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हीलियम गैस से सुसाइड: गले तक पॉलिथीन बैग पहना, टाई से बांधी सिलिंडर पाइप; आईआईटियन ने इसलिए चुना ये खास तरीका
Mon, 12 Oct 2026 10:39 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, हिसार
अमर उजाला नेटवर्क, हिसार
Published by: Sharukh Khan
Updated Mon, 12 Oct 2026 10:39 AM IST
हिसार में कोचिंग सेंटर संचालक ने हीलियम गैस से खुदकुशी कर ली। मृतक राहुल जैन आईआईटी रुड़की से पासआउट था। उसने सुसाइड नोट में लिखा कि इस गैस से तकलीफ नहीं होगी। युवक ने गले तक पॉलिथीन बैग पहनकर टाई से सिलिंडर की पाइप बांध ली थी।
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Suicide
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
हिसार के सेक्टर पीएलए निवासी आईआईटी रुड़की से पासआउट कोचिंग सेंटर संचालक राहुल (35) ने शनिवार रात खुदकुशी कर ली। रविवार सुबह कमरे में बेसुध मिले राहुल को परिजन नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके से हीलियम गैस का सिलिंडर और सुसाइड नोट मिला है। नोट में राहुल ने लिखा है कि इस गैस से तकलीफ नहीं होगी।
सिविल लाइन थाने के जांच अधिकारी कर्मजीत के अनुसार, राहुल कपड़ा कारोबारी नरेश जैन का बेटा था। वह कोचिंग सेंटर चलाता था, लेकिन फिलहाल इसे बंद कर दूसरे कारोबार की तैयारी कर रहा था। उसने गैस का इस्तेमाल करने के लिए मुंह और सिर पर पॉलिथीन बैग बांधकर सिलिंडर की पाइप अंदर डाल ली।
पिता नरेश जैन ने पुलिस को बताया कि शनिवार रात सोने से पहले राहुल अपनी मां से बातचीत कर रहा था। इसके बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। उस समय उसके व्यवहार से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। जांच अधिकारी ने बताया कि परिजनों ने राहुल मानसिक रूप से परेशान था।
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सिविल लाइन थाने के जांच अधिकारी कर्मजीत के अनुसार, राहुल कपड़ा कारोबारी नरेश जैन का बेटा था। वह कोचिंग सेंटर चलाता था, लेकिन फिलहाल इसे बंद कर दूसरे कारोबार की तैयारी कर रहा था। उसने गैस का इस्तेमाल करने के लिए मुंह और सिर पर पॉलिथीन बैग बांधकर सिलिंडर की पाइप अंदर डाल ली।
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पिता नरेश जैन ने पुलिस को बताया कि शनिवार रात सोने से पहले राहुल अपनी मां से बातचीत कर रहा था। इसके बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। उस समय उसके व्यवहार से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। जांच अधिकारी ने बताया कि परिजनों ने राहुल मानसिक रूप से परेशान था।
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गले तक पॉलिथीन बैग पहना टाई से बांधी सिलिंडर की पाइप
हिसार के सेक्टर पीएलए में आत्महत्या करने वाले राहुल जैन को पता था कि हीलियम गैस के असर से उसकी आसानी से मौत हो जाएगी। उसे जरा भी दर्द नहीं होगा। वह शनिवार को ही बाजार से सिलिंडर खरीद कर घर लाया था।
हिसार के सेक्टर पीएलए में आत्महत्या करने वाले राहुल जैन को पता था कि हीलियम गैस के असर से उसकी आसानी से मौत हो जाएगी। उसे जरा भी दर्द नहीं होगा। वह शनिवार को ही बाजार से सिलिंडर खरीद कर घर लाया था।
परिजनों ने बताया कि राहुल अक्सर दीक्षा लेने की बात कहता था। वह घंटों तक ध्यान भी लगाता था। अक्सर उसे मना करते थे कि इतने लंबे समय तक ध्यान न लगाया करे।
पाइप गर्दन के निचले हिस्से से पॉलिथीन में डालकर ऊपर टाई बांधी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, राहुल ने चेहरा गले तक पॉलिथीन बैग से ढका और सिलिंडर की पाइप गर्दन के निचले हिस्से से पॉलिथीन में डालकर ऊपर टाई बांध ली। ताकि पाइप निकले नहीं। इसके बाद सिलिंडर की नोब ऑन कर ली। धीरे-धीरे उसके शरीर में ऑक्सीजन कम होती रही और हीलियम गैस का स्तर बढ़ता गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, राहुल ने चेहरा गले तक पॉलिथीन बैग से ढका और सिलिंडर की पाइप गर्दन के निचले हिस्से से पॉलिथीन में डालकर ऊपर टाई बांध ली। ताकि पाइप निकले नहीं। इसके बाद सिलिंडर की नोब ऑन कर ली। धीरे-धीरे उसके शरीर में ऑक्सीजन कम होती रही और हीलियम गैस का स्तर बढ़ता गया।
मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं...
राहुल ने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं जीना नहीं चाहता। मैंने एक वीडियो भी बनाया है और आपके पास भेजा है। उसे देख लेना। वीडियो में राहुल ने कहा कि वह हीलियम गैस की मदद से अपनी जान दे रहा है। मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। माता-पिता व पत्नी को अपना व बेटे का ख्याल रखने को कहा।
राहुल ने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं जीना नहीं चाहता। मैंने एक वीडियो भी बनाया है और आपके पास भेजा है। उसे देख लेना। वीडियो में राहुल ने कहा कि वह हीलियम गैस की मदद से अपनी जान दे रहा है। मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। माता-पिता व पत्नी को अपना व बेटे का ख्याल रखने को कहा।
राहुल इकलौता बेटा था। वह शादीशुदा था और उसके दो साल का एक बेटा है। पत्नी ज्योति बेटे को साथ लेकर मायके गई हुई थी। सुबह जब राहुल की मौत की सूचना मिली तो यहां आ गई। राहुल आईआईटी पास करने के बाद प्राइवेट जॉब करना चाहता था लेकिन इकलौता होने के कारण परिवार वालों ने उसे नौकरी करने से मना कर दिया।
उसने तोशाम रोड पर कोचिंग सेंटर खोला। करीब 7 माह पहले इसे बंद कर दिया। राहुल की दो बहनें हैं जो शादीशुदा हैं। पिता नरेश जैन की क्लॉथ मार्केट में दुकान है। नीलम सिनेमा भी इन्हीं का है जो फिलहाल बंद है। नरेश और उसके भाई इसमें पार्टनर हैं। ऋषि नगर में भी परिवार की काफी जमीन हैं।
हीलियम से क्यों?
हीलियम रंगहीन और गंधहीन गैस है। सामान्य परिस्थितियों में यह जहरीली नहीं होती, लेकिन इसे सांस के साथ अधिक मात्रा में लेने पर शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इससे मस्तिष्क और दूसरे महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है। गंभीर स्थिति में व्यक्ति बेहोश हो सकता है और दम घुटने से मौत हो सकती है।
हीलियम रंगहीन और गंधहीन गैस है। सामान्य परिस्थितियों में यह जहरीली नहीं होती, लेकिन इसे सांस के साथ अधिक मात्रा में लेने पर शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इससे मस्तिष्क और दूसरे महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है। गंभीर स्थिति में व्यक्ति बेहोश हो सकता है और दम घुटने से मौत हो सकती है।
हीलियम का इस्तेमाल क्यों
आईआईटी पास होने के कारण राहुल को अच्छे से पता था कि कौन-सी गैस शरीर के लिए किस तरह खतरनाक हो सकती है और तकलीफ भी नहीं देती। ऐसे में उसने हीलियम को चुना। यह हवा से हल्की, गंध और स्वादहीन होती है। जैसे-जैसे खून में इसका स्तर बढ़ता है ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और अंत में व्यक्ति दम तोड़ देता है। इसका उपयोग मौसम विज्ञान के गुब्बारों और एयरशिप में होता है।
आईआईटी पास होने के कारण राहुल को अच्छे से पता था कि कौन-सी गैस शरीर के लिए किस तरह खतरनाक हो सकती है और तकलीफ भी नहीं देती। ऐसे में उसने हीलियम को चुना। यह हवा से हल्की, गंध और स्वादहीन होती है। जैसे-जैसे खून में इसका स्तर बढ़ता है ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और अंत में व्यक्ति दम तोड़ देता है। इसका उपयोग मौसम विज्ञान के गुब्बारों और एयरशिप में होता है।