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सिप्ला के पुणे यूनिट का ड्रग लाइसेंस रद्द: तुकाराम मुंढे बोले- होगी सख्त कार्रवाई; क्या-क्या गड़बड़ियां मिलीं?
Fri, 28 Aug 2026 08:19 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 28 Aug 2026 08:19 PM IST
सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज के पुणे स्थित कैरी एंड फॉरवर्डिंग यूनिट का दवा बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन को जांच में दवाएं सीधे फर्श पर रखी मिलीं और एक्सपायर्ड दवाओं को संभालने की प्रक्रिया में भी कमियां मिलीं। रिएक्टिन प्लस टैबलेट की पैकेजिंग पर अनधिकृत दावा भी पाया गया। आखिर इन गड़बड़ियों के बाद एफडीए ने इतनी सख्त कार्रवाई क्यों की?
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सिप्ला के पुणे यूनिट का लाइसेंस रद्द
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड के पुणे स्थित कैरी एंड फॉरवर्डिंग यूनिट का दवा बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई दवाओं की पैकेजिंग, भंडारण और बाजार से वापस मंगाने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद की गई। पुणे जिले के वाडकी स्थित कंपनी के मुख्य गोदाम का निरीक्षण किया गया था और लाइसेंस रद्द करने का फैसला 27 अगस्त से प्रभावी हो गया।
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सिप्ला के गोदाम में क्या-क्या गड़बड़ियां मिलीं?
जांच के दौरान एफडीए को कई दवाएं सीधे फर्श पर रखी मिलीं। दवाओं को सुरक्षित तरीके से रखने के लिए पर्याप्त पैलेट और रैक की व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा, कंपनी के कंप्यूटर में दर्ज स्टॉक और गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक के बीच भी अंतर मिला। खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी पाई गई। एक्सपायर्ड दवाओं को संभालने से जुड़े रिकॉर्ड और तय प्रक्रिया में भी कमियां सामने आईं।
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