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बंगाल में नहीं थम रहा बवाल: SRFTI परिसर कोलकाता 11 दिसंबर तक बंद, प्रशासन पर आंदोलनरत छात्रों के आरोप क्या?

Fri, 06 Nov 2026 04:49 AM IST
ज्योति भास्कर पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता। Published by: ज्योति भास्कर Updated Fri, 06 Nov 2026 04:49 AM IST
सार
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कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच परिसर को 11 दिसंबर तक बंद कर दिया गया है। छात्र प्रशासन पर दमनकारी उपाय अपनाने का आरोप लगा रहे हैं।

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Bengal SRFTI Closure Extend film institute Student Protest Admin Coercion RSS Akhil Bharatiya Grahak Panchayat
कोलकाता में एसआरएफटीआई के छात्र आंदोलनरत (फाइल) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल में छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के अधिकारियों ने परिसर को 11 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश बढ़ा दिया है। यह फैसला छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है। छात्र प्रशासन पर संकट को हल करने के बजाय दमनकारी उपाय अपनाने का आरोप लगा रहे हैं। संस्थान में 27 सितंबर से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।

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24 घंटे के भीतर परिसर खाली करने का निर्देश

यह विरोध परिसर में आरएसएस से जुड़े अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों पर कथित हमलों के बाद शुरू हुआ था। 4 अक्तूबर को बंगीय हिंदू जागरण मंच की एक रैली के दौरान दूसरे कथित हमले के बाद आंदोलन तेज हो गया। छात्रों ने धरने दिए और अपनी सुरक्षा, निजता व आवाजाही की स्वतंत्रता पर चिंता जताई। एक वरिष्ठ SRFTI अधिकारी ने बताया कि फिल्म और इलेक्ट्रॉनिक एंड डिजिटल मीडिया (ईडीएम) विंग के डीन से परामर्श के बाद यह आदेश बढ़ाया गया है। संस्थान ने 16 अक्तूबर को फिल्म और ईडीएम विंग में शैक्षणिक गतिविधियां निलंबित कर दी थीं। सभी छात्रों को 24 घंटे के भीतर परिसर खाली करने का निर्देश भी दिया गया था। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन उन्हें सामूहिक रूप से दंडित कर रहा है। वे फैकल्टी सदस्यों और रिसोर्स पर्सन पर भी कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं।

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क्या हैं छात्रों के मुख्य आरोप?

छात्रों का दावा है कि प्रशासन ने अब तक दो संविदा फैकल्टी सदस्यों को सेवा से हटा दिया है। साथ ही पांच रिसोर्स पर्सन की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। छात्रों ने यह भी बताया कि एक फैकल्टी सदस्य को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उन पर प्रसिद्ध सिनेमैटोग्राफर और डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता रंजन पालित को कार्यशाला आयोजित करने के लिए परिसर में लाने में मदद करने का आरोप है। छात्रों ने 'यह प्रशासनिक विफलता कब तक जारी रहेगी?' शीर्षक से एक बयान जारी किया। इसमें उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों के निलंबन के साथ भोजन, पीने के पानी, बिजली और वाई-फाई जैसी आवश्यक सुविधाओं से वंचित होने का आरोप लगाया।

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प्रशासन का क्या कहना है?

SRFTI के अधिकारियों ने सुरक्षा उपायों को आवश्यक बताया है। उन्होंने छात्रों पर डराने-धमकाने, शारीरिक शोषण और तोड़फोड़ के आरोपों का हवाला दिया। अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ आंदोलनकारी छात्र "बाहरी तत्वों" से प्रेरित हैं। उनके अनुसार, ये छात्र मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं। प्रशासन ने कहा कि छात्रों को परिसर खाली करने के निर्देश के बावजूद वे छात्रावास सुविधाओं पर कब्जा जमाए हुए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि 13 अक्तूबर को फिल्म और डिजिटल मीडिया की कक्षाएं 13 नवंबर तक निलंबित की गई थीं।

छात्रों की क्या मांगें हैं?

छात्रों का कहना है कि उन्हें ऐसी परिस्थितियों में रहने और पढ़ाई जारी रखने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ये स्थितियां उनकी सुरक्षा, गरिमा और भलाई के लिए स्वीकार्य या अनुकूल नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि SRFTI के इतिहास में ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। छात्रों ने संस्थान के अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की है। उन्होंने सामान्य शैक्षणिक और परिसर जीवन को तत्काल बहाल करने की भी मांग की है। छात्रों का कहना है कि प्रशासन को संकट का समाधान करना चाहिए, न कि दमनकारी उपाय अपनाने चाहिए।

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