{"_id":"6a882e66e26e971ec50497aa","slug":"trout-to-remain-safe-even-during-disasters-70-subsidy-on-cold-storage-mandi-news-c-90-1-mnd1001-209884-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: आपदा में भी सुरक्षित रहेगी ट्राउट, कोल्ड स्टोर पर 70% अनुदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: आपदा में भी सुरक्षित रहेगी ट्राउट, कोल्ड स्टोर पर 70% अनुदान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्राउट पालक पांच मीट्रिक टन की क्षमता के कोल्ड स्टोर का कर सकेंगे निर्माण
15 लाख की लागत वाले कोल्ड स्टोर पर ट्राउट पालकों को मिलेगी सब्सिडी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रदेश में आपदा और अन्य विपरीत परिस्थितियों में ट्राउट खराब होने की चिंता नहीं रहेगी। मत्स्य पालक अब पांच से छह माह तक मछली को ताजा और सुरक्षित रख सकेंगे। ट्राउट पालक पांच मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोर का निर्माण कर सकेंगे। 15 लाख रुपये की लागत से बनने वाले कोल्ड स्टोर पर 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
यह सुविधा खासकर उन ट्राउट पालकों के लिए उपयोगी होगी, जिन्हें उत्पादन के बाद तुरंत बाजार नहीं मिलने या सड़क बंद होने पर मछली सुरक्षित रखने में परेशानी होती है। भूस्खलन, भारी बारिश, बर्फबारी या अन्य आपदा के दौरान भी ट्राउट को कोल्ड स्टोर में सुरक्षित रखा जा सकेगा। इसके लिए ट्राउट पालन से जुड़े समूह, संगठन और संबंधित संस्थाएं आवेदन कर सकेंगी। बाजार की स्थिति सामान्य होने पर पालक सुरक्षित रखी मछली बेच सकेंगे।
रेफ्रिजरेटेड वाहन और फ्रीज ड्राई यूनिट पर भी 70% अनुदान
20 लाख रुपये लागत वाले रेफ्रिजरेटेड वाहन पर 70 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है। इन वाहनों से ट्राउट को नियंत्रित तापमान में सुरक्षित बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा। करीब 10 लाख रुपये लागत वाली फ्रीज ड्राई इकाई के माध्यम से मछली को सुखाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा और जरूरत के अनुसार बाजार में बेचा जा सकेगा।सहायक निदेशक, मत्स्य विभाग नीतू सिंह ने बताया कि
विज्ञापन
सहायक निदेशक, मत्स्य विभाग नीतू सिंह ने बताया कि ट्राउट पालन से जुड़े बेरोजगार युवाओं, समूहों और संबंधित संगठनों के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं। इनके तहत लाभ प्रदान किया जा रहा है। इससे ट्राउट कारोबार को नई दिशा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
विज्ञापन
15 लाख की लागत वाले कोल्ड स्टोर पर ट्राउट पालकों को मिलेगी सब्सिडी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रदेश में आपदा और अन्य विपरीत परिस्थितियों में ट्राउट खराब होने की चिंता नहीं रहेगी। मत्स्य पालक अब पांच से छह माह तक मछली को ताजा और सुरक्षित रख सकेंगे। ट्राउट पालक पांच मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोर का निर्माण कर सकेंगे। 15 लाख रुपये की लागत से बनने वाले कोल्ड स्टोर पर 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
यह सुविधा खासकर उन ट्राउट पालकों के लिए उपयोगी होगी, जिन्हें उत्पादन के बाद तुरंत बाजार नहीं मिलने या सड़क बंद होने पर मछली सुरक्षित रखने में परेशानी होती है। भूस्खलन, भारी बारिश, बर्फबारी या अन्य आपदा के दौरान भी ट्राउट को कोल्ड स्टोर में सुरक्षित रखा जा सकेगा। इसके लिए ट्राउट पालन से जुड़े समूह, संगठन और संबंधित संस्थाएं आवेदन कर सकेंगी। बाजार की स्थिति सामान्य होने पर पालक सुरक्षित रखी मछली बेच सकेंगे।
विज्ञापन
रेफ्रिजरेटेड वाहन और फ्रीज ड्राई यूनिट पर भी 70% अनुदान
20 लाख रुपये लागत वाले रेफ्रिजरेटेड वाहन पर 70 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है। इन वाहनों से ट्राउट को नियंत्रित तापमान में सुरक्षित बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा। करीब 10 लाख रुपये लागत वाली फ्रीज ड्राई इकाई के माध्यम से मछली को सुखाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा और जरूरत के अनुसार बाजार में बेचा जा सकेगा।सहायक निदेशक, मत्स्य विभाग नीतू सिंह ने बताया कि
विज्ञापन
सहायक निदेशक, मत्स्य विभाग नीतू सिंह ने बताया कि ट्राउट पालन से जुड़े बेरोजगार युवाओं, समूहों और संबंधित संगठनों के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं। इनके तहत लाभ प्रदान किया जा रहा है। इससे ट्राउट कारोबार को नई दिशा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।