यूपी: चुनावों से पहले प्रदेश में संघ ने बढ़ाई सक्रियता, विपक्ष के नैरेटिव में न उलझने की दी सीख; बनी ये रणनीति
UP Assembly Elections: विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बुधवार को राजधानी के एक रिसॉर्ट में हुई आरएसएस और भाजपा की समन्वय बैठक में चुनाव से पहले की चुनौतियों और संगठन की तैयारियों पर मंथन हुआ।
विस्तार
भाजपा के चुनावी अभियान को धार देने को लेकर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। इसके तहत अब भाजपा और संघ की प्रातंवार समन्वय बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी कड़ी में बुधवार को अवध और कानपुर प्रांत के संघ पदाधिकारियों के साथ भाजपा और संघ की समन्वय बैठक हुई, जिसमें जमीनी फीडबैक और चुनौतियों के बारे में जानकारी ली गई। फीडबैक में संघ के सर सहकार्यवाह अरुण कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष ने पदाधिकारियों से विपक्ष के एजेंडे न फंसने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बल्कि उसे सटीक व तथ्यात्मक तरीके से जवाब दें।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बुधवार को राजधानी के एक रिसॉर्ट में हुई आरएसएस और भाजपा की समन्वय बैठक में चुनाव से पहले की चुनौतियों और संगठन की तैयारियों पर मंथन हुआ। बैठक में पदाधिकारियों से जमीनी फीडबैक लिया गया। इसमें पदाधिकारियों ने यूजीसी, पेपर लीक, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ निचले स्तर पर भ्रष्टाचार और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को प्रमुख चुनौती बताया।
बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने पदाधिकारियों से कहा कि विपक्ष के नैरेटिव में उलझने के बजाय संगठन को अपने मुद्दों और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने मुद्दों को लेकर हमलावर रहेगा, लेकिन संगठन के लोगों को उसके नैरेटिव में फंसने से बचना होगा। अपने चुनावी मुद्दों के साथ जनता के बीच पहुंचने पर जोर दिया गया।
बैठक में पदाधिकारियों ने बताया कि यूजीसी, पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवाल युवाओं के बीच चर्चा में हैं। इन मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। पिछले दिनों प्रदेश में इन विषयों को लेकर हुए प्रदर्शनों का भी बैठक में उल्लेख किया गया। साथ ही निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतों और उन पर समय से सुनवाई न होने को भी गंभीर मुद्दा बताया गया।
विपक्ष से सावधान रहने को कहा
सभी से फीडबैक लेने के बाद राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, संघ के सह सरका कार्यवाह अरुण कुमार और विनोद तावड़े ने स्थिति स्पष्ट की और चुनाव के संबंध में स्पष्ट संदेश दिया। कहा कि विपक्ष तो भ्रम फैलाएगा। उसके पास कोई खास मुद्दा नहीं है लेकिन दिक्कत ये है कि हमारे लोग भी उस नैरेटिव में फंस जा रहे हैं। अपने ही घरों के युवा भी भ्रमित हो रहे हैं। पहले तो हमें घर मे समझना होगा और अपने लोगों को स्थिति स्पष्ट करनी होगी। यूजीसी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार अपना काम कर रही है। पेपर लीक हुआ तो कड़ा कानून बना और कार्रवाई हुई।
उन्होंने कहा कि हमें अपने नैरेटिव सेट करने होंगे। केंद्र और राज्य सरकारों ने जनहित के जो काम किए हैं, उनको लेकर जनता के बीच जाना होगा। वर्तमान में भी सरकार जो कर रही है, उसे जनता के सामने रखें। अभी एक महीने सेवा संकल्प अभियान चल रहा है। इस अभियान के जरिए हमें जन-जन तक पहुंचना होगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों को हमें इस अभियान से जुड़ना होगा।
कार्यकर्ताओं की सुनवाई न होने पर चिंता
बैठक में तमाम लोगों ने फीडबैक दिया कि अपनी सरकार में संगठन के कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं होने से भारी असंतोष है। वहीं, जमीनी स्तर भ्रष्टाचार से जनता परेशान है। अधिकारी से शिकायत करने पर भी वह ध्यान नहीं देते हैं। पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि जातिवाद की राजनीति के कारण समाज के आम लोगों और युवाओं में भ्रम की स्थिति बन रही है। इस पर बीएल संतोष और अरुण कुमार ने आश्वस्त किया कि इस बारे में सक्षम स्तर पर बात करके इसका समाधान कराया जाएगा।
तीन चरणों में हुई बैठक
तीन चरणों में हुई बैठक में पहले चरण में सभी पदाधिकारियों के साथ सामूहिक बैठक हुई, जिसमें विधानसभा चुनाव को लेकर फीडबैक लिया गया। इसके बाद कानपुर और अवध क्षेत्र की अलग-अलग बैठकें हुईं। भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, संघ के पूर्वी क्षेत्र के प्रचारक अनिल कुमार, अवध के प्रांत प्रचारक कौशल किशोर, कानपुर के प्रांत प्रचारक श्रीराम, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह समेत प्रमुख अनुसांगिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बूथ तक समन्वय मजबूत करने की रणनीति
बैठक में यह भी बात हुई कि निचले स्तर तक सरकार, भाजपा और संघ को एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। सभी मिलकर हर वर्ग तक पहुंचेंगे। कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों को लोगों तक पहुंचाना है। वहीं बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती और आम लोगों को जोड़ने के लिए भी मिलकर काम करना होगा।