कंटेनर (जिसे स्थानीय लोग बबलू का कंटेनर कहते हैं) के अंदर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना 23 अगस्त को शाम करीब 7:13 बजे मिली थी।
सूचना मिलने पर कालिंदी कुंज थानाध्यक्ष रमन कुमार सिंह स्टाफ के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। हत्या का मामला दर्ज कर कालिंदी कुंज थानाध्यक्ष रमन कुमार सिंह, इंस्पेक्टर किशोर कुमार, एसआई अमित, स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र डागर व एसआई नागेंद्र और नारकोटिक्स प्रभारी इंस्पेक्टर विष्णु दत्त की टीम ने जांच शुरू की।
ऐसे की हत्या
तालुकदार अंसारी बुजुर्ग है। वह बेटे से पीछा छुड़ाना चाहता था, मगर वह अकेले उसकी हत्या नहीं कर सकता था। ऐसे में उसने अपने साथ काम करने वाले कारीगर मो. वसीम को साथ मिलाया।
आरोपियों ने गुल हसन को डॉक्टर के पास ले जाने के बहाने एक सुनसान कंटेनर तक बुलाया। सुनसान जगह पर पहुंचने के बाद मो. वसीम उर्फ अकरम ने उसे पत्थर मारा, जिसके बाद तालुकदार अंसारी ने भी उस पर वार किए। आरोप है कि कपड़े के टुकड़ों से बनी रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। बाद में शव को एक खाली पड़े कंटेनर में छोड़ दिया गया।