महंगाई की चाशनी में फीकी पड़ी मिठास: चीनी के बढ़ते भाव ने कम की त्योहारों की रौनक, दामों में भारी उछाल
त्योहारी सीजन से पहले चीनी के दाम में भारी उछाल से आम लोगों और मिठाई कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। थोक में 64-65 और खुदरा में 68-70 रुपये किलो तक पहुंची चीनी से मिठाइयों समेत घरेलू बजट पर भी महंगाई का असर पड़ रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
त्योहारी सीजन में चीनी के बढ़ते दाम ने आम लोगों के साथ कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। डेढ़ माह पहले थोक बाजार में करीब 45 रुपये किलो बिक रही चीनी अब 64-65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। खुदरा बाजार में रेट 55 से बढ़कर 68-70 रुपये हो गया है।
अचानक दाम बढ़ने का असर मिठाइयों व अन्य खाद्य सामग्री के साथ चाय-नाश्ते और घर के बजट पर भी पड़ रहा है। हालांकि केंद्र सरकार ने चीनी के शुल्क मुफ्त आयात को मंजूरी दी है। बावजूद इसके फिलहाल बाजार में बढ़े दाम चिंता का कारण बने हुए हैं। त्योहारी सीजन में चीनी की बढ़ती कीमत इसलिए भी चिंता बढ़ा रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में मिठाइयों व अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ेगी।
मिठाई की लागत और घर के बजट पर पड़ेगा असर
चाय स्टॉल संचालक सुभाष कुमार ने बताया कि पहले ही व्यावसायिक गैस सिलिंडर के बढ़े दाम ने कारोबार प्रभावित किया है। अब चीनी महंगी होने से लागत और बढ़ गई है। मिठाई की दुकान चलाने वाले संजीव संधु का कहना है कि रक्षाबंधन और जन्माष्टमी नजदीक आ रहे हैं। इससे मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। ऐसे में चीनी के बढ़े दाम का सीधा असर मिठाई की लागत पर पड़ेगा। गृहिणी सोनिया ने बताया कि हर मध्यम वर्गीय परिवार का एक तय बजट होता है। घर में सुबह की चाय से लेकर दिनभर कई चीजों में चीनी का इस्तेमाल होता है। कुछ समय पहले करीब 55 रुपये का पैकेट (एक किलो) अब 70 रुपये तक पहुंच गया है।
फिलहाल चीनी के दाम बढ़े हैं।
इससे घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार ने चीनी के 10 टन शुल्क मुफ्त आयात को मंजूरी दे दी है। इसका असर आने वाले दिनों में दिखेगा और दाम सामान्य होने की संभावना है। -राजेश भगोत्रा, प्रधान शुगर मर्चेंट एसोसिएशन
चीनी का भाव एकदम से बढ़ने का पता चला है। विभाग के सहायक निदेशक को कह दिया है। वह टीम के साथ बाजारों में स्थिति का जायजा लेंगे और जांच करेंगे कि कोई चीनी की कालाबाजारी न करे।