बडगाम में आतंकियों से मुठभेड़: ऊपरी यूसमर्ग के जंगलों में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, सेना दे रही करारा जवाब
यूसमर्ग के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में वीरवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ ने इलाका घेर लिया है।
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मध्य कश्मीर के सुदूर और खूबसूरत पहाड़ी इलाके यूसमर्ग में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी के बाद तलाशी अभियान के दौरान वीरवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सेना को पिछले कुछ दिनों से लगातार इनपुट मिल रहे थे कि मध्य कश्मीर के बड़गाम जिले के यूसमर्ग के ऊपरी इलाकों में कुछ संदिग्ध छिपे हुए हैं। वे लगातार अपना स्थान बदल रहे थे। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षाबलों ने बुधवार से ही पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान (कासो) शुरू कर दिया था। इसके तहत सुरक्षाबलों का मकसद आतंकियों के ठिकानों का पता लगाकर उन्हें घेरना था।
इसी तलाशी अभियान के दौरान खान साहिब थाना क्षेत्र के अस्तर गली के पास सेना की 10 पैरा के जवानों का सामना आतंकियों के एक समूह से हो गया। इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई। सूत्रों के अनुसार कुछ देर तक चली गोलीबारी के बाद आतंकी घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर छिप गए हैं।
आतंकियों की घेराबंदी के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) के जवानों के साथ सेना की 53 राष्ट्रीय राइफल्स और बड़गाम पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस इलाके को पूरी तरह घेरा जा रहा है। पूरा क्षेत्र दुर्गम जंगलों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है। रात होने के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है। ऐसे में सुरक्षाबल बेहद सावधानी से तलाशी अभियान चला रहे हैं।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार इलाके में घेराबंदी और मजबूत कर दी गई है। सुबह होते ही इस बड़े आतंकवाद रोधी अभियान को फिर से नए सिरे से शुरू किया जाएगा। सुरक्षाबल इलाके में छिपे आतंकियों को तलाशने और उन्हें पकड़ने की कोशिश में जुटे हैं। हालांकि, देर रात तक मुठभेड़ को लेकर पुलिस या सेना की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
संवेदनशील समय में मुठभेड़
मुठभेड़ ऐसे संवेदनशील मोड़ पर हो रही है जब श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने बड़गाम जिला प्रशासन से यूसमर्ग को पर्यटकों के लिए पुनः खोलने की जोरदार मांग की थी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही यूसमर्ग के मुख्य हिस्सों में सुरक्षा कारणों से आम पर्यटकों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदी लगा दी गई थी। स्थानीय होटल मालिकों, घोड़ा चालकों और गाइडों के आर्थिक संकट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक प्रतिनिधियों के बीच इसे बहाल करने पर विमर्श चल रहा था। लेकिन ठीक इसी बीच, सुरक्षा ग्रिड को भेदकर इस जंगली क्षेत्र में आतंकियों की सक्रियता दिखने से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं।
इलाके में कड़ा पहरा
आतंकवाद विरोधी अभियान के मद्देनजर बडगाम पुलिस ने जिला स्तर पर चौकसी बढ़ा दी है। यूसमर्ग, चरार-ए-शरीफ और नजदीकी पाखरपोरा रूट पर जाने वाले सभी वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि जब तक ऑपरेशन पूरी तरह खत्म न हो जाए, तब तक जंगलों और ऊपरी ढलानों की ओर जाने से परहेज करें।
लश्कर व जैश की तरफ घूम रही सुई
सुरक्षा एजेंसियों की नजर लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े समूहों पर भी है। खुफिया इनपुट के अनुसार संदिग्ध हथियारबंद समूह के पुलवामा के पाखरपोरा इलाके से निकलकर यूसमर्ग के ऊपरी जंगलों की ओर बढ़ने की आशंका है। हालांकि, यूसमर्ग में जारी अभियान में शामिल आतंकियों की पहचान की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।