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खतरे में खाद्य सुरक्षा : मिलावट बढ़ रही, जांच का दायरा घट रहा

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Adulteration in food products
- खराब नमूनों की हिस्सेदारी 8.3 से बढ़कर 10.1%, वहीं जांचे गए नमूनों की संख्या 51% घट गई
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- पांच साल में 84 को सजा और 7,742 मामलों में जुर्माना, फिर भी अधिकारियों के 22 पद खाली


गौरव रावत

जम्मू। रक्षाबंधन आने वाला है। बाजारों में मिठाइयों की दुकानें सजने लगी हैं और अगले कुछ दिनों में मिठाई की खरीद भी बढ़ेगी। ऐसे में मिठाई खरीदते समय सावधानी जरूरी है। जम्मू-कश्मीर में खाद्य सुरक्षा के आंकड़े बताते हैं कि मिलावट बढ़ रही है लेकिन खाने-पीने की चीजों की जांच लगातार कम हो रही है। तीन साल में जांचे गए नमूनों की संख्या आधे से ज्यादा घट गई। दूसरी ओर जांचे गए नमूनों में खराब मिलने वालों का हिस्सा पिछले दो साल से बढ़ रहा है।

वर्ष 2021-22 में जम्मू-कश्मीर में 8,109 नमूने जांचे गए थे। इनमें 1,735 नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे। 2022-23 में जांच बढ़कर 13,502 नमूनों तक पहुंची और खराब नमूनों की संख्या घटकर 1,195 रह गई। इसके बाद जांच लगातार कम होती गई। 2023-24 में 9,057 नमूनों में 750, 2024-25 में 6,955 में 651 और 2025-26 में 6,546 में 664 नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे। यानी 2022-23 के मुकाबले 2025-26 में जांचे गए नमूनों की संख्या करीब 51 फीसदी कम हो गई। वहीं, 2023-24 में खराब नमूनों का हिस्सा 8.28 फीसदी था, जो 2024-25 में 9.36 और 2025-26 में बढ़कर 10.14 फीसदी हो गया। मतलब जांचे गए करीब हर दस नमूनों में एक नमूना मानक पर खरा नहीं उतर रहा है।
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कार्रवाई और सजा भी, जांच करने वाले 22 पद खाली

मिलावट और मानक से बाहर पाए गए खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई भी हुई है। 2021-22 से लेकर 2025-26 तक 7,742 मामलों में जुर्माना लगाया गया। वहीं इस अवधि में 84 दोषसिद्धियां हुईं। फिर भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 101 स्वीकृत पदों में से 79 भरे हुए हैं और 22 खाली हैं। यानी करीब 22 फीसदी पद खाली हैं।
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घर पर ऐसे करें शुरुआती जांच

प्रदेश के खाद्य सुरक्षा आयुक्त खालिद जहांगीर का कहना है कि खोया, पनीर या छेना में स्टार्च की शुरुआती जांच की जा सकती है। नमूने को पानी में उबालकर ठंडा करें और आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। नीला रंग आने पर स्टार्च होने का संकेत मिलता है। यह सिर्फ शुरुआती जांच है, पक्की जांच प्रयोगशाला में ही होती है।

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दुकानों से से मिठाई खरीदते समय रखें ये ध्यान

- बहुत चमकीले या असामान्य रंग की मिठाई न लें

- अजीब गंध या ज्यादा चिपचिपापन हो तो मिठाई न खरीदें

- मिठाई ढकी हुई हो और दुकान में साफ-सफाई हो

- पैक मिठाई पर बनाने और इस्तेमाल की अंतिम तारीख जरूर देखें

- खोया, पनीर और छेना की मिठाई ताजा लें और जरूरत भर ही खरीदें
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