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फ्लाईदुबई विमान घटना: हमले की जांच करेगी एनआईए; एफआईआर दर्ज, आतंकी साजिश समेत किन पहलूओं की होगी पड़ताल?
Sat, 10 Oct 2026 04:46 PM IST
अमन मौर्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन मौर्या
Updated Sat, 10 Oct 2026 04:46 PM IST
एनआईए ने फ्लाईदुबई उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर पर कॉकपिट में हुए हमले की जांच के लिए यूएपीए और एंटी-हाइजैकिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आतंकी साजिश व लोन-वुल्फ एंगल की पड़ताल होगी।
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फ्लाईदुबई विमान घटना
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हुए हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। 30 सितंबर को हुई इस घटना में ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने स्मित पर हमला किया था। आशंका है कि हमले के पीछे विमान को हाईजैक करने और 9/11 जैसी वारदात को अंजाम देने की मंशा थी। वहीं, फ्लाईदुबई के ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हमामी के बारे में संयुक्त अरब अमीरात की जांच में सामने आया कि उसका पढ़ाई के दौरान ही कट्टरपंथ की ओर झुकाव हो गया था।
गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। एनआईए की बृहस्पतिवार को दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) में आतंकवाद और विमान अपहरण से जुड़ी धाराएं लगाई हैं। इसमें एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की धारा 16 तथा धारा 15(1)(ए) शामिल है। ये प्रावधान विमान अपहरण और आतंकवादी कृत्यों से जुड़े हैं। केंद्र सरकार के मुताबिक, मामले की गंभीरता और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए बड़ी साजिश की जांच जरूरी है। इसी वजह से जांच एनआईए को सौंपी गई है। एजेंसी पता लगाएगी कि हमला किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसके पीछे विमान को अगवा (हाईजैक) करने या दुर्घटनाग्रस्त करने की कोई साजिश थी।
ये भी पढ़ें: 'सरकार डरी हुई है, उनका अधिकार छीना जा रहा': दिल्ली प्रदर्शन पर बोले मशहूर अर्थशास्त्री, और क्या कहा?
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इस्राइली राष्ट्रपति ने मच्छार को बताया मानवता का नायक
यरुशलम। इस्राइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को पूरी मानवता के लिए नायक बताया है और उनको इस्राइल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की घोषणा की है। हर्जोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शनिवार को एक भावुक और सम्मानजनक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, कैप्टन स्मित मच्छार, आप इस्राइल, भारत और पूरी मानवता के नायक (हीरो) हैं। मेरे उस पत्र में, जो आपको इस वीकेंड (सप्ताहांत) पर मिला है, मैंने आपके पूरी तरह और जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थनाएं की हैं। जैसा कि मैंने अपने पत्र में भी लिखा है, जब आप बिल्कुल स्वस्थ हो जाएंगे, तो मैं यरूशलम में आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक रहूंगा। इस्राइल के लोगों की ओर से, मुझे आपको नागरिक वीरता के लिए इस्राइल का सर्वोच्च सम्मान 'इस्राइली प्रेसिडेंशियल अवार्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' प्रदान करने में बेहद सम्मान महसूस होगा।
आतंकी हमलों से हुआ प्रभावित बॉक्सिंग का भी प्रशिक्षण लिया
यूएई के अटॉर्नी जनरल हमाद सैफ अल शम्सी ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में बताया कि आरोपी का कट्टरपंथ की ओर झुकाव 2017 में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान शुरू हुआ था। वह उस समय मेलबर्न में पढ़ रहा था और चरमपंथी साहित्य व ऑनलाइन सामग्री के संपर्क में आया, जिसमें आतंकवादी संगठनों और आत्मघाती हमलों का महिमामंडन किया जाता था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, आरोपी ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकवादी हमलों से प्रभावित हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने हमले के लिए खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करने के लिए चरमपंथी प्रचार सामग्री देखी और एक निजी प्रशिक्षक से बॉक्सिंग का भी प्रशिक्षण लिया था।
भर्ती प्रक्रिया में नहीं मिले थे खतरे के संकेत : फ्लाईदुबई की भर्ती प्रक्रिया की जांच में पाया गया कि आरोपी ने पायलट का लाइसेंस और अच्छे आचरण का प्रमाणपत्र समेत जरूरी पेशेवर और सुरक्षा संबंधी शर्तें पूरी की थीं। यूएई के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उसके कथित चरमपंथी विचारों या आतंकवादी हमले की योजना के संकेत नहीं मिले थे। आरोपी जनवरी 2026 में फ्लाईदुबई से जुड़ा था। इससे पहले वह ओमान एयर समेत अन्य एयरलाइंस में काम कर चुका था।
क्या हुआ था फ्लाईदुबई के विमान में?
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के कॉकपिट में हुए हमले ने दुनियाभर में काफी सुर्खियां बटोरीं। 30 सिंतबर को दुबई से इस्राइल के तेल अवीव जाते समय फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान का नियंत्रण बचाए रखने के लिए संघर्ष किया। इसी बीच वे कॉकपिट का दरवाजा खोलने में भी सफल रहे। दरवाजा खुलते ही विमान में मौजूद यात्री और क्रू के सदस्य अंदर पहुंचे और सह-पायलट को काबू में किया। इसके बाद विमान में सवार दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और विमान का सऊदी अरब के तबूक में आपात लैंडिंग कराया।
ये भी पढ़ें: फ्रांस: भारतीय मूल के युवक को पेरिस में 20 साल की जेल; यौन शोषण, अत्याचार, बर्बरता समेत क्या-क्या आरोप लगे?
अमेरिकी अधिकारियों ने क्या कहा?
फ्लाईदुबई की इस घटना को इस्राइल, यूएई और सऊदी अरब के अधिकारियों ने आतंकी हमला बताया है। लेकिन अभी भी सवाल बना हुआ है कि क्या हमला करने वाले को-पायलट ने अकेले ही यह कदम उठाया या वो किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा मात्र था। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने इसमें किसी बड़े संगठन के शामिल होने से इनकार कर दिया है। उनके अनुसार, जांचकर्ताओं का मानना है कि ओमान के को-पायलट ने किसी बड़े संगठन का हिस्सा होने के बजाय अकेले ही यह काम किया था।
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गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। एनआईए की बृहस्पतिवार को दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) में आतंकवाद और विमान अपहरण से जुड़ी धाराएं लगाई हैं। इसमें एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की धारा 16 तथा धारा 15(1)(ए) शामिल है। ये प्रावधान विमान अपहरण और आतंकवादी कृत्यों से जुड़े हैं। केंद्र सरकार के मुताबिक, मामले की गंभीरता और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए बड़ी साजिश की जांच जरूरी है। इसी वजह से जांच एनआईए को सौंपी गई है। एजेंसी पता लगाएगी कि हमला किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसके पीछे विमान को अगवा (हाईजैक) करने या दुर्घटनाग्रस्त करने की कोई साजिश थी।
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इस्राइली राष्ट्रपति ने मच्छार को बताया मानवता का नायक
यरुशलम। इस्राइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को पूरी मानवता के लिए नायक बताया है और उनको इस्राइल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की घोषणा की है। हर्जोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शनिवार को एक भावुक और सम्मानजनक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, कैप्टन स्मित मच्छार, आप इस्राइल, भारत और पूरी मानवता के नायक (हीरो) हैं। मेरे उस पत्र में, जो आपको इस वीकेंड (सप्ताहांत) पर मिला है, मैंने आपके पूरी तरह और जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थनाएं की हैं। जैसा कि मैंने अपने पत्र में भी लिखा है, जब आप बिल्कुल स्वस्थ हो जाएंगे, तो मैं यरूशलम में आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक रहूंगा। इस्राइल के लोगों की ओर से, मुझे आपको नागरिक वीरता के लिए इस्राइल का सर्वोच्च सम्मान 'इस्राइली प्रेसिडेंशियल अवार्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' प्रदान करने में बेहद सम्मान महसूस होगा।
आतंकी हमलों से हुआ प्रभावित बॉक्सिंग का भी प्रशिक्षण लिया
यूएई के अटॉर्नी जनरल हमाद सैफ अल शम्सी ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में बताया कि आरोपी का कट्टरपंथ की ओर झुकाव 2017 में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान शुरू हुआ था। वह उस समय मेलबर्न में पढ़ रहा था और चरमपंथी साहित्य व ऑनलाइन सामग्री के संपर्क में आया, जिसमें आतंकवादी संगठनों और आत्मघाती हमलों का महिमामंडन किया जाता था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, आरोपी ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकवादी हमलों से प्रभावित हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने हमले के लिए खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करने के लिए चरमपंथी प्रचार सामग्री देखी और एक निजी प्रशिक्षक से बॉक्सिंग का भी प्रशिक्षण लिया था।
भर्ती प्रक्रिया में नहीं मिले थे खतरे के संकेत : फ्लाईदुबई की भर्ती प्रक्रिया की जांच में पाया गया कि आरोपी ने पायलट का लाइसेंस और अच्छे आचरण का प्रमाणपत्र समेत जरूरी पेशेवर और सुरक्षा संबंधी शर्तें पूरी की थीं। यूएई के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उसके कथित चरमपंथी विचारों या आतंकवादी हमले की योजना के संकेत नहीं मिले थे। आरोपी जनवरी 2026 में फ्लाईदुबई से जुड़ा था। इससे पहले वह ओमान एयर समेत अन्य एयरलाइंस में काम कर चुका था।
क्या हुआ था फ्लाईदुबई के विमान में?
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के कॉकपिट में हुए हमले ने दुनियाभर में काफी सुर्खियां बटोरीं। 30 सिंतबर को दुबई से इस्राइल के तेल अवीव जाते समय फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान का नियंत्रण बचाए रखने के लिए संघर्ष किया। इसी बीच वे कॉकपिट का दरवाजा खोलने में भी सफल रहे। दरवाजा खुलते ही विमान में मौजूद यात्री और क्रू के सदस्य अंदर पहुंचे और सह-पायलट को काबू में किया। इसके बाद विमान में सवार दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और विमान का सऊदी अरब के तबूक में आपात लैंडिंग कराया।
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अमेरिकी अधिकारियों ने क्या कहा?
फ्लाईदुबई की इस घटना को इस्राइल, यूएई और सऊदी अरब के अधिकारियों ने आतंकी हमला बताया है। लेकिन अभी भी सवाल बना हुआ है कि क्या हमला करने वाले को-पायलट ने अकेले ही यह कदम उठाया या वो किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा मात्र था। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने इसमें किसी बड़े संगठन के शामिल होने से इनकार कर दिया है। उनके अनुसार, जांचकर्ताओं का मानना है कि ओमान के को-पायलट ने किसी बड़े संगठन का हिस्सा होने के बजाय अकेले ही यह काम किया था।