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Jammu News: तमिलनाडु के सिंपल गवर्नेंस मॉडल से आसान होंगी प्रदेश की सरकारी सेवाएं
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- करीब 100 नागरिक सेवाएं व्हाट्सएप पर लाने की तैयारी, 1,548 सेवाएं पहले से ऑनलाइन
- पहले सरकारी प्रोसेस होगा आसान, फिर डिजिटाइजेशन, घटेंगे कागज, जांच और मंजूरियों के चक्कर
गौरव रावत
जम्मू। सरकार जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने, बिल्डिंग परमिशन लेने, निजी स्कूल की मान्यता कराने या डॉक्टर-नर्स का रजिस्ट्रेशन कराने जैसे सरकारी काम आसान करने की तैयारी कर रही है। करीब 100 नागरिक सेवाओं को सीधे व्हाट्सएप पर लाने की भी तैयारी है। इसके लिए तमिलनाडु के सिंपल गवर्नेंस मॉडल से सीख लेकर उसे यहां की जरूरत के हिसाब से अपनाया जाएगा।
इसके लिए सरकार तमिलनाडु सिंपल गवर्नेंस के सलाहकार और पूर्व आईएएस अधिकारी पीडब्ल्यूसी डेविडार की भी मदद ले रही है। उनकी मुख्य सचिव अटल डुल्लू सहित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक दौर की बैठक भी हो चुकी है। अब प्रदेश के अधिकारियों की एक टीम तमिलनाडु जाकर वहां की व्यवस्था देखेगी और वहां के अच्छे तरीकों को यहां की जरूरत के हिसाब से अपनाने पर काम करेगी। प्रदेश में फिलहाल 1,548 ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं। अब करीब 100 नागरिक सेवाएं व्हाट्सएप के माध्यम से देने का प्रस्ताव है। साथ ही सेल्फ सर्टिफिकेशन, ई-केवाईसी, ऑनलाइन जांच, क्यूआर कोड वाले प्रमाणपत्र और ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
सभी विभाग ज्यादा लोगों से जुड़ी सेवाओं की समीक्षा करेंगे। इसमें अनावश्यक कागज, कई स्तर की मंजूरी, दफ्तर या मौके पर जाकर होने वाली जांच और लोगों की दफ्तर में मौजूदगी कम करने पर जोर रहेगा। इसके बाद हर सेवा के लिए नया और आसान तरीका तैयार होगा।
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जन्म-मृत्यु पंजीकरण, बिल्डिंग परमिशन
डॉक्टर-नर्सों के पंजीकरण होंगे आसान
आवास एवं शहरी विकास विभाग में कमर्शियल प्रतिष्ठानों की एनओसी, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, संपत्ति से जुड़ी एनओसी, ऑनलाइन बिल्डिंग परमिशन और पुराने जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड से जुड़े कामों को आसान करने की तैयारी है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सा संस्थानों के रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, डॉक्टरों और नर्सों के रजिस्ट्रेशन समेत दूसरी सेवाओं में बदलाव प्रस्तावित है। स्कूल शिक्षा विभाग में निजी स्कूलों की मान्यता, स्कूल संबद्धता, प्रबंधन समितियों की मंजूरी, जेकेबोस के प्रमाणपत्रों की जांच, डुप्लीकेट प्रमाणपत्र और माइग्रेशन से जुड़े कामों में भी सुधार प्रस्तावित है।
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जरूरत पड़ी तो नियम भी बदलेंगे, योजना विभाग करेगा तालमेल
आईटी विभाग के आयुक्त सचिव सौरभ भगत ने बताया कि अगर किसी सेवा को आसान बनाने में मौजूदा कानून, नियम या सरकारी आदेश रुकावट बनते हैं तो उनमें भी बदलाव किया जा सकता है। कानून एवं न्याय विभाग ऐसे मामलों में संबंधित नियमों और आदेशों की समीक्षा करेगा। इस काम के लिए एक खास समिति और अलग-अलग विभागों की मुख्य टीम बनाई जाएगी। योजना, विकास एवं निगरानी विभाग इनके बीच तालमेल करेगा। एनआईसी और स्टेट ई-मिशन टीम के चार सदस्य प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने और आसान डिजिटल पोर्टल तैयार करने में तकनीकी मदद देंगे।
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- पहले सरकारी प्रोसेस होगा आसान, फिर डिजिटाइजेशन, घटेंगे कागज, जांच और मंजूरियों के चक्कर
गौरव रावत
जम्मू। सरकार जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने, बिल्डिंग परमिशन लेने, निजी स्कूल की मान्यता कराने या डॉक्टर-नर्स का रजिस्ट्रेशन कराने जैसे सरकारी काम आसान करने की तैयारी कर रही है। करीब 100 नागरिक सेवाओं को सीधे व्हाट्सएप पर लाने की भी तैयारी है। इसके लिए तमिलनाडु के सिंपल गवर्नेंस मॉडल से सीख लेकर उसे यहां की जरूरत के हिसाब से अपनाया जाएगा।
इसके लिए सरकार तमिलनाडु सिंपल गवर्नेंस के सलाहकार और पूर्व आईएएस अधिकारी पीडब्ल्यूसी डेविडार की भी मदद ले रही है। उनकी मुख्य सचिव अटल डुल्लू सहित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक दौर की बैठक भी हो चुकी है। अब प्रदेश के अधिकारियों की एक टीम तमिलनाडु जाकर वहां की व्यवस्था देखेगी और वहां के अच्छे तरीकों को यहां की जरूरत के हिसाब से अपनाने पर काम करेगी। प्रदेश में फिलहाल 1,548 ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं। अब करीब 100 नागरिक सेवाएं व्हाट्सएप के माध्यम से देने का प्रस्ताव है। साथ ही सेल्फ सर्टिफिकेशन, ई-केवाईसी, ऑनलाइन जांच, क्यूआर कोड वाले प्रमाणपत्र और ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
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सभी विभाग ज्यादा लोगों से जुड़ी सेवाओं की समीक्षा करेंगे। इसमें अनावश्यक कागज, कई स्तर की मंजूरी, दफ्तर या मौके पर जाकर होने वाली जांच और लोगों की दफ्तर में मौजूदगी कम करने पर जोर रहेगा। इसके बाद हर सेवा के लिए नया और आसान तरीका तैयार होगा।
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जन्म-मृत्यु पंजीकरण, बिल्डिंग परमिशन
डॉक्टर-नर्सों के पंजीकरण होंगे आसान
आवास एवं शहरी विकास विभाग में कमर्शियल प्रतिष्ठानों की एनओसी, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, संपत्ति से जुड़ी एनओसी, ऑनलाइन बिल्डिंग परमिशन और पुराने जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड से जुड़े कामों को आसान करने की तैयारी है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सा संस्थानों के रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, डॉक्टरों और नर्सों के रजिस्ट्रेशन समेत दूसरी सेवाओं में बदलाव प्रस्तावित है। स्कूल शिक्षा विभाग में निजी स्कूलों की मान्यता, स्कूल संबद्धता, प्रबंधन समितियों की मंजूरी, जेकेबोस के प्रमाणपत्रों की जांच, डुप्लीकेट प्रमाणपत्र और माइग्रेशन से जुड़े कामों में भी सुधार प्रस्तावित है।
जरूरत पड़ी तो नियम भी बदलेंगे, योजना विभाग करेगा तालमेल
आईटी विभाग के आयुक्त सचिव सौरभ भगत ने बताया कि अगर किसी सेवा को आसान बनाने में मौजूदा कानून, नियम या सरकारी आदेश रुकावट बनते हैं तो उनमें भी बदलाव किया जा सकता है। कानून एवं न्याय विभाग ऐसे मामलों में संबंधित नियमों और आदेशों की समीक्षा करेगा। इस काम के लिए एक खास समिति और अलग-अलग विभागों की मुख्य टीम बनाई जाएगी। योजना, विकास एवं निगरानी विभाग इनके बीच तालमेल करेगा। एनआईसी और स्टेट ई-मिशन टीम के चार सदस्य प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने और आसान डिजिटल पोर्टल तैयार करने में तकनीकी मदद देंगे।