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झारखंड वोटर लिस्ट पर अपडेट: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने वालों के लिए अहम खबर, दूसरे राज्यों के दस्तावेज भी मान्य
Fri, 11 Sep 2026 04:48 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला जमशेदपुर/रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला जमशेदपुर/रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Fri, 11 Sep 2026 04:48 PM IST
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान दूसरे राज्यों से जारी दस्तावेज भी मान्य होंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि झारखंड में रह रहे नागरिक सत्यापन के लिए अपने मूल राज्य से जारी प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत कर सकते हैं।
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वोटर लिस्ट
- फोटो : Istock
विस्तार
झारखंड में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अन्य राज्यों से जारी दस्तावेज भी मान्य होंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि यदि झारखंड में रह रहे किसी नागरिक का जन्म अथवा पूर्व निवास किसी दूसरे राज्य में रहा है, तो वह सत्यापन प्रक्रिया के दौरान अपने मूल राज्य के दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए।
अर्हता तिथि है एक अक्तूबर
मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और अर्हता तिथि एक अक्तूबर, 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करना अनिवार्य है। विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं को आयु, जन्म तिथि अथवा पारिवारिक विवरण के सत्यापन के लिए नोटिस मिले हैं, वे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रमाण पत्र दिखा सकते हैं। इसके लिए प्रमाण पत्रों का झारखंड से ही जारी होना आवश्यक नहीं है। नागरिक अपने मूल राज्य से निर्गत प्रमाण पत्र भी जमा कर सकते हैं।
पेश किए जाने वाले दस्तावेज
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार नागरिक अपने जन्म स्थान, आयु तथा पारिवारिक संबंधों की पुष्टि के लिए विभिन्न प्रकार के साक्ष्य दे सकते हैं। इसके अंतर्गत वंशावली, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी पारिवारिक सूची, खतियान, शैक्षणिक दस्तावेज तथा निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य मान्य अभिलेख शामिल हैं। मतदाता अपने पैतृक या संबंधित राज्य से प्राप्त इन दस्तावेज को प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए इन सभी कागजातों की जांच करेंगे।
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अधिकारियों को दी हिदायत
निर्वाचन विभाग ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि नोटिस मिलने के बाद सुनवाई में उपस्थित होने वाले नागरिकों के कागजातों का नियमानुसार परीक्षण किया जाए। अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और किसी भी अपात्र या विदेशी नागरिक का नाम इसमें दर्ज न हो। मतदाताओं से भी अपील की गई है कि वे नोटिस मिलने पर निर्धारित तिथि को सुनवाई में उपस्थित होकर अपने अभिलेख प्रस्तुत करें ताकि मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज हो सके।
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अर्हता तिथि है एक अक्तूबर
मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और अर्हता तिथि एक अक्तूबर, 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करना अनिवार्य है। विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं को आयु, जन्म तिथि अथवा पारिवारिक विवरण के सत्यापन के लिए नोटिस मिले हैं, वे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रमाण पत्र दिखा सकते हैं। इसके लिए प्रमाण पत्रों का झारखंड से ही जारी होना आवश्यक नहीं है। नागरिक अपने मूल राज्य से निर्गत प्रमाण पत्र भी जमा कर सकते हैं।
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पेश किए जाने वाले दस्तावेज
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार नागरिक अपने जन्म स्थान, आयु तथा पारिवारिक संबंधों की पुष्टि के लिए विभिन्न प्रकार के साक्ष्य दे सकते हैं। इसके अंतर्गत वंशावली, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी पारिवारिक सूची, खतियान, शैक्षणिक दस्तावेज तथा निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य मान्य अभिलेख शामिल हैं। मतदाता अपने पैतृक या संबंधित राज्य से प्राप्त इन दस्तावेज को प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए इन सभी कागजातों की जांच करेंगे।
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अधिकारियों को दी हिदायत
निर्वाचन विभाग ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि नोटिस मिलने के बाद सुनवाई में उपस्थित होने वाले नागरिकों के कागजातों का नियमानुसार परीक्षण किया जाए। अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और किसी भी अपात्र या विदेशी नागरिक का नाम इसमें दर्ज न हो। मतदाताओं से भी अपील की गई है कि वे नोटिस मिलने पर निर्धारित तिथि को सुनवाई में उपस्थित होकर अपने अभिलेख प्रस्तुत करें ताकि मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज हो सके।