फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Protests in Jammu over Farooq Abdullah's statement

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर जम्मू में सियासी संग्राम: सड़कों पर उतरे संगठन, भाजपा नेताओं ने खोला मोर्चा

Mon, 26 Oct 2026 05:04 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Mon, 26 Oct 2026 05:04 PM IST
सार
Register For Event

फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी बयान के विरोध में जम्मू में भाजपा और कई संगठनों ने प्रदर्शन कर उनसे माफी मांगने की मांग की।

विज्ञापन
Protests in Jammu over Farooq Abdullah's statement
जम्मू में प्रदर्शन - फोटो : एजेंसी

विस्तार

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान पर सोमवार को जम्मू में विरोध प्रदर्शन हुए। भाजपा नेताओं और कई संगठनों ने उनके बयान की आलोचना करते हुए माफी मांगने की मांग की। कुछ नेताओं ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की भी मांग उठाई।

विज्ञापन
Trending Videos

बारामुला में फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है। उनके इस बयान के बाद भाजपा नेताओं और विभिन्न संगठनों ने नाराजगी जताई। राष्ट्रीय बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता युवा मोर्चा, डोगरा फ्रंट और नेशनल एंटी-टेररिज्म फ्रंट समेत कई संगठनों ने मार्च निकालकर प्रदर्शन किया और फारूक अब्दुल्ला के पुतले जलाए।

भाजपा के राज्यसभा सांसद सती शर्मा ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को देश के 140 करोड़ लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वह माफी नहीं मांगते हैं तो उन्हें पाकिस्तान में रहने पर विचार करना चाहिए।

भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने बयान को राष्ट्रविरोधी बताते हुए कहा कि इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि फारूक अब्दुल्ला ऐसे देश के पक्ष में बोल रहे हैं, जिस पर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और अशांति को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। जम्मू-कश्मीर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र रैना ने भी बयान की आलोचना करते हुए माफी की मांग की।

भाजपा नेता शक्ति राज परिहार ने फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ राजद्रोह के आरोप में एफआईआर दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। वहीं, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विवेक बाली ने बयान की जांच कराने और कानून का उल्लंघन पाए जाने पर उचित कार्रवाई करने की मांग की।

कांग्रेस ने भी रखी अपनी बात
कांग्रेस नेता रविंद्र शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को कश्मीर के मुद्दे पर बोलने का अधिकार नहीं है और शिमला समझौते के तहत द्विपक्षीय मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय समेत फारूक अब्दुल्ला के बयान में उठाए गए कुछ मुद्दों का भी उल्लेख किया। शर्मा ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई।

नेशनल एंटी-टेररिज्म फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशाल चोपड़ा के नेतृत्व में भी प्रदर्शन किया गया। संगठन ने फारूक अब्दुल्ला से माफी मांगने को कहा। वहीं जम्मू स्टेट मूवमेंट ने सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर विजय सागर धेवान की अध्यक्षता में बैठक कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की अपील की।

संगठन ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत संभावित कार्रवाई की भी जांच करने की मांग की। किसी भी कानूनी कार्रवाई का फैसला जांच और संबंधित कानूनों के प्रावधानों के आधार पर किया जाना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed