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राज्यसभा चुनावः केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की उम्मीदवारी से प्रदेश के नेताओं की उम्मीदों को विराम, बढ़ा इंतजार
Wed, 28 Oct 2026 06:02 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 28 Oct 2026 06:02 PM IST
भाजपा ने मध्य प्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले से प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं की उम्मीदवारी की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं। पार्टी की कोर कमेटी ने पांच नामों का पैनल भेजा था। राज्यसभा उपचुनाव 12 नवंबर को प्रस्तावित है।
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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी
- फोटो : PTI
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश की ए राज्यसभा सीट पर अपने अधिकृत उम्मीदवार के नाम का एलान कर दिया है। केंद्रीय नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी को मैदान में उतारने का निर्णय किया है। राष्ट्रीय नेतृत्व का यह फैसला मध्यप्रदेश के करीब छह बड़े नेताओं की उम्मीदों पर भारी पड़ गया है। इन वरिष्ठ नेताओं को अब संसद के उच्च सदन में पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। कें
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के नाम की घोषणा से दिल्ली में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की उम्मीदें भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद से ही मध्यप्रदेश के कई प्रमुख नेताओं के राजनीतिक पुनर्वास की चर्चाएं जोर पकड़ रही थीं, लेकिन पार्टी के इस फैसले से उन सभी संभावनाओं पर विराम लग गया है।
ये भी पढ़ें- राज्यसभा उपचुनाव: भाजपा ने मध्य प्रदेश से हरदीप सिंह पुरी को बनाया उम्मीदवार, जानें किस वजह से खाली हुई थी सीट
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डॉ. एल मुरुगन ने दिया था इस्तीफा
डॉ. एल मुरुगन ने बीते 14 अक्तूबर को केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ राज्यसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद से ही मध्यप्रदेश की यह राज्यसभा सीट खाली थी। इस रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन आयोग ने 22 अक्तूबर को उपचुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी थी। तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में राज्यसभा की इस सीट के लिए 12 नवंबर को मतदान प्रस्तावत है। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन यानी 12 नवंबर की शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू की जाएगी तथा नतीजों का भी एलान प्रस्तावित है। हालांकि लगता नहीं है कि चुनाव की नौबत आएगी। पुरी का निर्विरोध चुना जाना तय है।
भोपाल में कोर कमेटी की बैठक
राज्यसभा सीट पर निर्णय से पहले भोपाल में भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी की एक अहम बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रभारी बिप्लव कुमार देब और सह प्रभारी रेखा वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। बैठक के दौरान सीट के लिए पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई थी। यद्यपि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश कोर कमेटी को पहले ही संकेत दे दिए थे कि राज्यसभा के लिए किसी अन्य राज्य के नेता को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
वरिष्ठ दावेदारों का नहीं हो सका चयन
कोर कमेटी की बैठक में राज्य के पांच नेताओं के नामों का पैनल तैयार करके केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया था। पैनल में प्रदेश के तीन आदिवासी, एक दलित और एक सवर्ण नेता का नाम शामिल किया गया था। इस दावेदारी में प्रदेश के पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया और पूर्व मंत्री रंजना बघेल के नाम शामिल थे। इनके अलावा पूर्व राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी और सिंगरौली जिले की चितरंगी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक अमर सिंह का नाम भी इस सूची में भेजा गया था। अब इन सभी की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं।
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केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के नाम की घोषणा से दिल्ली में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की उम्मीदें भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद से ही मध्यप्रदेश के कई प्रमुख नेताओं के राजनीतिक पुनर्वास की चर्चाएं जोर पकड़ रही थीं, लेकिन पार्टी के इस फैसले से उन सभी संभावनाओं पर विराम लग गया है।
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डॉ. एल मुरुगन ने दिया था इस्तीफा
डॉ. एल मुरुगन ने बीते 14 अक्तूबर को केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ राज्यसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद से ही मध्यप्रदेश की यह राज्यसभा सीट खाली थी। इस रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन आयोग ने 22 अक्तूबर को उपचुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी थी। तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में राज्यसभा की इस सीट के लिए 12 नवंबर को मतदान प्रस्तावत है। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन यानी 12 नवंबर की शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू की जाएगी तथा नतीजों का भी एलान प्रस्तावित है। हालांकि लगता नहीं है कि चुनाव की नौबत आएगी। पुरी का निर्विरोध चुना जाना तय है।
भोपाल में कोर कमेटी की बैठक
राज्यसभा सीट पर निर्णय से पहले भोपाल में भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी की एक अहम बैठक में पार्टी के प्रदेश प्रभारी बिप्लव कुमार देब और सह प्रभारी रेखा वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। बैठक के दौरान सीट के लिए पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई थी। यद्यपि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश कोर कमेटी को पहले ही संकेत दे दिए थे कि राज्यसभा के लिए किसी अन्य राज्य के नेता को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
वरिष्ठ दावेदारों का नहीं हो सका चयन
कोर कमेटी की बैठक में राज्य के पांच नेताओं के नामों का पैनल तैयार करके केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया था। पैनल में प्रदेश के तीन आदिवासी, एक दलित और एक सवर्ण नेता का नाम शामिल किया गया था। इस दावेदारी में प्रदेश के पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया और पूर्व मंत्री रंजना बघेल के नाम शामिल थे। इनके अलावा पूर्व राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी और सिंगरौली जिले की चितरंगी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक अमर सिंह का नाम भी इस सूची में भेजा गया था। अब इन सभी की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं।
