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अशोकनगर: फर्जी पुलिसकर्मी बनकर तीस लाख की ठगी की साजिश रच रहे दो आरोपी गिरफ्तार
Wed, 28 Oct 2026 07:06 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 28 Oct 2026 07:06 PM IST
अशोकनगर जिले की नईसराय पुलिस ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर करीब 30 लाख रुपये की ठगी की साजिश रचने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से लग्जरी कारें, लैपटॉप, मोबाइल, सिम कार्ड और बैंक दस्तावेज जब्त हुए हैं। पुलिस फरार आरोपियों और दूसरे राज्यों में गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है।
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Crime demo
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नईसराय पुलिस ने मंगलवार को साइबर ठगी की साजिश रच रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लग्जरी कारें, लैपटॉप, मोबाइल, सैकड़ों सिम कार्ड, बैंक खातों की वेलकम किट, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और नकदी जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुना जिले के पिपरौदा कला निवासी छोटू उर्फ चंद्रपाल यादव और नानाखेड़ी निवासी दीपक ओझा के रूप में हुई है। नईसराय पुलिस ने दोनों आरोपियों को विजयपुरा मार्ग से पकड़ा है और रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
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साजिश रच रहे थे, तभी पहुंच गई असली पुलिस
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रुसल्ली निवासी रंजीत यादव और अन्य साथियों के साथ मिलकर आगरा निवासी राजू उर्फ पवन से करीब 30 लाख रुपये ठगने की साजिश रची थी। गिरोह के बदमाशों ने पुलिसकर्मी बनकर राजू को पकड़ा था और उससे रुपयों के सेटलमेंट पर बातचीत चल रही थी। इसी दौरान नईसराय पुलिस ने दबिश दी और ठगी की यह साजिश नाकाम हो गई। आरोपियों ने बताया कि इस काम में टाटा नेक्सॉन समेत तीन कारें शामिल थीं।
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दूसरे राज्यों में गिरोह के नेटवर्क की जांच
आरोपियों के साथियों के पास पुलिस के वायरलेस सेट थे और कारों पर पुलिस का मोनोग्राम लगा था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपी फरार हो गए। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी दूसरे लोगों के आधार कार्ड और पहचान दस्तावेज से बैंक खाते खुलवाकर बेचते थे। इन फर्जी खातों से संदिग्ध लेन-देन किए जाते थे। पुलिस बैंक खातों के लेन-देन और दूसरे राज्यों में गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है।
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साजिश रच रहे थे, तभी पहुंच गई असली पुलिस
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रुसल्ली निवासी रंजीत यादव और अन्य साथियों के साथ मिलकर आगरा निवासी राजू उर्फ पवन से करीब 30 लाख रुपये ठगने की साजिश रची थी। गिरोह के बदमाशों ने पुलिसकर्मी बनकर राजू को पकड़ा था और उससे रुपयों के सेटलमेंट पर बातचीत चल रही थी। इसी दौरान नईसराय पुलिस ने दबिश दी और ठगी की यह साजिश नाकाम हो गई। आरोपियों ने बताया कि इस काम में टाटा नेक्सॉन समेत तीन कारें शामिल थीं।
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दूसरे राज्यों में गिरोह के नेटवर्क की जांच
आरोपियों के साथियों के पास पुलिस के वायरलेस सेट थे और कारों पर पुलिस का मोनोग्राम लगा था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपी फरार हो गए। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी दूसरे लोगों के आधार कार्ड और पहचान दस्तावेज से बैंक खाते खुलवाकर बेचते थे। इन फर्जी खातों से संदिग्ध लेन-देन किए जाते थे। पुलिस बैंक खातों के लेन-देन और दूसरे राज्यों में गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है।
