जम्मू-कश्मीर: ट्रंप की नीतियों पर बरसे फारूक अब्दुल्ला, बोले- दुनिया को संकट में डाल रही आक्रामकता
नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि वैश्विक संकट और बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीबों पर पड़ेगा।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और आक्रामकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनके कारण पूरी दुनिया संकट का सामना कर रही है। बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीबों पर पड़ेगा। ऐसे में ट्रंप को अब आक्रामक रुख छोड़कर हालात सुधारने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
श्रीनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि दुनिया पहले ही आर्थिक संकट और महंगाई से जूझ रही है। ऐसे माहौल में आक्रामकता बढ़ने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि न्याय के दृष्टिकोण से ईरान को अपने क्षेत्र में आत्मरक्षा करने का अधिकार है।
दिल्ली में प्रदर्शन पर विदेशी हाथ के दावे पर सवाल
दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जब भी केंद्र सरकार को अपने खिलाफ चुनौती महसूस होती है, तो वह इसके पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने की बात कहने लगती है। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार को लगता है कि कोई विदेशी ताकत प्रदर्शन के पीछे है, तो उसे स्पष्ट करना चाहिए कि वह कौन है और किस देश से जुड़ी है।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने कदमों और नीतियों पर भी गौर करना चाहिए। उन्होंने विदेशी हस्तक्षेप के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे आरोपों के समर्थन में स्पष्ट नाम और तथ्य सामने आने चाहिए।
#WATCH | Srinagar, J&K: JKNC chief Farooq Abdullah says, "It is Trump’s doing that is bringing catastrophe to the world. Who knows when he will come to his senses—there is no benefit in this. The entire world is going through this crisis. Just look at the level of inflation; it is the poor who will suffer the most. It is high time for Trump to put an end to this aggression. In the interest of justice, Iran has the right to defend itself within its own territory..." On the Delhi protest, he says, "Whenever the government in Delhi feels threatened, they immediately see a 'foreign hand'—they never look at their own actions. They claim someone from the outside is orchestrating it. But who? If they allege that foreign entities are involved, then name them! Who is it? Which country is trying to do this? They don’t actually have any names..."
— ANI (@ANI) October 23, 2026