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चेन्नई में टीवीके नेता की सरेराह हत्या: पुरानी रंजिश या सियासत, बेसेंट नगर कांड की क्या है कहानी?
Sun, 06 Sep 2026 05:40 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, चेन्नई।
पीटीआई, चेन्नई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 06 Sep 2026 05:40 PM IST
चेन्नई के बेसेंट नगर में टीवीके पदाधिकारी कन्नन की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और शुरुआती जांच में पुरानी दुश्मनी को संभावित वजह माना है। कन्नन का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। घटना के बाद विपक्ष ने तमिलनाडु की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला तेज कर दिया है।
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चेन्नई में टीवीके पदाधिकारी की हत्या
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में शनिवार रात हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। बेसेंट नगर इलाके में सत्तारूढ़ टीवीके (तमिलगा वेत्री कषगम) के पदाधिकारी कन्नन की सरेराह धारदार हथियारों से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना का एक खौफनाक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमलावर सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर उन पर हमला करते दिख रहे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कौन था कन्नन और क्यों बना निशाना?
स्थानीय रिपोर्टों में क्या दावा?
कन्नन की हत्या की कहानी सिर्फ शनिवार रात हुए हमले तक सीमित नहीं बताई जा रही है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, कन्नन का पुराना आपराधिक और राजनीतिक इतिहास रहा है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह पहले अन्नाद्रमुक से जुड़ा था और बाद में टीवीके में शामिल हुआ। इन रिपोर्टों में 2009 के एक हत्या मामले और उससे जुड़ी पुरानी रंजिश का भी जिक्र है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि उपलब्ध पुलिस जानकारी या पीटीआई की रिपोर्ट में नहीं हुई है। इसलिए इन्हें फिलहाल जांच में सामने आए पक्के तथ्य के बजाय स्थानीय रिपोर्टों के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
हत्या के बाद विपक्ष सरकार पर क्यों हमलावर?
हत्या के बाद तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके ऐसी जगह बन गई है, जहां अपराधी शरण लेने पहुंच रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस कानून-व्यवस्था को सरकार बेहतर बताती है, क्या यही कानून-व्यवस्था है, जिसमें सत्तारूढ़ दल से जुड़ा एक हिस्ट्रीशीटर खुले रास्ते पर पीछा कर मार दिया जाता है? उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि मुख्यमंत्री के विधानसभा में पुलिस विभाग की अनुदान मांगों पर जवाब देने से ठीक एक दिन पहले राजधानी में उनकी अपनी पार्टी के एक पदाधिकारी की हत्या हो गई।
यह भी पढ़ें: पीएम मोदी के तंज पर कांग्रेस का पलटवार: खरगे बोले- अपनी नाकामियां छिपाने के लिए विपक्ष को देते हैं विशेषण
विधानसभा से क्या कनेक्शन?
हत्या ऐसे समय हुई है, जब मुख्यमंत्री और टीवीके के संस्थापक जोसेफ विजय सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के कानून-व्यवस्था से जुड़े आरोपों का जवाब देने वाले हैं। उदयनिधि स्टालिन ने इसी समय को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पुलिस विभाग की अनुदान मांगों पर जवाब देने से एक दिन पहले ही उनकी पार्टी के कार्यकर्ता की हत्या हो गई। इससे कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
पीएमके ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पीएमके अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने कन्नन की हत्या के साथ पिछले दो हफ्तों में उपनगरों में हुई तीन एटीएम लूट की घटनाओं पर भी सरकार को घेरा। रामदास ने कहा कि हत्या से लोगों में डर पैदा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चेन्नई महानगर क्षेत्र में हिंसक अपराध और लूट रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जिम्मेदारी तय करने और पुलिस निगरानी व खुफिया तंत्र को मजबूत करने की मांग की।
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कौन था कन्नन और क्यों बना निशाना?
- पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, इस हत्याकांड के तार पुरानी रंजिश और गैंगवार से जुड़े हो सकते हैं।
- क्रिमिनल बैकग्राउंड: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मृतक कन्नन एक हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
- बदले की कार्रवाई: शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि आपसी दुश्मनी के चलते गिरोह बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया गया, ताकि पुरानी रंजिश का बदला लिया जा सके।
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स्थानीय रिपोर्टों में क्या दावा?
कन्नन की हत्या की कहानी सिर्फ शनिवार रात हुए हमले तक सीमित नहीं बताई जा रही है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, कन्नन का पुराना आपराधिक और राजनीतिक इतिहास रहा है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह पहले अन्नाद्रमुक से जुड़ा था और बाद में टीवीके में शामिल हुआ। इन रिपोर्टों में 2009 के एक हत्या मामले और उससे जुड़ी पुरानी रंजिश का भी जिक्र है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि उपलब्ध पुलिस जानकारी या पीटीआई की रिपोर्ट में नहीं हुई है। इसलिए इन्हें फिलहाल जांच में सामने आए पक्के तथ्य के बजाय स्थानीय रिपोर्टों के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
हत्या के बाद विपक्ष सरकार पर क्यों हमलावर?
हत्या के बाद तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके ऐसी जगह बन गई है, जहां अपराधी शरण लेने पहुंच रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस कानून-व्यवस्था को सरकार बेहतर बताती है, क्या यही कानून-व्यवस्था है, जिसमें सत्तारूढ़ दल से जुड़ा एक हिस्ट्रीशीटर खुले रास्ते पर पीछा कर मार दिया जाता है? उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि मुख्यमंत्री के विधानसभा में पुलिस विभाग की अनुदान मांगों पर जवाब देने से ठीक एक दिन पहले राजधानी में उनकी अपनी पार्टी के एक पदाधिकारी की हत्या हो गई।
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विधानसभा से क्या कनेक्शन?
हत्या ऐसे समय हुई है, जब मुख्यमंत्री और टीवीके के संस्थापक जोसेफ विजय सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के कानून-व्यवस्था से जुड़े आरोपों का जवाब देने वाले हैं। उदयनिधि स्टालिन ने इसी समय को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पुलिस विभाग की अनुदान मांगों पर जवाब देने से एक दिन पहले ही उनकी पार्टी के कार्यकर्ता की हत्या हो गई। इससे कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
पीएमके ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पीएमके अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने कन्नन की हत्या के साथ पिछले दो हफ्तों में उपनगरों में हुई तीन एटीएम लूट की घटनाओं पर भी सरकार को घेरा। रामदास ने कहा कि हत्या से लोगों में डर पैदा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चेन्नई महानगर क्षेत्र में हिंसक अपराध और लूट रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जिम्मेदारी तय करने और पुलिस निगरानी व खुफिया तंत्र को मजबूत करने की मांग की।