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Sonipat News: सुबह छह बजे ही डंपिंग प्वाइंट घेरा, वाहन रोके तो घरों से नहीं उठा कूड़ा
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22जेएनडी07: डंपिंग प्वाइंट पर खड़े डोर टू डोर कूड़ा उठान के वाहन। संवाद
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जींद। हड़ताली कर्मचारियों ने शनिवार सुबह छह बजे डंपिंग प्वाइंट पर ठेकेदार के कूड़ा उठाने वाले वाहनों को घेर लिया। कर्मचारियों ने किसी भी वाहन को प्वाइंट से बाहर नहीं निकलने दिया। इसके चलते घरों से कूड़ा उठाकर डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचाने की व्यवस्था भी ठप हो गई।
अब तक मुख्य मार्गों और डंपिंग प्वाइंटों पर दिखाई दे रही गंदगी शनिवार से शहर की गलियों और कॉलोनियों में भी नजर आने लगी है। अगले दो दिन तक वाहन नहीं चल पाए तो हालात और बदतर होने की आशंका है। शहर में रोजाना घरों, दुकानों और बाजारों से करीब 120 टन कूड़ा निकलता है। अब तक ठेकेदार के वाहन घरों से कूड़ा उठाकर डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचा रहे थे।
कॉलोनियों में घरों के बाहर कूड़े के बैग और डिब्बे दिखाई देने लगे हैं। रविवार और सोमवार को भी कूड़ा उठान नहीं हुआ तो गलियों, खाली प्लॉटों, दुकानों के बाहर कूड़े के ढेर लग सकते हैं।
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150 डंपिंग प्वाइंट फिर भी 120 टन कूड़ा संभालना मुश्किल
सफाई व्यवस्था बिगड़ने के साथ शहर में डंपिंग प्वाइंटों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। पहले जहां करीब 10 डंपिंग प्वाइंट थे। इनकी संख्या बढ़कर करीब 150 हो चुकी है। इसके बावजूद रोजाना निकलने वाले करीब 120 टन कूड़े को संभालना मुश्किल हो रहा है। लेकिन कूड़ा उठाने वाले वाहन रुकने से समस्या अब घरों तक पहुंचने लगी है।
यदि प्रतिदिन निकलने वाला करीब 120 टन कूड़ा घरों के बाहर जमा होता रहा तो शहर में बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा। खुले में पड़े कूड़े से दुर्गंध फैलने के साथ मक्खी-मच्छरों की संख्या बढ़ने की आशंका है। बारिश होने पर कूड़े के ढेर सड़ने से स्थिति और गंभीर हो सकती है।
घनश्याम गोयल
कूड़े में खाद्य सामग्री होने के कारण आवारा पशु भी सड़कों पर पहुंचेंगे और कचरे को इधर-उधर फैला सकते हैं। इससे गलियों में गंदगी बढ़ने के साथ लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी ऐसी स्थिति परेशानी का कारण बनेगी।
अतुल चौहान
सबसे बड़ी परेशानी यह होगी कि यदि आगामी दो-तीन दिनों तक कूड़ा उठान पूरी तरह बंद रहा तो शहर में हजारों टन कूड़ा जमा हो सकता है। सफाई कर्मचारी काम पर लौटते भी हैं तो एक साथ इतने बड़े स्तर पर जमा कूड़े को उठाना आसान नहीं होगा। पहले से मुख्य मार्गों पर पड़े कूड़े के साथ कॉलोनियों और घरों के बाहर जमा होने वाला नया कूड़ा भी हटाना पड़ेगा।
डॉ. रमेश धारीवाल
हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों ने वाहनों को रोक लिया। इसके कारण शहर की कॉलोनियों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले वाहन नहीं जा सके। अब सफाई कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया जाएगा। यदि वे मान जाते हैं तो डोर-टू-डोर कूड़ा उठान शुरू करवा दिया जाएगा।
सुरेंद्र सिवाच, सफाई ठेकेदार
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अब तक मुख्य मार्गों और डंपिंग प्वाइंटों पर दिखाई दे रही गंदगी शनिवार से शहर की गलियों और कॉलोनियों में भी नजर आने लगी है। अगले दो दिन तक वाहन नहीं चल पाए तो हालात और बदतर होने की आशंका है। शहर में रोजाना घरों, दुकानों और बाजारों से करीब 120 टन कूड़ा निकलता है। अब तक ठेकेदार के वाहन घरों से कूड़ा उठाकर डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचा रहे थे।
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कॉलोनियों में घरों के बाहर कूड़े के बैग और डिब्बे दिखाई देने लगे हैं। रविवार और सोमवार को भी कूड़ा उठान नहीं हुआ तो गलियों, खाली प्लॉटों, दुकानों के बाहर कूड़े के ढेर लग सकते हैं।
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150 डंपिंग प्वाइंट फिर भी 120 टन कूड़ा संभालना मुश्किल
सफाई व्यवस्था बिगड़ने के साथ शहर में डंपिंग प्वाइंटों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। पहले जहां करीब 10 डंपिंग प्वाइंट थे। इनकी संख्या बढ़कर करीब 150 हो चुकी है। इसके बावजूद रोजाना निकलने वाले करीब 120 टन कूड़े को संभालना मुश्किल हो रहा है। लेकिन कूड़ा उठाने वाले वाहन रुकने से समस्या अब घरों तक पहुंचने लगी है।
यदि प्रतिदिन निकलने वाला करीब 120 टन कूड़ा घरों के बाहर जमा होता रहा तो शहर में बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा। खुले में पड़े कूड़े से दुर्गंध फैलने के साथ मक्खी-मच्छरों की संख्या बढ़ने की आशंका है। बारिश होने पर कूड़े के ढेर सड़ने से स्थिति और गंभीर हो सकती है।
घनश्याम गोयल
कूड़े में खाद्य सामग्री होने के कारण आवारा पशु भी सड़कों पर पहुंचेंगे और कचरे को इधर-उधर फैला सकते हैं। इससे गलियों में गंदगी बढ़ने के साथ लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी ऐसी स्थिति परेशानी का कारण बनेगी।
अतुल चौहान
सबसे बड़ी परेशानी यह होगी कि यदि आगामी दो-तीन दिनों तक कूड़ा उठान पूरी तरह बंद रहा तो शहर में हजारों टन कूड़ा जमा हो सकता है। सफाई कर्मचारी काम पर लौटते भी हैं तो एक साथ इतने बड़े स्तर पर जमा कूड़े को उठाना आसान नहीं होगा। पहले से मुख्य मार्गों पर पड़े कूड़े के साथ कॉलोनियों और घरों के बाहर जमा होने वाला नया कूड़ा भी हटाना पड़ेगा।
डॉ. रमेश धारीवाल
हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों ने वाहनों को रोक लिया। इसके कारण शहर की कॉलोनियों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले वाहन नहीं जा सके। अब सफाई कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया जाएगा। यदि वे मान जाते हैं तो डोर-टू-डोर कूड़ा उठान शुरू करवा दिया जाएगा।
सुरेंद्र सिवाच, सफाई ठेकेदार

22जेएनडी07: डंपिंग प्वाइंट पर खड़े डोर टू डोर कूड़ा उठान के वाहन। संवाद

22जेएनडी07: डंपिंग प्वाइंट पर खड़े डोर टू डोर कूड़ा उठान के वाहन। संवाद

22जेएनडी07: डंपिंग प्वाइंट पर खड़े डोर टू डोर कूड़ा उठान के वाहन। संवाद