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पश्चिमी यूपी: गंगा खतरे के निशान से ऊपर, कार्तिक मेले की तैयारी संकट में; रेताली मैदान खाली कराने की चुनौती
Wed, 30 Sep 2026 04:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गढ़मुक्तेश्वर
अमर उजाला नेटवर्क, गढ़मुक्तेश्वर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 30 Sep 2026 04:18 AM IST
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार ब्रजघाट और गंगानगरी क्षेत्र में नदी का जलस्तर 198.56 मीटर दर्ज किया गया। इससे खादर क्षेत्र में एक बार फिर पानी की समस्या बढ़ने लगी है।
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चेतावनी का निशान 198.33 मीटर है।
- फोटो : अमर उजाला
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गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर चेतावनी के निशान से ऊपर पहुंच गया है। मंगलवार शाम तक बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार ब्रजघाट और गंगानगरी क्षेत्र में नदी का जलस्तर 198.56 मीटर दर्ज किया गया। इससे खादर क्षेत्र में एक बार फिर पानी की समस्या बढ़ने लगी है। जबकि चेतावनी का निशान 198.33 मीटर है।
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गांव काकाठेर की मढ़ैया की ओर खेतों में पानी पहुंच गया है, जबकि चकलठीरा गांव में भी फसलों तक पानी पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने 14 नवंबर से शुरू होने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारियों को लेकर भी प्रशासन की मुश्किल बढ़ा दी है। मेले में करीब 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
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इसके लिए गंगा किनारे घाट तैयार करने के साथ ही अस्थायी रास्ते, पुलिस लाइन, प्रशासनिक अधिकारियों के कैंप और अन्य व्यवस्थाएं रेताली मैदान में की जाती हैं। ऐसे में यदि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा तो मेला क्षेत्र के लिए निर्धारित रेताली मैदान में पानी पहुंचने की आशंका बनी रहेगी। इससे मेला स्थल तैयार करने के लिए उपलब्ध जमीन कम हो सकती है और प्रशासन को व्यवस्थाएं जुटाने में अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ सकती है।
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खास तौर पर गंगा किनारे अस्थायी घाट और श्रद्धालुओं के आवागमन के रास्ते तैयार करना चुनौतीपूर्ण होगा। प्रशासन के सामने अब जलस्तर पर लगातार नजर रखने के साथ ही मेला क्षेत्र की जमीन को सुरक्षित रखने की चुनौती है।
एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि पिछले तीन दिनों में बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर बढ़ गया है। उम्मीद है आगामी दिनों में जलस्तर सामान्य हो जाएगा। मेले की तैयारी शुरू कर दी जाएंगी।