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जम्मू-कश्मीर: नवरात्र में रखी जा सकती है देवी संग्रहालय की आधारशिला, कटड़ा में 200 करोड़ से बनेगा भव्य केंद्र

Mon, 28 Sep 2026 11:10 AM IST
Nikita Gupta दीपक शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
दीपक शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Mon, 28 Sep 2026 11:10 AM IST
सार
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कटड़ा रेलवे स्टेशन के पास करीब 10 एकड़ जमीन पर 200 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय देवी संग्रहालय बनाने की तैयारी तेज हो गई है। शारदीय नवरात्र के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा इसके निर्माण की आधारशिला रख सकते हैं।

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The foundation stone of the Goddess Museum could be laid during Navratri.
वैष्णो देवी - फोटो : Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board

विस्तार

धर्मनगरी कटड़ा में देश के पहले अंतरराष्ट्रीय देवी संग्रहालय के निर्माण की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। 11 अक्तूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा इसके निर्माण की आधारशिला रख सकते हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से परियोजना को लेकर  तैयारियां जारी हैं।

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श्राइन बोर्ड के एक उच्च अधिकारी के अनुसार, कटड़ा रेलवे स्टेशन के पास मिताली में करीब 10 एकड़ जमीन संग्रहालय के चिह्नित की गई है। जमीन की कीमत सहित परियोजना की अनुमानित लागत करीब 200 करोड़ रुपये है। उपराज्यपाल ने हाल में श्राइन बोर्ड की विशेष बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा कर समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए प्रोजेक्ट टीम गठित करने के निर्देश दिए थे।

संग्रहालय के डिजाइन के लिए बीआरएमए और टाटा इकोफर्स्ट सर्विसेज लिमिटेड के कंसोर्टियम को मंजूरी दी गई है। परियोजना के लिए सलाहकार की नियुक्ति भी की गई है। श्राइन बोर्ड देशभर के देवी मंदिरों और शक्तिपीठों के इतिहास, परंपराओं और वास्तुकला का फील्डवर्क व दस्तावेजीकरण कर रहा है। संग्रहालय के स्वरूप को लेकर दुनिया भर से सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं।

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देवी परंपराओं का आधुनिक प्रस्तुतीकरण
प्रस्तावित संग्रहालय में देवी और शक्ति उपासना से जुड़ी आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें प्रमुख शक्ति पीठों, देवी तीर्थ स्थलों, नौ देवी स्वरूपों और 51 शक्तिपीठों की परंपराओं को दर्शाया जाएगा। यहां शोध एवं ज्ञान केंद्र के साथ साउंड एंड लाइट शो, वृत्तचित्र और दुर्लभ कलाकृतियों के प्रदर्शन की भी योजना है। श्राइन बोर्ड ने फरवरी 2026 में परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। मई और सितंबर में रोडमैप व डिजाइन को लेकर बैठकें हुईं। परियोजना को पूरा करने के लिए तीन साल का लक्ष्य रखा गया है।

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