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इंटरव्यू: क्यों खुद को हर वक्त गूगल करती हैं तमन्ना भाटिया? खोले जिंदगी के कई राज; सुनाया स्कूल बंक का किस्सा
Tamannaah Bhatia Interview: तमन्ना भाटिया को पर्दे पर आपने हमेशा सजे-संवरे अंदाज में देखा होगा लेकिन कैमरा बंद होने के बाद तमन्ना खुद को 'लेजी, काउच पोटैटो' (आलसी जो साेफे पर पड़ा रहे) कहती हैं। दस दिन लगातार तैयार रहने के बाद 11वें दिन उन्हें बिना मेकअप बाल बांधकर घर में पड़े रहना पसंद है। खाना खाना, दोस्तों को घर बुलाना और घंटों बातें करना उन्हें अच्छा लगता है।
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तमन्ना भाटिया, अभिनेत्री
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
15 साल की उम्र में काम शुरू करने वाली तमन्ना ने अपने सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। 2005 की अपनी तस्वीरों से लेकर आज तक की यात्रा को वह अपनी फिल्मों में दर्ज होते हुए देखती हैं। इस दौरान उन्हें एक बात का अफसोस भी है कि उन्होंने खुद के लिए पर्याप्त वक्त नहीं निकाला। अमर उजाला से खास बातचीत में तमन्ना ने अपने इसी सफर के कई दिलचस्प किस्से साझा किए।
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तमन्ना भाटिया
- फोटो : सोशल मीडिया
'बचपन में बहुत कॉन्फिडेंट थी, फिर दोबारा कॉन्फिडेंट बनी'
2005 में फिल्म 'चांद सा रोशन चेहरा' से अभिनय की शुरुआत करने वाली तमन्ना उस दौर को याद करते हुए कहती हैं, 'मैं बचपन में बहुत कॉन्फिडेंट बच्ची थी। आधा टाइम तो मुझे खुद पता नहीं होता था कि करना क्या है, लेकिन मुझे पता था कि मैं कर लूंगी। मेरे अंदर एक अजीब सा विश्वास था कि मैं ये कर सकती हूं। शायद उसी विश्वास ने मुझे एक्टर बनने में भी मदद की।'
वह आगे कहती हैं, 'लेकिन 20 साल की उम्र में आप खुद को समझने की कोशिश कर रहे होते हो। आप ये समझने की कोशिश कर रहे होते हो कि आप कौन हो। इसी दौरान आपकी बॉडी बदलाव से गुजर रही होती है, आप अलग दिखने लगते हो और आप लगातार कैमरे के सामने भी होते हो। आप अपनी पर्सनल इनसिक्योरिटीज से भी जूझ रहे होते हो। आपके कुछ अच्छे दिन होते हैं, कुछ बुरे दिन होते हैं। आप उन सब चीजों से डील करना सीख रहे होते हो।'
तमन्ना अपनी फिल्म जर्नी को दो-दो साल के हिस्सों में देखती हैं। वह कहती हैं, 'बचपन में बहुत कॉन्फिडेंस था, फिर एक दौर आया जब मैं काफी कन्फ्यूज्ड थी और फिर वापस बहुत, बहुत कॉन्फिडेंट हुई। मेरी ये पूरी जर्नी फिल्मों के जरिए देखने और डॉक्यूमेंट होते हुए देखना बहुत दिलचस्प है।'
2005 में फिल्म 'चांद सा रोशन चेहरा' से अभिनय की शुरुआत करने वाली तमन्ना उस दौर को याद करते हुए कहती हैं, 'मैं बचपन में बहुत कॉन्फिडेंट बच्ची थी। आधा टाइम तो मुझे खुद पता नहीं होता था कि करना क्या है, लेकिन मुझे पता था कि मैं कर लूंगी। मेरे अंदर एक अजीब सा विश्वास था कि मैं ये कर सकती हूं। शायद उसी विश्वास ने मुझे एक्टर बनने में भी मदद की।'
वह आगे कहती हैं, 'लेकिन 20 साल की उम्र में आप खुद को समझने की कोशिश कर रहे होते हो। आप ये समझने की कोशिश कर रहे होते हो कि आप कौन हो। इसी दौरान आपकी बॉडी बदलाव से गुजर रही होती है, आप अलग दिखने लगते हो और आप लगातार कैमरे के सामने भी होते हो। आप अपनी पर्सनल इनसिक्योरिटीज से भी जूझ रहे होते हो। आपके कुछ अच्छे दिन होते हैं, कुछ बुरे दिन होते हैं। आप उन सब चीजों से डील करना सीख रहे होते हो।'
तमन्ना अपनी फिल्म जर्नी को दो-दो साल के हिस्सों में देखती हैं। वह कहती हैं, 'बचपन में बहुत कॉन्फिडेंस था, फिर एक दौर आया जब मैं काफी कन्फ्यूज्ड थी और फिर वापस बहुत, बहुत कॉन्फिडेंट हुई। मेरी ये पूरी जर्नी फिल्मों के जरिए देखने और डॉक्यूमेंट होते हुए देखना बहुत दिलचस्प है।'
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तमन्ना भाटिया
- फोटो : सोशल मीडिया
'काश दोस्तों की पार्टियों में गई होती'
अपने लंबे करियर को पीछे मुड़कर देखने पर तमन्ना को सबसे ज्यादा अफसोस खुद के लिए समय न निकालने का है। वह कहती हैं, 'मैं चाहूंगी कि मैंने थोड़ा और वक्त लिया होता। चीजों को एंजॉय करने के लिए। मेरी मम्मी मुझसे इस बात को लेकर बहुत नाराज रहती हैं, क्योंकि मैं ब्रेक नहीं लेती। काश मैंने थोड़ी ज्यादा छुट्टियां ली होतीं। थोड़ा और दोस्तों की पार्टियों में गई होती, दोस्तों के बर्थडे सेलिब्रेट किए होते या फैमिली के साथ ज्यादा वक्त बिताया होता। सिर्फ इसी बात का थोड़ा दुख होता है।'
अब मौका मिले तो वह डांस और म्यूजिक सीखना चाहती हैं। तमन्ना कहती हैं, 'मैं बहुत टाइम से म्यूजिक और डांस सीखना चाहती हूं, लेकिन मुझे कभी उसका मौका नहीं मिला। मैं डांस सीखना चाहती हूं, म्यूजिक की ट्रेनिंग लेना चाहती हूं। मुझे लगता है कि ये एक तरह से मेडिटेशन जैसा भी है। ये रिलैक्सिंग भी है और फन भी है।'
अपने लंबे करियर को पीछे मुड़कर देखने पर तमन्ना को सबसे ज्यादा अफसोस खुद के लिए समय न निकालने का है। वह कहती हैं, 'मैं चाहूंगी कि मैंने थोड़ा और वक्त लिया होता। चीजों को एंजॉय करने के लिए। मेरी मम्मी मुझसे इस बात को लेकर बहुत नाराज रहती हैं, क्योंकि मैं ब्रेक नहीं लेती। काश मैंने थोड़ी ज्यादा छुट्टियां ली होतीं। थोड़ा और दोस्तों की पार्टियों में गई होती, दोस्तों के बर्थडे सेलिब्रेट किए होते या फैमिली के साथ ज्यादा वक्त बिताया होता। सिर्फ इसी बात का थोड़ा दुख होता है।'
अब मौका मिले तो वह डांस और म्यूजिक सीखना चाहती हैं। तमन्ना कहती हैं, 'मैं बहुत टाइम से म्यूजिक और डांस सीखना चाहती हूं, लेकिन मुझे कभी उसका मौका नहीं मिला। मैं डांस सीखना चाहती हूं, म्यूजिक की ट्रेनिंग लेना चाहती हूं। मुझे लगता है कि ये एक तरह से मेडिटेशन जैसा भी है। ये रिलैक्सिंग भी है और फन भी है।'
तमन्ना भाटिया
- फोटो : सोशल मीडिया
'लोग क्या सोचते हैं? इसकी परवाह नहीं करनी चाहिए'
तमन्ना मानती हैं कि करियर के शुरुआती दौर में वह लोगों की राय को लेकर ज्यादा सोचती थीं। अब वह अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने में विश्वास रखती हैं। वह कहती हैं, 'मुझे लगता है कि लोगों के प्रेशर को अपने ऊपर नहीं लेना चाहिए। लोग क्या सोचते हैं, ये ऐसी चीज है जिसकी आपको परवाह नहीं करनी चाहिए। कुछ फैसले अच्छे होंगे, कुछ सही होंगे, कुछ गलत भी होंगे, लेकिन कम से कम वो आपके फैसले होंगे। आपको अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जीनी है।'
तमन्ना मानती हैं कि करियर के शुरुआती दौर में वह लोगों की राय को लेकर ज्यादा सोचती थीं। अब वह अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने में विश्वास रखती हैं। वह कहती हैं, 'मुझे लगता है कि लोगों के प्रेशर को अपने ऊपर नहीं लेना चाहिए। लोग क्या सोचते हैं, ये ऐसी चीज है जिसकी आपको परवाह नहीं करनी चाहिए। कुछ फैसले अच्छे होंगे, कुछ सही होंगे, कुछ गलत भी होंगे, लेकिन कम से कम वो आपके फैसले होंगे। आपको अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जीनी है।'
तमन्ना भाटिया
- फोटो : इंस्टाग्राम
'10 दिन तैयार रहो, 11वें दिन मेरा होमलेस लुक'
ग्लैमर के बीच रहने वाली तमन्ना कैमरा बंद होने के बाद बिल्कुल अलग अंदाज में रहना पसंद करती हैं। वह कहती हैं, 'अगर मैं दस दिन लगातार तैयार होकर शूटिंग कर रही हूं, तो ग्यारहवें दिन मैं अपने घर पर जाकर बिल्कुल अलग तरह से रहना चाहती हूं। अगर आप हर वक्त तैयार रहते हो, तो आपको अपने आप को भी एक ब्रेक देने की जरूरत है। मैं बिल्कुल ढीली पड़ जाती हूं। एक जगह बैठ जाती हूं, लेजी हो जाती हूं। काउच पोटैटो। मतलब मैं उस दिन बस आराम करती हूं और खुद को एंजॉय करती हूं।'
वह आगे कहती हैं, 'मुझे खाना बहुत पसंद है। मैं बहुत बड़ी फूडी हूं। मुझे लोगों को घर पर बुलाना भी बहुत पसंद है। मैं अपने दोस्तों को घर बुलाती हूं। फिर सब साथ बैठते हैं, खूब बातें करते हैं, गप्पे लड़ाते हैं। मुझे बस अपने लोगों के साथ घर पर बैठकर ये सब करना बहुत पसंद है।'
ग्लैमर के बीच रहने वाली तमन्ना कैमरा बंद होने के बाद बिल्कुल अलग अंदाज में रहना पसंद करती हैं। वह कहती हैं, 'अगर मैं दस दिन लगातार तैयार होकर शूटिंग कर रही हूं, तो ग्यारहवें दिन मैं अपने घर पर जाकर बिल्कुल अलग तरह से रहना चाहती हूं। अगर आप हर वक्त तैयार रहते हो, तो आपको अपने आप को भी एक ब्रेक देने की जरूरत है। मैं बिल्कुल ढीली पड़ जाती हूं। एक जगह बैठ जाती हूं, लेजी हो जाती हूं। काउच पोटैटो। मतलब मैं उस दिन बस आराम करती हूं और खुद को एंजॉय करती हूं।'
वह आगे कहती हैं, 'मुझे खाना बहुत पसंद है। मैं बहुत बड़ी फूडी हूं। मुझे लोगों को घर पर बुलाना भी बहुत पसंद है। मैं अपने दोस्तों को घर बुलाती हूं। फिर सब साथ बैठते हैं, खूब बातें करते हैं, गप्पे लड़ाते हैं। मुझे बस अपने लोगों के साथ घर पर बैठकर ये सब करना बहुत पसंद है।'
तमन्ना भाटिया
- फोटो : इंस्टाग्राम
स्कूल बंक, मां के साथ फिल्म और ब्लैक टिकट
बचपन की एक याद साझा करते हुए तमन्ना कहती हैं, 'स्कूल के दौरान मेरी मम्मी के साथ फिल्म देखने गई थी। एक दिन ऐसा आया कि बैग पैक कर लिया था, स्कूल के बारे में कुछ सोचा ही नहीं और मम्मी ने भी बोला, 'छोड़ो, क्या करना है? फिल्म देखने जाना है?' तो मैंने कहा, 'ठीक है, चलो। हम रीगल सिनेमा गए। वहां टिकट नहीं मिली तो हमने ब्लैक में टिकट खरीदी। हम छोटे-छोटे बच्चे थे, लेकिन वो मेरी फेवरेट मेमोरी है। फिल्म देखने जाना अपने आप में एक बहुत ही मैजिकल एक्सपीरियंस था। उस वक्त आसानी से टिकट नहीं मिलती थी। मुझे लगता है कि वो मेरे लिए बहुत ही खुशी वाली याद है।'
बचपन की एक याद साझा करते हुए तमन्ना कहती हैं, 'स्कूल के दौरान मेरी मम्मी के साथ फिल्म देखने गई थी। एक दिन ऐसा आया कि बैग पैक कर लिया था, स्कूल के बारे में कुछ सोचा ही नहीं और मम्मी ने भी बोला, 'छोड़ो, क्या करना है? फिल्म देखने जाना है?' तो मैंने कहा, 'ठीक है, चलो। हम रीगल सिनेमा गए। वहां टिकट नहीं मिली तो हमने ब्लैक में टिकट खरीदी। हम छोटे-छोटे बच्चे थे, लेकिन वो मेरी फेवरेट मेमोरी है। फिल्म देखने जाना अपने आप में एक बहुत ही मैजिकल एक्सपीरियंस था। उस वक्त आसानी से टिकट नहीं मिलती थी। मुझे लगता है कि वो मेरे लिए बहुत ही खुशी वाली याद है।'
तमन्ना भाटिया
- फोटो : सोशल मीडिया
आपकी बायोपिक बनी तो?
अपनी जिंदगी पर फिल्म बनने के सवाल पर तमन्ना कहती हैं, 'मुझे लगता है कि मुझे कुछ बहुत इंटरेस्टिंग काम करना पड़ेगा, ताकि ऐसा कुछ हो सके। बढ़िया होगा।'
वहीं, अगर उन्हें किसी अभिनेत्री की बायोपिक करने का मौका मिले तो उनका जवाब श्रीदेवी हैं। वह कहती हैं, 'मैं हमेशा से श्रीदेवी मैम को बहुत मानती आई हूं। मैं उन्हें बहुत आदर्श मानती हूं।'
अपनी जिंदगी पर फिल्म बनने के सवाल पर तमन्ना कहती हैं, 'मुझे लगता है कि मुझे कुछ बहुत इंटरेस्टिंग काम करना पड़ेगा, ताकि ऐसा कुछ हो सके। बढ़िया होगा।'
वहीं, अगर उन्हें किसी अभिनेत्री की बायोपिक करने का मौका मिले तो उनका जवाब श्रीदेवी हैं। वह कहती हैं, 'मैं हमेशा से श्रीदेवी मैम को बहुत मानती आई हूं। मैं उन्हें बहुत आदर्श मानती हूं।'
फिल्म 'रेड 2' में तमन्ना भाटिया ने किया आइटम डांस
- फोटो : एक्स (ट्विटर)
'खुद को हर वक्त गूगल करती हूं'
अंत में जब तमन्ना से पूछा गया कि क्या वह खुद के बारे में गूगल करती हैं ? तो उन्होंने जवाब दिया- 'हर टाइम। मैं खुद के बारे में पूरे दिन गूगल करती हूं। मैं यह जानना चाहती हूं कि लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं। कभी-कभी बहुत फनी चीजें भी मिल जाती हैं।'
वह आगे अपने बारे में इंटरनेट पर लिखी जाने वाली बातों की ओर इशारा करते हुए कहती हैं, 'कभी-कभी इतनी अच्छी स्क्रिप्ट पढ़ने को मिलती है कि लगता है, काश हमारी फिल्मों में भी कोई ऐसे ही दो-तीन लोग लिख दें, जहां इतनी अच्छी चीज बनती है। लेकिन हां, मैं तो हमेशा अपना नाम गूगल करती रहती हूं।'
अंत में जब तमन्ना से पूछा गया कि क्या वह खुद के बारे में गूगल करती हैं ? तो उन्होंने जवाब दिया- 'हर टाइम। मैं खुद के बारे में पूरे दिन गूगल करती हूं। मैं यह जानना चाहती हूं कि लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं। कभी-कभी बहुत फनी चीजें भी मिल जाती हैं।'
वह आगे अपने बारे में इंटरनेट पर लिखी जाने वाली बातों की ओर इशारा करते हुए कहती हैं, 'कभी-कभी इतनी अच्छी स्क्रिप्ट पढ़ने को मिलती है कि लगता है, काश हमारी फिल्मों में भी कोई ऐसे ही दो-तीन लोग लिख दें, जहां इतनी अच्छी चीज बनती है। लेकिन हां, मैं तो हमेशा अपना नाम गूगल करती रहती हूं।'