मंडी: पुतला जलाने से रोकने पर एबीवीपी और पुलिस में टकराव; जमकर हुई धक्कामुक्की, 10 चोटिल
गुरुवार को मंडी उपायुक्त कार्यालय के गेट के बाहर एबीवीपी कार्यकर्ताओं, छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। धक्कामुक्की में करीब 10 कार्यकर्ता और छात्र आंशिक रूप से चोटिल हो गए। इनमें तीन छात्राएं भी शामिल हैं।
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मुख्यमंत्री का पुतला जलाने से रोकने को लेकर गुरुवार को मंडी उपायुक्त कार्यालय के गेट के बाहर एबीवीपी कार्यकर्ताओं, छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। धक्कामुक्की में करीब 10 कार्यकर्ता और छात्र आंशिक रूप से चोटिल हो गए। इनमें तीन छात्राएं भी शामिल हैं। परिषद के संगठन मंत्री अंकित की नाक पर चोट लगी, जबकि बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा स्नेहा धक्कामुक्की के दौरान बेहोश होकर गिर गईं। छात्रों और डीएसपी हेडक्वार्टर दिनेश के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई।
छात्रों ने पुलिस पर लाठीचार्ज, मारपीट, गाली-गलौज और छात्राओं से बदसलूकी के आरोप लगाए। एबीवीपी कार्यकर्ता अमित, चिराग, राहुल, स्नेहा व अन्य एसपीयू का दायरा बहाल करने और एचपीयू में बढ़ाई गई फीस वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी उपायुक्त कार्यालय के बाहर मुख्यमंत्री का पुतला जलाने की तैयारी में थे। इसी दौरान पुलिस ने वल्लभ महाविद्यालय के इकाई मंत्री अमित और परिषद के सोशल मीडिया कन्वीनर चिराग को हिरासत में लेकर वाहन में बैठा लिया। वाहन के निकलने के दौरान कुछ कार्यकर्ता उसके आगे लेट गए। इसी दौरान हुई धक्कामुक्की में अंकित घायल हो गए और स्नेहा बेहोश होकर गिर पड़ीं।
संगठन मंत्री अंकित और राहुल ने बताया कि कार्यकर्ताओं से मारपीट करने वाले पुलिस जवानों के खिलाफ शिकायत दी गई है। घटना के बाद छात्र-छात्राएं नारेबाजी करते हुए उपायुक्त और एसपी कार्यालय पहुंचे। उपायुक्त के बाहर होने पर उन्होंने एडीसी प्रियांशु खाती के समक्ष शिकायत रखी और आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एडीसी ने छात्रों की बात सुनकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सेरी मंच पर जलाया मुख्यमंत्री का पुतला
इसके बाद छात्र-छात्राएं नारेबाजी करते हुए सेरी मंच पहुंचे और मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। इस दौरान पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। छात्रों ने कहा कि एसपीयू का दायरा बहाल करने और फीस बढ़ोतरी वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
बिना अनुमति किया प्रदर्शन : एसपी
एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि प्रदर्शन के लिए कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई थी। बिना अनुमति प्रदर्शन किए जाने के कारण पुलिस ने छात्रों को पुतला जलाने से रोकने का प्रयास किया।