फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   UP PET 2026: Candidates Troubled by Distant Exam Centres, Chandrashekhar Questions Issue

यूपी पीईटी 2026: सैकड़ों किमी दूर परीक्षा केंद्र, अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ी, नगीना सांसद ने क्या मुद्दा उठाया?

Wed, 21 Oct 2026 05:09 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Wed, 21 Oct 2026 05:09 PM IST
सार
Register For Event

उत्तर प्रदेश पीईटी 2026 में परीक्षा केंद्र दूर मिलने से अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसी को कथित रूप से 520 तो किसी को 650 किलोमीटर दूर परीक्षा देने जाना होगा। यात्रा के खर्च और समय की चिंता के बीच केंद्र बदलने की मांग उठ रही है। इसी बीच नगीना सांसद चंद्रशेखर ने दो परीक्षाओं की तारीख एक होने का मुद्दा भी उठाया है।
 

विज्ञापन
UP PET 2026: Candidates Troubled by Distant Exam Centres, Chandrashekhar Questions Issue
UP PET 2026 Center Allotment Issue - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

उत्तर प्रदेश प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) 2026 में शामिल होने जा रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा की तैयारी के साथ अब केंद्र तक पहुंचना भी बड़ी चुनौती बन गया है। कई उम्मीदवारों को अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। इससे यात्रा का खर्च बढ़ने के साथ समय पर केंद्र पहुंचने और थकान की चिंता भी बढ़ गई है।

विज्ञापन


कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें 520 किलोमीटर, तो कुछ को 650 किलोमीटर दूर जाकर परीक्षा देनी होगी। ऐसे में उम्मीदवार परीक्षा केंद्र बदलने की मांग कर रहे हैं। दूर परीक्षा केंद्र मिलने के कुछ मामले इस प्रकार हैं:

विज्ञापन
  • जौनपुर के एक अभ्यर्थी को परीक्षा देने के लिए करीब 520 किलोमीटर दूर मैनपुरी जाना होगा।
  • प्रयागराज के एक उम्मीदवार को लगभग 650 किलोमीटर दूर गाजियाबाद में परीक्षा देनी होगी।
  • प्रतापगढ़ के एक अभ्यर्थी को फिरोजाबाद में केंद्र आवंटित किया गया है।
  • पीलीभीत के एक उम्मीदवार को बिजनौर में परीक्षा केंद्र मिला है।

इन मामलों ने परीक्षा केंद्रों के आवंटन और अभ्यर्थियों की सुविधा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दूर परीक्षा केंद्र मिलने से किन मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा?

परीक्षा केंद्र घर से काफी दूर होने पर अभ्यर्थियों को केवल लंबा सफर ही नहीं करना होगा, बल्कि उनकी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी भी प्रभावित हो सकती है। यात्रा की थकान का असर परीक्षा के दिन उनके प्रदर्शन पर भी पड़ सकता है। अभ्यर्थियों के सामने मुख्य रूप से ये चुनौतियां हो सकती हैं:

विज्ञापन
विज्ञापन
  • पढ़ाई पर असर: यात्रा की तैयारी और आने-जाने में लगने वाले समय से पढ़ाई के लिए कम समय बचेगा।
  • थकान की समस्या: लंबी दूरी तय करने से शारीरिक और मानसिक थकान बढ़ सकती है।
  • सीधी बस या ट्रेन की कमी: कई शहरों के बीच सीधी परिवहन सुविधा नहीं होने पर रास्ते में वाहन बदलना पड़ सकता है।
  • कंफर्म रेल टिकट की परेशानी: समय पर यात्रा के लिए कंफर्म टिकट मिलना भी एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

इन परिस्थितियों में अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले यात्रा की योजना बनाने में अतिरिक्त समय और मेहनत लगानी पड़ सकती है।

दूर केंद्र मिलने से कितना बढ़ेगा खर्च?

परीक्षा केंद्र दूर होने पर उम्मीदवारों को घर से पहले निकलना पड़ सकता है। यात्रा के अलावा खाने-पीने और जरूरत पड़ने पर ठहरने का खर्च भी उठाना होगा। इससे उन अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है, जिनके पास सीमित संसाधन हैं।

महिला अभ्यर्थियों को भी लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित और समय पर पहुंचना उनके लिए एक अहम चिंता बन सकता है।

आयोग ने दूर परीक्षा केंद्र आवंटित करने पर क्या सफाई दी?

परीक्षा केंद्रों को लेकर उठ रहे सवालों पर आयोग ने कहा कि केंद्रों का आवंटन कंप्यूटर आधारित व्यवस्था के माध्यम से किया गया है। आयोग के अनुसार, पूर्वांचल के कुछ जिलों में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक है, जबकि वहां परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता कम है। इसके उलट पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केंद्र अधिक उपलब्ध हैं।

इसी अंतर के कारण उम्मीदवारों को अलग-अलग शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। हालांकि, दूर केंद्र मिलने से परेशान अभ्यर्थी अब केंद्र बदलने की मांग कर रहे हैं।

सांसद चंद्रशेखर ने भी उठाया मुद्दा, दो परीक्षाओं की तारीख पर क्या कहा?

नगीना से सांसद चंद्रशेखर ने भी पीईटी अभ्यर्थियों की समस्याओं का मुद्दा उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए पीईटी 2026 और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तारीख एक होने से पैदा हुई परेशानी की ओर ध्यान दिलाया।

उन्होंने लिखा, "25 अक्तूबर को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET-2026) और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा एक ही दिन निर्धारित होने से अभ्यर्थियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। पीईटी की परीक्षा 25 और 30 अक्तूबर तथा 1 नवंबर को आयोजित होनी है। दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को 25 अक्तूबर को एक परीक्षा छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।"

उन्होंने आगे लिखा, "पीईटी की परीक्षा तिथियां पहले से प्रस्तावित थीं, जबकि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने बाद में पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि 25 अक्तूबर घोषित की। इतना ही नहीं, पीईटी के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन को भी केंद्र बनाया गया है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसी दिन पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।"



सांसद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तारीख बदलने की मांग करते हुए कहा, "विश्वविद्यालय प्रशासन को अभ्यर्थियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि में बदलाव करना चाहिए, ताकि दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले किसी भी अभ्यर्थी का एक अवसर न छिने।"

कितने अभ्यर्थी देंगे पीईटी 2026 की परीक्षा?

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की पीईटी 2026 परीक्षा में इस बार बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल होंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परीक्षा के लिए करीब 35.41 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

परीक्षा का आयोजन 25 और 30 अक्तूबर तथा 1 नवंबर 2026 को किया जाना है। इसके लिए प्रदेश के 60 जिलों में 1,372 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा तीन दिनों तक दो पालियों में आयोजित होगी। परीक्षा से जुड़ी प्रमुख जानकारी:

  • कुल आवेदन: करीब 35.41 लाख
  • परीक्षा की तारीखें: 25 और 30 अक्तूबर तथा 1 नवंबर 2026
  • परीक्षा वाले जिले: 60
  • परीक्षा केंद्र: 1,372
  • परीक्षा की व्यवस्था: तीन दिन, प्रतिदिन दो पालियां

पीईटी 2026 के अभ्यर्थियों के सामने फिलहाल दो प्रमुख चिंताएं हैं। पहली, घर से काफी दूर परीक्षा केंद्र मिलने के कारण यात्रा और खर्च की समस्या। दूसरी, पीईटी और पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तारीख एक होने से किसी एक परीक्षा का अवसर छूटने की आशंका। अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर राहत की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार चाहते हैं कि तारीखों के टकराव का समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें किसी एक परीक्षा से वंचित न होना पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed