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भोजताल की हद पर ड्रोन की नजर: गौहर महल से सर्वे शुरू, खानूगांव-हलालपुरा में एफटीएल के मुनारे गायब, 6 फीट भराव

Sun, 06 Sep 2026 06:13 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sun, 06 Sep 2026 06:13 PM IST
सार
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भोजताल की सीमा और हरित पट्टी को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण की टीम ने ड्रोन सर्वे शुरू किया है। कई जगह एफटीएल और हरित पट्टी के मुनारे मौके पर नहीं मिले, जबकि लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे करीब 6 फीट तक भराव और आगे तक फैला पानी मिला। बैरागढ़ का सर्वे अभी बाकी है।

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Drones keep watch over Bhojtal boundaries: Survey begins from Gauhar Mahal; FTL boundary markers missing in Kh
सर्वे करने पहुंची टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोजताल के आसपास निर्माण और भराव को लेकर चल रही जांच अब ड्रोन की नजर में आ गई है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा गठित टीम ने गौहर महल से ड्रोन सर्वे शुरू किया। इसके साथ ही जमीन पर भी टीम ने संवेदनशील इलाकों की वास्तविक स्थिति जांची। हवाई तस्वीरों और मौके की स्थिति का मिलान करने के लिए ड्रोन सर्वे के साथ ग्राउंड ट्रुथिंग की गई। सर्वे में खानूगांव, आर्मी खेल क्षेत्र, ग्राम कोहेफिजा, हलालपुरा के फिजा फार्म, लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे और चिरायु अस्पताल क्षेत्र को शामिल किया गया। खानूगांव में कई जगह एफटीएल और हरित पट्टी के मुनारे मौके पर दिखाई नहीं दिए। टीम ने उन स्थानों की भी पड़ताल की, जहां पानी वास्तविक रूप से काफी आगे तक फैला हुआ मिला।
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6 फीट भराव, आगे तक पानी
हलालपुरा के फिजा फार्म क्षेत्र में पक्का पुल बना हुआ मिला और उसके आगे तक पानी फैला दिखाई दिया। वहीं लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे सड़क के आसपास करीब 6 फीट तक भराव मिला। आसपास पानी के साथ मैरिज गार्डन और पार्किंग से जुड़ा भराव भी नजर आया। यहां भी एफटीएल के मुनारे स्पष्ट नहीं दिखे। करबला पंप हाउस के सामने और श्रीन नदी के आसपास तालाब में जलकुंभी और पानी में उगने वाली घास का फैलाव भी पाया गया। कई जगह रिटेनिंग वॉल के ऊपर से पानी बहता मिला।
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अब आंकड़े बताएंगे भोजताल की असली सीमा
ड्रोन से संवेदनशील इलाकों की हवाई तस्वीरें जुटाई जा रही हैं और जमीन पर मिले हालात का तकनीकी मिलान किया जा रहा है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि एफटीएल, हरित पट्टी और वास्तविक जलभराव की सीमा मौके पर कितनी स्पष्ट है।सर्वे के दौरान सुभाष सी. पांडेय और याचिकाकर्ता राशिद नूर खान टीम के साथ मौजूद रहे। बैरागढ़ क्षेत्र का सर्वे अभी बाकी है। इसके पूरा होने के बाद भोजताल के आसपास के संवेदनशील इलाकों की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
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