ऊर्जामंथन: सौर ऊर्जा से हरित हाइड्रोजन तक, राष्ट्रीय क्विज में परखें अपना ज्ञान; जीतने पर मिलेंगे एक लाख रुपये
RE:Think Renewable Energy Quiz 2026: ‘ऊर्जा मंथन’ राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा क्विज 2026 में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थी, कॉलेज विद्यार्थी और युवा पेशेवर हिस्सा ले सकेंगे। क्विज में विजेताओं को एक लाख रुपये तक का पुरस्कार मिलेगा। यूजीसी ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) से अनुरोध किया है कि छात्रों को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
विस्तार
UGC's Quiz On Renewable Energy: भारत में स्वच्छ ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर युवाओं की समझ बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर क्विज आयोजित की जा रही है। इसका नाम ‘आरई:थिंक-थिंक बियॉन्ड एनर्जी’ यानी ‘ऊर्जा मंथन’ राष्ट्रीय क्विज 2026 है। इस क्विज का आयोजन नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से किया जा रहा है। नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया इसका ज्ञान सहयोगी है।
यूजीसी ने सभी शिक्षण संस्थानों से आग्रह किया है कि योग्य छात्रों के बीच इस क्विज का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और छात्रों को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
कहां होगा क्विज का आयोजन?
यह क्विज भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 के तहत आयोजित की जा रही है। सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा। क्विज के जरिए विद्यार्थियों और युवाओं को जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा बदलाव से जुड़े विषयों की जानकारी देने का प्रयास किया गया है।
कौन ले सकता है हिस्सा?
‘ऊर्जा मंथन’ में स्कूली विद्यार्थियों, कॉलेज विद्यार्थियों और युवा पेशेवरों के लिए अलग-अलग श्रेणियां रखी गई हैं।
| श्रेणी | पात्रता |
|---|---|
| स्कूली विद्यार्थी | कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले विद्यार्थी |
| कॉलेज विद्यार्थी | 17 से 25 वर्ष की आयु के पूर्णकालिक विद्यार्थी, जो मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थान में पढ़ रहे हों |
| युवा पेशेवर | 30 वर्ष तक की आयु वाले युवा पेशेवर या शोधकर्ता |
दो सदस्यों की होगी टीम
- क्विज में भाग लेने वाली प्रत्येक टीम में दो सदस्य होना जरूरी है। दोनों सदस्य एक ही श्रेणी से होने चाहिए।
- स्कूली विद्यार्थियों की टीम के लिए एक टीम मार्गदर्शक या समन्वयक की पहचान करना अनिवार्य है।
- कॉलेज विद्यार्थियों और युवा पेशेवरों के लिए जहां लागू हो, वहां मार्गदर्शक या समन्वयक रखा जा सकता है।
तीन चरणों में होगी प्रतियोगिता
प्रतियोगिता को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। शुरुआती चरण ऑनलाइन होंगे, ताकि देशभर के प्रतिभागी इसमें शामिल हो सकें। इसके बाद कॉलेज विद्यार्थियों के लिए अंतिम मुकाबला भारत मंडपम में आमने-सामने होगा।
| चरण | तारीख | माध्यम | आगे बढ़ने का नियम |
|---|---|---|---|
| क्षेत्रीय चरण | 22, 23 और 24 सितंबर 2026 | ऑनलाइन | स्कूल और युवा पेशेवर श्रेणी से प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष 3 टीमें आगे जाएंगी। कॉलेज श्रेणी से प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष 1 टीम आगे जाएगी। |
| राष्ट्रीय अंतिम चरण | 13 और 14 अक्तूबर 2026 | ऑनलाइन | स्कूल और युवा पेशेवर श्रेणी की अंतिम रैंकिंग ऑनलाइन लाइव सत्र के आधार पर तय होगी। |
| ग्रैंड फाइनल | 5 नवंबर 2026 | आमने-सामने | कॉलेज श्रेणी की पांच क्षेत्रीय विजेता टीमें भारत मंडपम में मंच पर मुकाबला करेंगी। |
पांच क्षेत्रों में बांटा गया है देश
राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभागियों को पांच भौगोलिक क्षेत्रों में बांटा गया है।
| क्षेत्र | राज्य और केंद्र शासित प्रदेश |
|---|---|
| उत्तर | दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश |
| पश्चिम | गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव |
| दक्षिण | कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह |
| पूर्व | पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ |
| उत्तर-पूर्व | असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम |
कैसे होगा क्षेत्रीय चरण का क्विज?
- क्षेत्रीय चरण में कुल 50 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्न नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अलग-अलग विषयों पर आधारित होंगे।
- क्विज अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में होगा। प्रत्येक सही उत्तर के लिए एक अंक मिलेगा। गलत उत्तर के लिए कोई अंक नहीं काटा जाएगा।
- अगर दो टीमों के अंक समान रहते हैं तो कम समय में क्विज पूरा करने वाली टीम को ऊंची रैंक दी जाएगी।
पंजीकरण को लेकर क्या है खास नियम?
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार पंजीकरण अगस्त-सितंबर 2026 में होगा। इसमें ‘जस्ट-इन-टाइम’ व्यवस्था रखी गई है। इसका मतलब है कि टीमों को अपने तय किए गए क्विज सत्र वाले दिन ही लॉगिन या पंजीकरण करना होगा।
लॉगिन की प्रक्रिया पूरी होते ही समय की गणना शुरू हो जाएगी। इसलिए प्रतिभागियों को अपने निर्धारित सत्र के समय पर तैयार रहना होगा।
क्विज में किन विषयों से सवाल आएंगे?
क्विज का मुख्य विषय ‘विकसित भारत के लिए नवीकरणीय ऊर्जा’ रखा गया है। प्रश्न तकनीकी स्तर के बजाय सामान्य समझ, अवधारणाओं और नीतियों पर आधारित होंगे।
| विषय | प्रमुख क्षेत्र |
|---|---|
| सौर ऊर्जा | पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना, छत पर सौर ऊर्जा, सौर पार्क और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं |
| पवन और जैव ऊर्जा | स्थल आधारित और समुद्र आधारित पवन ऊर्जा, लघु जल विद्युत, जैव ऊर्जा और कचरे से ऊर्जा |
| उभरती तकनीक | हरित हाइड्रोजन, बैटरी भंडारण, कृषि-सौर व्यवस्था और तैरती सौर परियोजनाएं |
| ऊर्जा नीति | पीएम-कुसुम, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन और मिश्रित ऊर्जा नीतियां |
| वैश्विक जलवायु | शुद्ध-शून्य लक्ष्य, भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान और कॉप से जुड़ी प्रतिबद्धताएं |
| दैनिक जागरूकता | ऊर्जा संरक्षण, कार्बन पदचिह्न की गणना और टिकाऊ जीवनशैली |
कॉलेज विद्यार्थियों के ग्रैंड फाइनल में बदलेगा प्रारूप
- कॉलेज श्रेणी की पांच क्षेत्रीय विजेता टीमें ग्रैंड फाइनल में आमने-सामने मुकाबला करेंगी। यह आयोजन 5 नवंबर 2026 को भारत मंडपम में होगा।
- इस चरण में बहुविकल्पीय प्रश्नों के बजाय बजर राउंड और मल्टीमीडिया राउंड होंगे। इनका संचालन एक पेशेवर क्विज मास्टर करेगा।
जीतने वालों को कितनी पुरस्कार राशि मिलेगी?
क्विज में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों के लिए नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र की व्यवस्था की गई है।
| स्थान | पुरस्कार |
|---|---|
| पहला | 1 लाख रुपये, ट्रॉफी और उत्कृष्टता प्रमाणपत्र |
| दूसरा | 60 हजार रुपये, ट्रॉफी और योग्यता प्रमाणपत्र |
| तीसरा | 40 हजार रुपये और योग्यता प्रमाणपत्र |
इसके अलावा सभी अंतिम चरण में पहुंचने वाले और क्वालिफाई करने वाले प्रतिभागियों को भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 के तहत औपचारिक पहचान और प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
किन लोगों को भाग लेने की अनुमति नहीं होगी?
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, उसके स्वायत्त निकायों और संबंधित सार्वजनिक उपक्रमों के नियमित या संविदा कर्मचारी इस क्विज में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
इनमें राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान, राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान, सरदार स्वर्ण सिंह राष्ट्रीय जैव-ऊर्जा संस्थान, भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी और सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया जैसे संस्थान शामिल हैं। नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया के कर्मचारी भी पात्र नहीं होंगे।
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