{"_id":"6a8bb021d1e503e0280c8951","slug":"pending-ayurveda-and-unani-exams-to-be-conducted-by-september-get-full-update-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो साल का इंतजार खत्म: सितंबर तक करा ली जाएंगी आयुर्वेद-यूनानी की लंबित परीक्षाएं; जानें पूरा अपडेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो साल का इंतजार खत्म: सितंबर तक करा ली जाएंगी आयुर्वेद-यूनानी की लंबित परीक्षाएं; जानें पूरा अपडेट
Mon, 24 Aug 2026 08:14 AM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Mon, 24 Aug 2026 08:14 AM IST
आयुर्वेद-यूनानी छात्रों के लिए अच्छी खबर है। उनका दो साल का इंतजार खत्म होने वाला है। लंबित परीक्षाएं सितंबर तक करा ली जाएंगी। बोर्ड नियंत्रक ने संस्थानों को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। आगे पढ़ें और जानें पूरा अपडेट...
विज्ञापन
Exam Demo
- फोटो : Adobe Stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी में आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड की दो साल से लंबित चल रहीं सभी वार्षिक परीक्षाएं सितंबर माह तक करा ली जाएंगी। अक्तूबर माह में परिणाम जारी होगा। संस्थानों को भी परीक्षा की तैयारी शुरू करने का निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
प्रदेश में आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग में नर्सिंग, फार्मासिस्ट की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं की नियमित परीक्षाएं दो साल से लंबित हैं। पिछले सप्ताह विभाग के ही विशेष सचिव मदन सिंह गर्ब्याल को बोर्ड का नियंत्रक बनाया गया है।
विज्ञापन
बोर्ड से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वर्ष 2020-21 से लेकर वर्ष 2023-24 के बीच की सभी पूरक परीक्षाएं 25 अगस्त से एक सितंबर के बीच शुरू की जाएंगी। वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक की नर्सिंग एवं फार्मासिस्ट की अंतिम वर्ष की वार्षिक क्रियात्मक परीक्षाएं 10 सितंबर से एवं लिखित परीक्षाएं 15 सितंबर से शुरू होंगी।
विज्ञापन
अब तक लंबित सभी परीक्षाएं सितंबर माह में पूरी कर ली जाएंगी। अक्तूबर में परिणाम जारी कर दिया जाएगा। आगे से सभी सत्र की नियमित परीक्षाएं समय से कराने की योजना हैं। इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। -मदन सिंह गर्ब्याल, नियंत्रक, आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड