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अमित शाह से मुलाकात पर एनसीपी की सफाई: कहा- मतभेद की खबरें निराधार, सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट

Mon, 02 Nov 2026 03:29 PM IST
राहुल कुमार पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई। Published by: राहुल कुमार Updated Mon, 02 Nov 2026 03:29 PM IST
सार
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अमित शाह से दिल्ली में एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात के बाद पार्टी में मतभेद की चर्चाएं शुरू हुईं। दावा किया गया कि सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार को बैठक से दूर रखा गया। एनसीपी ने इन खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि मुलाकात पहले से तय थी। आखिर इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई? क्या पार्टी के भीतर मतभेद की अटकलों में कोई सच्चाई है? आइए, विस्तार से पूरे मामले को जानते हैं...

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NCP denies internal differences over Amit Shah meeting; calls reports misleading
सुनेत्रा पवार, महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

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महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के भीतर मतभेद और नेताओं के बीच तालमेल की कमी को लेकर चल रही चर्चाओं पर पार्टी ने सफाई दी है। एनसीपी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में हुई पार्टी नेताओं की मुलाकात को पूरी तरह औपचारिक और पहले से तय बताया है। पार्टी ने उन खबरों को गलत और भ्रामक करार दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार तथा राज्यसभा सांसद पार्थ पवार को इस बैठक से दूर रखा गया। पार्टी का कहना है कि इस मुलाकात को अंदरूनी विवाद से जोड़ना गलत है और एनसीपी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट है।

एनसीपी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने सोमवार को हुई मुलाकात को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी। इस बैठक को लेकर ऐसी खबरें सामने आई थीं कि सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार को इसमें शामिल नहीं किया गया। पाटिल ने इन दावों को निराधार बताते हुए कहा कि यह मुलाकात पहले से तय थी। इसका मकसद अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के सामने मौजूद मुद्दों, महाराष्ट्र के हितों और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा करना था।

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क्या सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार को बैठक से दूर रखा गया था?
उमेश पाटिल ने इस दावे को खारिज किया कि सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार को जानबूझकर अमित शाह से हुई मुलाकात से दूर रखा गया। उन्होंने बताया कि दोनों इससे पहले अमित शाह से मिल चुके थे। उस बैठक में अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के सामने आ रहे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई थी। पाटिल के मुताबिक, उसी दौरान सुनेत्रा पवार ने अमित शाह को जानकारी दी थी कि एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात करना चाहता है। उन्होंने इस प्रतिनिधिमंडल के लिए समय देने का अनुरोध भी किया था। इसलिए सोमवार को हुई मुलाकात पहले से तय कार्यक्रम का हिस्सा थी। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि बैठक में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार को शामिल नहीं किए जाने को लेकर किया जा रहा दावा सही नहीं है।
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अमित शाह से मुलाकात में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
पाटिल ने बताया कि एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार के कार्यकाल से जुड़े अहम मुद्दों और महाराष्ट्र के हितों से संबंधित मामलों की जानकारी रखते हैं। वे संगठन के अलग-अलग विषयों से भी अच्छी तरह परिचित हैं। इसी वजह से वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने अमित शाह से मुलाकात की। बैठक में नेताओं ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। इसके अलावा महायुति गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों के नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत भी हुई। पार्टी ने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात का उद्देश्य किसी अंदरूनी विवाद पर चर्चा करना नहीं था, बल्कि राज्य और संगठन से जुड़े विषयों पर बातचीत करना था।

एनसीपी ने पार्टी में मतभेद की खबरों को लेकर क्या कहा?
उमेश पाटिल ने आरोप लगाया कि इस मुलाकात को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बैठक के आधार पर पार्टी में मतभेद और आपसी तालमेल की कमी की कहानी गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। पाटिल के मुताबिक, एनसीपी महायुति गठबंधन का अहम हिस्सा है और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं के बीच होने वाली औपचारिक बैठकों को राजनीतिक विवाद के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात को किसी गुटबाजी या नेतृत्व से जुड़ी खींचतान के रूप में देखना सही नहीं है।


मीडिया से एनसीपी ने क्या अपील की?
एनसीपी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता ने मीडिया से पार्टी से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अटकलों को तथ्य बनाकर पेश नहीं किया जाना चाहिए। पाटिल ने विशेष रूप से कहा कि गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं के बीच होने वाली औपचारिक बैठकों का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए। पार्टी का कहना है कि अमित शाह से मुलाकात पहले से तय थी और इसमें संगठन, महाराष्ट्र के हितों तथा निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। एनसीपी ने एक बार फिर दोहराया कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में पार्टी एकजुट है और बैठक को लेकर मतभेद की खबरें गलत हैं।

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