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म्यांमार ट्रेनिंग कैंप केस: सात विदेशियों को डिफॉल्ट बेल, परिवार से मिलने जाएंगे यूएस-यूक्रेन, तिहाड़ से रिहा

Fri, 25 Sep 2026 12:16 AM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Fri, 25 Sep 2026 12:16 AM IST
सार
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म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में अमेरिका के एक और यूक्रेन के छह नागरिकों को राउज एवेन्यू की विशेष NIA अदालत ने डिफॉल्ट जमानत दी है। सातों को एक महीने के लिए अपने परिवारों से मिलने अमेरिका और यूक्रेन जाने की अनुमति मिली है और अदालत ने उनके पासपोर्ट जारी करने का भी निर्देश दिया है।

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Myanmar Training Camp Case Seven foreign released Tihar after granted default bail they will go US Ukraine
आरोपी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद सात विदेशी नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू स्थित विशेष एनआईए अदालत ने अमेरिका के नागरिक मैथ्यू आरोन वानडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट जमानत दे दी है। अदालत ने सभी को अपने परिवार से मिलने के लिए एक महीने के लिए अमेरिका और यूक्रेन जाने की अनुमति भी दी है। इसके साथ ही अदालत ने उनके पासपोर्ट भी वापस करने का आदेश दिया है।

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एक महीने के लिए विदेश जाने की इजाजत
अदालत के आदेश के मुताबिक, मैथ्यू आरोन वानडाइक अमेरिका जाएंगे, जबकि छह यूक्रेनी नागरिक यूक्रेन जाकर अपने परिवार से मिल सकेंगे। यह यात्रा एक महीने की अवधि के लिए होगी। हालांकि, विदेश जाने से पहले उन्हें अदालत की ओर से तय शर्तों और जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करना होगा।
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डिफॉल्ट जमानत का मिला फायदा
इन सातों विदेशी नागरिकों को अदालत से डिफॉल्ट बेल मिली है। आसान भाषा में समझें तो जांच एजेंसी की ओर से तय कानूनी समयसीमा के भीतर जांच पूरी कर जरूरी आरोपपत्र दाखिल नहीं होने जैसी स्थिति में आरोपी को कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत का अधिकार मिल सकता है। इसी आधार पर अदालत ने सातों को राहत दी है।
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पासपोर्ट भी लौटाने का निर्देश
सुनवाई के दौरान अदालत ने सातों के पासपोर्ट उन्हें जारी करने का निर्देश दिया। पासपोर्ट मिलने के बाद ही वे अदालत की अनुमति और तय शर्तों के मुताबिक विदेश यात्रा कर सकेंगे। यानी जेल से बाहर आने के साथ ही उन्हें परिवार से मिलने के लिए देश छोड़ने की भी कानूनी अनुमति मिल गई है।


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म्यांमार ट्रेनिंग कैंप केस में हुई कार्रवाई
यह मामला म्यांमार में कथित ट्रेनिंग कैंप से जुड़ा है, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA कर रही है। मामले में गिरफ्तार किए गए इन विदेशी नागरिकों को लंबे समय से तिहाड़ जेल में रखा गया था। अब विशेष NIA अदालत के आदेश के बाद सातों को जेल से रिहा कर दिया गया है। हालांकि, विदेश यात्रा अदालत की शर्तों और तय औपचारिकताओं के अधीन रहेगी।

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