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धीरेंद्र हत्याकांड: 40 लाख की सुपारी या दुकानें-नकदी का सौदा! ड्राइवर ने खरीदा था असलहा; चौंकाने वाले खुलासे

Tue, 01 Sep 2026 08:29 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Tue, 01 Sep 2026 08:29 AM IST
सार
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धीरेंद्र हत्याकांड पर चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। ड्राइवर ने दो लाख में असलहा खरीदा था। 40 लाख की सुपारी या दुकानें-नकदी देने की बात कहकर सौदा किया गया था। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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Weapon purchased for two lakh rupees to carry out Dhirendra murder shocking revelations
धीरेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड - फोटो : amar ujala

विस्तार

राजधानी लखनऊ में महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह (45) की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पांच अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। छानबीन में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के लिए धीरेंद्र के चालक रवि तिवारी ने दो लाख रुपये में असलहा खरीदा था। आरोपी को अमीनाबाद से असलहा मुहैया कराया गया था। दो लाख रुपये साजिशकर्ताओं ने ही उसको दिए थे।

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सूत्रों के मुताबिक, रवि को इसके अलावा भी एक लाख रुपये दिए गए थे। घटना को अंजाम देने के लिए 40 लाख रुपये या फिर बांगरमऊ में दो दुकानें व 10 लाख नकद का सौदा तय हुआ था। पुलिस ने आरोपी चालक रवि तिवारी और उसके साथी से पूछताछ के आधार पर साजिश में शामिल लोगों की तलाश शुरू कर दी है। मामले की पड़ताल में एसटीएफ की टीम को भी लगाया गया है। पुलिस की पांच टीमें भी गठित की गई हैं। एसटीएफ ने उन्नाव में डेरा डाला है।

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हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका

उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धीरेंद्र को दो गोली मारने की पुष्टि हुई है। एक गोली सिर और दूसरी सीने के आरपार हो गई थी। जांच के लिए विसरा भी सुरक्षित रखा गया है। पुलिस ने सोमवार को रवि को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। छानबीन में सामने आया है कि साजिशकर्ताओं ने रवि को अपने साथ मिलाया था। रवि ने अपने साथी ओमकार को वारदात में सहयोग के लिए शामिल किया था। साजिश के तहत रवि ने घटना को अंजाम दिया था। इस पूरे मामले में अभी तक हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।

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गुमराह करने के लिए बोला था झूठ

रवि ने पुलिस को उन्नाव निवासी मोनू सिंह का नाम बताया था। कहा था कि वारदात के समय मोनू वहां मौजूद था। हालांकि, पुलिस ने जब सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो मोनू नजर नहीं आया। अब सवाल ये है कि आरोपी ने मोनू का नाम किसके कहने पर लिया था। पुलिस इस दिशा में भी छानबीन कर रही है। पुलिस रवि को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। इसके लिए कोर्ट में अर्जी दे दी गई है। कस्टडी रिमांड पर आरोपी को लेकर पुलिस उन लोगों के नाम पता करेगी, जिन्होंने हत्या की सुपारी दी थी।


एडीसीपी दक्षिण रल्लापल्ली वसंथ कुमार के मुताबिक सभी पहलुओं पर मामले की छानबीन की जा रही है। रवि के पास से 20 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। धीरेंद्र की एसयूवी को कब्जे में ले लिया गया है।

बांगरमऊ से जुड़े हैं हत्याकांड के तार

अब तक की पड़ताल में हत्या के पीछे बांगरमऊ में जमीन से जुड़ा विवाद सामने आया है। धीरेंद्र ने सरकारी जमीन पर हुए कब्जों की शिकायत प्रशासन से की थी। इसको लेकर कुछ लोग रंजिश रख रहे थे। पुलिस की टीम ने बांगरमऊ में कुछ लोगों से पूछताछ की है। इसके लिए तहसील प्रशासन से भी मामले की जानकारी ली है। यह पता लगाया जा रहा है कि किन लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था। कुछ भूमाफिया और सफेदपोशों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

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