यूपी: जाति जनगणना के मुद्दे को एक बार फिर से जिंदा करेगी कांग्रेस, 22 अगस्त से पूरे प्रदेश में चलेगा अभियान
UP Congress: जाति जनगणना के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी एक बार फिर से सक्रिय होने जा रही है। कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग इसको लेकर अभियान चलाएगा।
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कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम जोड़ने के लिए अभियान शुरू करेगा। अभियान की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को प्रदेश मुख्यालय में बैठक हो रही है। इस बैठक में सभी जिलाध्यक्षों एवं शहर अध्यक्षों से फीडबैक लिया जाएगा। इसके बाद 22 अगस्त को कानपुर और 23 को जालौन में जातिगत जनगणना और भागीदारी न्याय सम्मेलन होगा।
पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में शुक्रवार को होने वाली बैठक में विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद और प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित अन्य नेता भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा जातिगत जनगणना फॉर्म में ओबीसी वर्ग का कॉलम नहीं जोड़ा जा रहा है, जबकि इसके लिए लगातार मांग की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग और केंद्र-राज्य सूची में मौजूद ओबीसी जातियों के अनुसार जाति की गिनती कराने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश में गांव- गांव अभियान शुरू किया जाएगा। शुक्रवार को होने वाली बैठक में प्रदेश में शुरू होने वाली सम्मेलनों ,पदयात्रा, ज्ञापन, प्रदर्शन, गोष्ठी आदि पर चर्चा की जाएगी।
इसके बाद 22 अगस्त को कानपुर और 23 को जालौन में जातिगत जनगणना और भागीदारी न्याय सम्मेलन होगा। पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि जातिगत जनगणना फॉर्म में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़े जाने तक आंदोलन चलता रहेगा।
जाति का कॉलम जोड़ने के लिए होगा संघर्ष
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछड़े वर्ग को आबादी के अनुपात में आरक्षण, संसाधन और सभी संस्थाओं में नौकरी देने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकर्ता उनके इस संघर्ष को गति देंगे। उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग विभाग उत्तर प्रदेश में जातिगत जनगणना में ओबीसी कॉलम जोड़ने और केंद्र/राज्य की सूची के अनुसार जातियों की गिनती करने के लिए सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन देगा। हर जिले में जातिगत जनगणना और भागीदारी न्याय आधारित सम्मेलन होगा। जिला मुख्यालयों पर पदयात्रा निकाली जाएगी, ब्लॉक स्तरीय गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम होंगे। इसके बाद सभी जिला मुख्यालयों पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।