यूपी: अमिताभ ठाकुर को कोर्ट से झटका, जीडी में हेराफेरी की याचिका खारिज; एक ही समय में दो प्रविष्टियों पर सवाल
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। हजरतगंज थाने की जीडी में हेराफेरी के आरोप वाली याचिका खारिज कर दी गई है। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत के आदेश में कोई अवैधानिकता या अनियमितता नहीं मिली। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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राजधानी लखनऊ में हजरतगंज थाने की जनरल डायरी (जीडी) में गलत प्रविष्टियां किए जाने के आरोप में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज हो गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के चार जनवरी 2025 के आदेश को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत के आदेश में ऐसी कोई अवैधानिकता, अनियमितता या क्षेत्राधिकार संबंधी त्रुटि नहीं है, जिससे हस्तक्षेप किया जाए।
ठाकुर ने याचिका में आरोप लगाया था कि 27 अगस्त 2021 को हजरतगंज थाने की जीडी संख्या 45 और 46 में प्रविष्टियों का समय शाम 5:35 बजे दर्ज किया गया। उनका कहना था कि दोनों प्रविष्टियां लंबी थीं, इसलिए ऑनलाइन जीडी में उनका समय अलग-अलग होना चाहिए था। उन्होंने सरकारी अभिलेख में हेराफेरी और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
तत्कालीन इंस्पेक्टर पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप
ठाकुर ने आरोप लगाया था कि जीडी में हेराफेरी का मकसद हिरासत के दौरान उन्हें लगी चोटों से जुड़े सवालों से बचना था। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ला को जिम्मेदार ठहराया था। पूर्व आईपीएस ने इंस्पेक्टर के खिलाफ एफआईआर और जांच की मांग की थी।
अदालत ने निष्कर्ष को विधिसम्मत माना
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अगस्त 2021 को ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जीडी संख्या 44 में दाखिल किया गया था। 23 अक्तूबर 2021 को चार्जशीट दाखिल हुई, जो अभी विचाराधीन है। निचली अदालत ने माना था कि 156(3) के तहत दाखिल आवेदन प्रथमदृष्टया किसी संज्ञेय अपराध को नहीं दर्शाता और कार्रवाई पेशबंदी के उद्देश्य से की गई थी। पुनरीक्षण अदालत ने भी इस निष्कर्ष को विधिसम्मत माना।