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Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों ने विज्ञान संगोष्ठी में दिखाई वैज्ञानिक सोच
Sat, 22 Aug 2026 03:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 22 Aug 2026 03:54 AM IST
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विजेता को सम्मानित करतीं अतिथि। संवाद
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जगाधरी। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच देने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुरानी सब्जी मंडी स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में खंडस्तरीय विज्ञान संगोष्ठी करवाई गई। यह संगोष्ठी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) गुरुग्राम की ओर से करवाई गई। इसमें जगाधरी खंड के 40 निजी व राजकीय विद्यालयों ने भाग लिया। इस खंडस्तरीय प्रतियोगिता में प्रतियोगिता में 40 टीमों करीब 125 विद्यार्थी शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में होली मदर स्कूल ने प्रथम स्थान पाया। न्यू हैप्पी पब्लिक स्कूल की टीम द्वितीय स्थान पर रही। वहीं, राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी के लड़कों की टीम तृतीय और न्यू हैप्पी पब्लिक स्कूल की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के नोडल अधिकारी जिला विज्ञान विशेषज्ञ विशाल सिंघल हैं।
प्रतियोगिता खंड शिक्षा अधिकारी सुनीता देवी के नेतृत्व में करवाई गई। वहीं, कार्यक्रम संयोजिका डॉ. नीलम की देखरेख में हुआ। खंडस्तरीय प्रतियोगिता के विजेता जिलास्तर की संगोष्ठी में भाग लेंगे। वहीं, जिला विजेता टीमों को राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा। इस संगोष्ठी में आठवीं से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक समझ, तर्क क्षमता और विषय पर पकड़ का प्रदर्शन किया। इस बार संगोष्ठी का विषय भारतीय ऊर्जा संग्रह-2047 रखा गया था। विद्यार्थियों को इस विषय पर अपने विचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की प्रतिभा को परखने के लिए कई चरण रखे गए। सबसे पहले विद्यार्थियों की लिखित परीक्षा ली गई, जिसके लिए अधिकतम दस अंक निर्धारित किए गए थे। इसके बाद निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों से विषय से संबंधित प्रश्न पूछे। प्रश्नों के सही और तार्किक उत्तर देने पर भी अधिकतम 10 अंक दिए गए।
इसके बाद विद्यार्थियों ने अलग-अलग माध्यमों से विषय पर अपनी वैज्ञानिक समझ प्रस्तुत की। उन्हें विषय की व्याख्या के लिए मॉडल, पीपीटी सहित अन्य माध्यमों का इस्तेमाल करने की स्वतंत्रता दी गई थी। विद्यार्थियों ने ऊर्जा के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं, संसाधनों के संरक्षण और वैज्ञानिक तकनीक के उपयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। उनके प्रदर्शन को निर्णायक मंडल ने विषय की समझ, प्रस्तुतीकरण और वैज्ञानिक सोच के आधार पर परखा।
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जिला विज्ञान विशेषज्ञ विशाल सिंघल ने बताया कि खंडस्तर की प्रतियोगिता के बाद चयनित विद्यार्थी जिलास्तरीय विज्ञान संगोष्ठी में भाग लेंगे। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा को आगे बढ़ाने और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। संगोष्ठी में विद्यार्थियों के उत्साह और प्रस्तुतियों ने यह दिखाया कि उनमें विज्ञान एवं ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझने की जिज्ञासा के साथ-साथ नए विचार रखने की क्षमता भी विकसित हो रही है। संवाद
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प्रतियोगिता खंड शिक्षा अधिकारी सुनीता देवी के नेतृत्व में करवाई गई। वहीं, कार्यक्रम संयोजिका डॉ. नीलम की देखरेख में हुआ। खंडस्तरीय प्रतियोगिता के विजेता जिलास्तर की संगोष्ठी में भाग लेंगे। वहीं, जिला विजेता टीमों को राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा। इस संगोष्ठी में आठवीं से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक समझ, तर्क क्षमता और विषय पर पकड़ का प्रदर्शन किया। इस बार संगोष्ठी का विषय भारतीय ऊर्जा संग्रह-2047 रखा गया था। विद्यार्थियों को इस विषय पर अपने विचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की प्रतिभा को परखने के लिए कई चरण रखे गए। सबसे पहले विद्यार्थियों की लिखित परीक्षा ली गई, जिसके लिए अधिकतम दस अंक निर्धारित किए गए थे। इसके बाद निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों से विषय से संबंधित प्रश्न पूछे। प्रश्नों के सही और तार्किक उत्तर देने पर भी अधिकतम 10 अंक दिए गए।
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इसके बाद विद्यार्थियों ने अलग-अलग माध्यमों से विषय पर अपनी वैज्ञानिक समझ प्रस्तुत की। उन्हें विषय की व्याख्या के लिए मॉडल, पीपीटी सहित अन्य माध्यमों का इस्तेमाल करने की स्वतंत्रता दी गई थी। विद्यार्थियों ने ऊर्जा के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं, संसाधनों के संरक्षण और वैज्ञानिक तकनीक के उपयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। उनके प्रदर्शन को निर्णायक मंडल ने विषय की समझ, प्रस्तुतीकरण और वैज्ञानिक सोच के आधार पर परखा।
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जिला विज्ञान विशेषज्ञ विशाल सिंघल ने बताया कि खंडस्तर की प्रतियोगिता के बाद चयनित विद्यार्थी जिलास्तरीय विज्ञान संगोष्ठी में भाग लेंगे। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा को आगे बढ़ाने और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। संगोष्ठी में विद्यार्थियों के उत्साह और प्रस्तुतियों ने यह दिखाया कि उनमें विज्ञान एवं ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझने की जिज्ञासा के साथ-साथ नए विचार रखने की क्षमता भी विकसित हो रही है। संवाद