एनटीए को जवाबदेह बनाने की तैयारी: संसदीय समिति ने बताई पेपर लीक रोकने की राह, क्या सुझाव दिए?
नीट यूजी 2026 पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद संसदीय समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की जवाबदेही तय करने के लिए संसद में उचित कानूनी ढांचा बनाने की सिफारिश की है। समिति ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा, सरकारी केंद्रों और बड़े प्रश्न बैंक पर जोर दिया।
विस्तार
9 अक्तूबर को शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में कहा कि शिक्षा विभाग को ऐसा संसदीय ढांचा तैयार करना चाहिए, जिससे एनटीए दोनों सदनों के प्रति जवाबदेह हो।
समिति के अनुसार, एनटीए की परीक्षाओं पर भरोसा बनाए रखना सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय अखंडता से जुड़ा विषय है। एजेंसी ने पहले सुधार के प्रयास किए हैं, लेकिन नीट यूजी 2026 की परीक्षा रद्द होने से स्पष्ट है कि अभी और सुधार की जरूरत है।
नीट यूजी 2026 की परीक्षा क्यों रद्द हुई थी?
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने 3 मई 2026 को नीट यूजी की परीक्षा आयोजित की थी। पेपर लीक के आरोपों के बीच 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। इस मामले के बाद समिति ने परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और पारदर्शिता मजबूत करने के लिए कई सुझाव दिए।
रिपोर्ट में कहा गया कि परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोह लगातार नए तरीके अपनाते हैं और व्यवस्था की कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। इसलिए एनटीए के पास पर्याप्त कर्मचारी, मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल, स्पष्ट जवाबदेही व्यवस्था और डिजिटल संचालन की बेहतर सुविधाएं होनी चाहिए।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए समिति ने क्या सुझाव दिए?
समिति ने परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए कई प्रमुख सुधार सुझाए हैं।
- कंप्यूटर आधारित परीक्षा: पेन-पेपर के बजाय कंप्यूटर आधारित परीक्षा मॉडल को बढ़ावा दिया जाए।
- सरकारी परीक्षा केंद्र: प्रवेश परीक्षाओं के लिए सरकार के स्वामित्व और संचालन वाले केंद्रों का इस्तेमाल बढ़ाया जाए।
- निजी केंद्रों पर निर्भरता कम हो: परीक्षा आयोजित करने के लिए निजी केंद्रों पर निर्भरता घटाई जाए।
- प्रश्न बैंक का विस्तार: प्रश्नों का बड़ा, विविध और नियमित रूप से अपडेट होने वाला बैंक तैयार किया जाए।
- देरी से पहुंचने वाले अभ्यर्थी: परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने वाले विद्यार्थियों को अंडरटेकिंग लेने के बाद परीक्षा में बैठने की अनुमति देने पर विचार किया जाए।
पेपर लीक रोकने में प्रश्न बैंक क्यों अहम है?
समिति ने प्रश्न बैंक में निवेश को लंबे समय में पेपर लीक रोकने के सबसे प्रभावी उपायों में से एक बताया। रिपोर्ट के अनुसार, बार-बार एक ही प्रश्नों का इस्तेमाल करना या हर साल परीक्षकों से नए प्रश्नपत्र तैयार करवाना परीक्षा की निष्पक्षता के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
समिति ने सुझाव दिया कि एनटीए एक बड़ा और विविध प्रश्न बैंक बनाए, जिसे लगातार अपडेट किया जाए। इससे प्रश्नपत्र तैयार करते समय प्रश्नों का चयन ऐसे तरीके से किया जा सकेगा कि प्रश्न तैयार करने वालों को पहले से यह जानकारी न हो कि अंतिम प्रश्नपत्र में कौन-से सवाल शामिल होंगे।
समिति की सिफारिशों का उद्देश्य एनटीए की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, परीक्षा सुरक्षा मजबूत करना और संसद के प्रति उसकी जवाबदेही सुनिश्चित करना है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए केवल तकनीकी बदलाव पर्याप्त नहीं हैं; पर्याप्त कर्मचारी, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और स्पष्ट जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी है।
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