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Kurukshetra News: अब केंद्रीय विद्यालय मथाना से निकलेंगे नेशनल कैडेट
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कुरुक्षेत्र। जिले के एकमात्र केंद्रीय विद्यालय मथाना के खाते में विद्यार्थियों के चहुंमुखी व्यक्तित्व विकास के लिए बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। केंद्रीय विद्यालय में अब नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) की सब-यूनिट शुरू होगी। अंबाला मुख्यालय से जुड़ी हरियाणा बटालियन एनसीसी कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की ओर से टुकड़ी के रूप में 50 कैडेट की स्वीकृति प्रदान की गई।
उच्चाधिकारियों की ओर से 20 अगस्त को इस संबंध में पत्र भी जारी कर दिया गया। इसके तहत विद्यालय प्रबंधन को प्रशिक्षण वर्ष 2026-27 से प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी सत्र में 25 विद्यार्थियों को एनसीसी में शामिल किया जाएगा, जिनमें 16 छात्र और 9 छात्राएं शामिल होंगी। आठवीं या नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले और 12 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। एनसीसी की संस्थागत प्रशिक्षण के संचालन के लिए विद्यालय को 42 वर्ष से कम आयु के एक शिक्षक को नामित करना होगा।
हर सप्ताह होगी परेड, कैंप में मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
एनसीसी कैडेट को प्रशिक्षण वर्ष में निर्धारित संख्यानुसार संस्थागत परेड करनी होगी। दो वर्षों में 72 परेड का प्रावधान किया गया है। एक परेड तीन पीरियड की होगी। प्रशिक्षण को व्यवस्थित रखने के लिए हर सप्ताह दो परेड करने की सलाह दी गई है। कैडेट को टीमवर्क, समय की पाबंदी, अनुशासन और सामूहिक भावना का प्रशिक्षण मिलेगा। कैंप में फील्ड क्राफ्ट, बैटल क्राफ्ट, ऑब्सटेकल कोर्स सहित विभिन्न गतिविधियां कराई जाएंगी। विशेष रूप से केंद्रीय स्तर पर फायरिंग प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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एनसीसी की मिली अनुमति, चरित्र निर्माण पर रहेगा विशेष फोकस : बस्ती राम
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय मथाना के प्राचार्य बस्ती राम ने कहा कि एनसीसी के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। हर्ष का विषय है कि क्षेत्रीय मुख्यालय ने 50 कैडेट की अनुमति जारी कर दी है। जल्द ही 25 कैडेट का प्रशिक्षण शुरू होगा। एक शिक्षक और सहयोगी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। एनसीसी का मुख्य उद्देश्य चरित्र निर्माण, अनुशासन, भाईचारा, नेतृत्व क्षमता, धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण, साहस और निस्वार्थ सेवा की भावना विकसित करना है। साथ ही इससे सशस्त्र बलों में कॅरिअर बनाने के अवसरों में भी मदद मिलेगी।
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उच्चाधिकारियों की ओर से 20 अगस्त को इस संबंध में पत्र भी जारी कर दिया गया। इसके तहत विद्यालय प्रबंधन को प्रशिक्षण वर्ष 2026-27 से प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी सत्र में 25 विद्यार्थियों को एनसीसी में शामिल किया जाएगा, जिनमें 16 छात्र और 9 छात्राएं शामिल होंगी। आठवीं या नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले और 12 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। एनसीसी की संस्थागत प्रशिक्षण के संचालन के लिए विद्यालय को 42 वर्ष से कम आयु के एक शिक्षक को नामित करना होगा।
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हर सप्ताह होगी परेड, कैंप में मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
एनसीसी कैडेट को प्रशिक्षण वर्ष में निर्धारित संख्यानुसार संस्थागत परेड करनी होगी। दो वर्षों में 72 परेड का प्रावधान किया गया है। एक परेड तीन पीरियड की होगी। प्रशिक्षण को व्यवस्थित रखने के लिए हर सप्ताह दो परेड करने की सलाह दी गई है। कैडेट को टीमवर्क, समय की पाबंदी, अनुशासन और सामूहिक भावना का प्रशिक्षण मिलेगा। कैंप में फील्ड क्राफ्ट, बैटल क्राफ्ट, ऑब्सटेकल कोर्स सहित विभिन्न गतिविधियां कराई जाएंगी। विशेष रूप से केंद्रीय स्तर पर फायरिंग प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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एनसीसी की मिली अनुमति, चरित्र निर्माण पर रहेगा विशेष फोकस : बस्ती राम
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय मथाना के प्राचार्य बस्ती राम ने कहा कि एनसीसी के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। हर्ष का विषय है कि क्षेत्रीय मुख्यालय ने 50 कैडेट की अनुमति जारी कर दी है। जल्द ही 25 कैडेट का प्रशिक्षण शुरू होगा। एक शिक्षक और सहयोगी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। एनसीसी का मुख्य उद्देश्य चरित्र निर्माण, अनुशासन, भाईचारा, नेतृत्व क्षमता, धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण, साहस और निस्वार्थ सेवा की भावना विकसित करना है। साथ ही इससे सशस्त्र बलों में कॅरिअर बनाने के अवसरों में भी मदद मिलेगी।