फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   With the cabinet reshuffle, the real test for the Omar government has begun.

उमर सरकार की अगली परीक्षा: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बढ़ी मुश्किलें, नाराज विधायकों को मनाने की चुनौती

Wed, 28 Oct 2026 10:54 AM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Wed, 28 Oct 2026 10:54 AM IST
सार
Register For Event

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद उमर अब्दुल्ला सरकार के सामने नाराज विधायकों को मनाने और उन्हें पार्टी संगठन से जोड़े रखने की चुनौती बढ़ गई है। तीन नवंबर को आगा रुहुल्ला के संभावित इस्तीफे से श्रीनगर सीट पर उपचुनाव की चर्चा तेज है। 
 

विज्ञापन
With the cabinet reshuffle, the real test for the Omar government has begun.
शपथ समारोह में सीएम, डॉ. फारूक व अन्य। - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

मंत्रिमंडल पुनर्गठन के साथ ही उमर सरकार की असल परीक्षा शुरू हो गई है। राजनीतिक गलियारों में  नाराज विधायकों को मनाने के साथ ही श्रीनगर सीट पर उपचुनाव की चर्चा  हो रही है। सांसद आगा रुहुल्ला के संभावित इस्तीफे से तीन नवंबर को खाली होने वाली श्रीनगर सीट पर उम्मीदवार तय करने और इस चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के मंत्रियों या विधायकों की भूमिका पर पार्टी के भीतर मंथन  शुरू हो गया है। मंत्रिमंडल में शामिल होने से छूट गए विधायकों को अब संगठन में ओहदे देकर नवाजा जा  रहा है।

विज्ञापन
Trending Videos

सुबह मंत्रिमंडल से ड्रॉप होने के बाद नाराज होकर बाहर निकले मुबारक गुल को शाम होने तक पार्टी की तरफ से महासचिव के पद से नवाज दिया गया। उन्हें समर्थकों के प्रदर्शन का भी फायदा मिला है। हालांकि आंसू बहाने वाले अब्दुल मजीद लारमी पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। कश्मीर के अलावा जम्मू संभाग में पीर पंजाल के विधायकों को मनाना भी पार्टी के लिए चुनौती साबित होने वाली है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कश्मीर की 33 सीटों पर सात जम्मू की आठ सीटों पर दो मंत्री
नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास कश्मीर संभाग में 47 में से 33 सीटें हैं। अब इस संभाग में मंत्रियों की संख्या मुख्यमंत्री समेत तीन से बढ़कर सात हो गई है। जम्मू संभाग में कुल 43 सीटें हैं और इनमें से नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास आठ विधायक हैं। यहां उपमुख्यमंत्री समेत अब दो ही मंत्री होंगे। जम्मू संभाग में भाजपा सबसे बड़ा राजनीतिक दल है और पार्टी के सभी 29 विधायक इसी संभाग से हैं। खास बात यह है कि जम्मू में हिंदू आबादी बहुसंख्य है। यहां अब नेकां की गतिविधियां उपमुख्यमंत्री पर ज्यादा केंद्रित होंगी।

सांसद का इस्तीफा और उपचुनाव भी चिंता
नेकां के लिए असल परीक्षा सांसद आगा रुहुल्ला मेहदी के इस्तीफे के साथ शुरू होने वाली है। श्रीनगर से सांसद रुहुल्ला ने करीब 1.88 लाख के अंतर से चुनाव जीता था। नेकां में रहते उन्हें 3.56 लाख वोट मिले थे। इस्तीफा देने के बाद रुहुल्ला निर्दलीय सांसद का चुनाव लड़ते हैं तो नेकां के लिए यहां वापसी मुश्किल हो सकती है। हालांकि राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार नेकां लोकसभा उपचुनाव को शिया बनाम सुन्नी करवाने में कामयाब हुई तो इसका असर परिणाम में देखने को मिलेगा। घाटी में सुन्नी के मुकाबले शिया आबादी कम है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस और सांसद पद से इस्तीफा तय है। तीन नवंबर को दोनों पद छोड़ दूंगा। इस निर्णय में कोई बदलाव नहीं है। इस्तीफा देने के बाद आगामी रणनीति पर काम शुरू होगा। -आगा रुहुल्ला मेहदी, सांसद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed