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बायोकेयर प्रोग्राम 2026-27: महिला शोधकर्ताओं के लिए रिसर्च में कॅरिअर बनाने का मौका, 23 सितंबर तक करें आवेदन
Sat, 19 Sep 2026 03:16 PM IST
शाहीन परवीन
रीता कुमारी
रीता कुमारी
Published by: शाहीन परवीन
Updated Sat, 19 Sep 2026 03:16 PM IST
बायोकेयर प्रोग्राम 2026-27 के तहत महिला शोधकर्ताओं को रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपना कॅरिअर विकसित करने का मौका दिया जा रहा है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 23 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकती हैं।
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बायोकेयर प्रोग्राम 2026-27
- फोटो : AI
विस्तार
जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बायोटेक्नोलॉजी कॅरिअर एडवांसमेंट एंड री-ओरिएंटेशन (बायोकेयर) प्रोग्राम 2026-27 के लिए महिला शोधकर्ताओं से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिला शोधकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके कॅरिअर विकास को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के तहत पात्र महिला शोधकर्ताओं को प्रस्तावित शोध परियोजना के लिए फेलोशिप के साथ शोध कार्य से जुड़े खर्चों के लिए समेकित अनुदान दिया जाएगा। इससे महिला शोधकर्ताओं को अपने शोध कार्य को आगे बढ़ाने और रिसर्च के क्षेत्र में कॅरिअर विकसित करने का अवसर मिलेगा।
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55 वर्ष तक की महिलाएं पात्र
कार्यक्रम के लिए भारतीय महिला नागरिक आवेदन कर सकती हैं, हालांकि इसके लिए जरूरी है कि आवेदन की अंतिम तिथि तक अभ्यर्थी की उम्र 55 वर्ष से अधिक न हों। शोध परियोजना की अवधि अधिकतम तीन वर्ष की होगी। फेलोशिप परियोजना की अवधि के साथ ही समाप्त होगी। यानी परियोजना जितनी अवधि के लिए स्वीकृत होगी, फेलोशिप भी उसी अवधि तक जारी रहेगी। साथ ही उम्मीदवारों के लिए यह भी आवश्यक है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि तक किसी नियमित पद पर कार्यरत न हों।
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दो श्रेणियों में शैक्षणिक योग्यता
आवेदन के लिए दो श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। पहली श्रेणी में एक में बायोटेक्नोलॉजी, लाइफ साइंसेज, एलाइड एरिया, इंटरडिसिप्लिनरी साइंसेज में पीएचडी पूरी कर चुकी महिला शोधकर्ता आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा एमडी, एमडीएस और एमवीएससी डिग्री धारक भी इस श्रेणी के लिए पात्र हैं। दूसरी श्रेणी में बायोटेक्नोलॉजी या उससे जुड़े क्षेत्रों में एमटेक, एमफार्मा या समकक्ष डिग्री पूरी करने वाली महिला शोधकर्ता आवेदन कर सकती हैं। जो उम्मीदवार उच्च शिक्षा या पीएचडी में पंजीकृत या नामांकित हैं अथवा किसी अन्य फेलोशिप का लाभ ले रही हैं, वे आवेदन नहीं कर सकतीं।पहली रिसर्च ग्रांट के लिए अवसर
जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बायोकेयर प्रोग्राम के तहत शोध कार्य के लिए महिला शोधकर्ता को समेकित अनुदान दिया जाएगा। इसमें प्रस्तावित शोध परियोजना को पूरा करने के लिए आवश्यक नॉन-रिकरिंग और रिकरिंग खर्चों के साथ फेलोशिप भी शामिल होगी। यह सहायता उन महिला शोधकर्ताओं के लिए है, जो बेरोजगार हैं या नियमित पद पर कार्यरत नहीं हैं। जिन शोधकर्ताओं को पहले किसी सरकारी फंडिंग एजेंसी से ग्रांट मिल चुकी है, वे इस कार्यक्रम के लिए पात्र नहीं होंगी।- इस बायोकेयर प्रोग्राम के लिए आवेदक की अधिकतम उम्र 55 वर्ष निर्धारित की गई है।
- शोध परियोजना की अधिकतम अवधि तीन वर्ष तक होगी।
- शोधकर्ता 23 सितंबर, 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।
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