{"_id":"6abbe336239538e1ee056f5b","slug":"up-relief-for-the-state-s-electricity-consumers-october-bills-to-see-a-5-24-reduction-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत, अक्तूबर के बिल में 5.24 फीसदी की होगी कमी; जानिए वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत, अक्तूबर के बिल में 5.24 फीसदी की होगी कमी; जानिए वजह
Tue, 29 Sep 2026 09:58 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 29 Sep 2026 09:58 PM IST
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि उपभोक्ता परिषद ने अक्तूबर में 5 फीसदी से अधिक एफपीपीसीए राहत की बात कही थी। इससे अक्तूबर महीने में बिल कम देना पड़ेगा।
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को अक्तूबर के बिल में राहत मिली है। उन्हें एफपीपीसीए (ईंधन अधिभार) के तहत 5.24 फीसदी की राहत दी गई है। उप्र पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने मंगलवार को इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के बाद बिजली की दर में प्रभावी रूप से 5.24 फीसदी की कमी आएगी। इससे उपभोक्ताओं को लगभग 424 करोड़ रुपये का कुल लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि उपभोक्ता परिषद ने अक्तूबर में 5 फीसदी से अधिक एफपीपीसीए राहत की बात कही थी। पावर कारपोरेशन के आदेश के बाद यह सही साबित हुई है। उपभोक्ताओं को सितंबर में 7.93 फीसदी, अगस्त में 2.92 फीसदी और जुलाई में 4.43 फीसदी राहत मिली थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - उपलब्धि : यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 6500 करोड़ के हुए एमओयू, 15,500 करोड़ का हुआ कारोबार
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी: सस्ते स्मार्टफोन की आपूर्ति 95 प्रतिशत घटी, सरकार से जीएसटी घटाने की मांग
अक्तूबर की राहत के साथ यह लगातार चौथा महीना है जब बिजली उपभोक्ताओं को एफपीपीसीए के माध्यम से लाभ मिला है। परिषद ने यह मामला उप्र विद्युत नियामक आयोग के समक्ष मजबूती से रखा था। लगातार पैरवी और नियमानुसार गणना के प्रयासों के बाद यह लाभ मिल रहा है। परिषद आगे भी एफपीपीसीए की गणना और उसके लाभ पर नजर रखेगी। इसका उद्देश्य है कि बिजली उपभोक्ताओं को उनका वैधानिक लाभ समय पर मिलता रहे।