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बैंककर्मी की हत्या: परिचित ऑटो चालक के साथ बैंक पहुंचा था मानस, गन पॉइंट पर ले गया वापस; गार्ड बचा सकते थे जान

Sat, 22 Aug 2026 06:20 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sat, 22 Aug 2026 06:20 AM IST
सार
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Divya Mishra murder case: पुलिस की जांच में मानस के घर से दो पिस्तौल और एक तमंचा मिला था। पुलिस पता लगा रही है कि उसे किसने असलहे उपलब्ध कराए थे।
 

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Bank employee murder case: Manas arrived at the bank with a familiar auto driver, was taken back at gunpoint
लखनऊ हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 गोमतीनगर में बृहस्पतिवार को पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या के बाद आत्महत्या करने वाला बैंक अफसर मानस बाजपेयी परिचित ऑटो चालक को लेकर आईसीआईसीआई बैंक के बाहर पहुंचा था। वारदात के बाद उसने चालक को गन पॉइंट पर लिया और घर के पास छोड़ने के लिए कहा। पुलिस की छानबीन में पता चला है कि ऑटो चालक मुकेश कुमार सरोज 15 वर्षों से हुसड़िया चौराहे पर ही रहकर ऑटो चला रहा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।

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डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक मुकेश ने बताया कि जब मानस ने मिठाई वाला चौराहे के पास स्थित बैंक के बाहर दिव्या के साथ मारपीट शुरू की तो उसने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस पर मानस ने असलहा तान दिया। मदद के लिए बढ़े बैंककर्मियों को भी असलहा दिखाकर धमकाया और फिर दिव्या को गोली मार दी। यह देख मुकेश भागने लगा तो मानस ने उसे रोका और गन पॉइंट पर लेकर ऑटो चलाने के लिए बोला। सहमे मुकेश ने मानस को हुसड़िया चौराहे पर घर के पास उतार दिया और भाग निकला।
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मानस के घर से दो पिस्तौल और एक तमंचा मिला था। पुलिस पता लगा रही है कि उसे किसने असलहे उपलब्ध कराए थे। पुलिस की एक टीम शुक्रवार को जानकीपुरम स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पहुंची, जहां मानस काम करता था। पुलिस ने उसके सहयोगियों से भी पूछताछ की है।

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बातचीत नहीं, सिर्फ हत्या करने का था इरादा

छानबीन में सामने आया है कि मानस हत्या के इरादे से ही बैंक पहुंचा था। वह दिव्या से बातचीत ही नहीं करना चाहता था। यही वजह है कि वह पूरी तैयारी के साथ तीन असलहे लेकर गया था। आरोपी को आशंका थी कि अगर एक असलहे से गोली नहीं चली तो भीड़ उसे पकड़ सकती है। इस कारण वह दो और असलहे साथ ले गया था। पुलिस मानस की कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट खंगाल रही है। माना जा रहा है कि उसने मोटी रकम देकर असलहे खरीदे थे। डीसीपी का कहना है कि असलहा उपलब्ध कराने वालों के बारे में जल्द पता लगा लिया जाएगा।

गार्ड ने हिम्मत दिखाई होती तो बच सकती थी जान

Bank employee murder case: Manas arrived at the bank with a familiar auto driver, was taken back at gunpoint
सीसीटीवी में पूरी घटना कैद हुई। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

पूरी वारदात सीसीटीवी फुटेज में कैद है। इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि शोर सुनकर सबसे पहले बैंक का गार्ड बाहर निकला था। उसके पास बंदूक भी थी। हालांकि, मानस के पास असलहा देखकर गार्ड वापस भाग आया था। चर्चा है कि अगर गार्ड ने बहादुरी दिखाई होती तो शायद दिव्या की जान बच सकती थी। खौफ के कारण बैंककर्मी भी पीछे हट गए थे।

बैंककर्मी नहीं बता रहे थे मानस का नाम

घटना की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो बताया गया कि दिव्या बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर थीं। हालांकि, पूछताछ करने पर बैंककर्मियों ने उनके पति का नाम नहीं बताया। सख्ती करने पर काफी देर बाद दो बैंककर्मी सामने आए और कहा कि दिव्या के पति का नाम मानस है, जो हुसड़िया चौराहे पर रहता है। पुलिस उसका मोबाइल नंबर निकलवाकर लोकेशन पता कर ही रही थी कि हुसड़िया पर गोली चलने की सूचना मिली। डीसीपी वहां पहुंचीं तो पता चला कि मानस ने बहन की भी हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली है।

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