{"_id":"6ab55bf4fa5cc872240d04e5","slug":"mp-patwaris-continue-protest-over-free-registrations-meeting-with-government-ends-inconclusive-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्यप्रदेश: प्रदेश में मुफ्त रजिस्ट्री पर पटवारियों का विरोध जारी, सरकार के साथ बैठक बेनतीजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्यप्रदेश: प्रदेश में मुफ्त रजिस्ट्री पर पटवारियों का विरोध जारी, सरकार के साथ बैठक बेनतीजा
Thu, 24 Sep 2026 10:50 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 24 Sep 2026 10:50 PM IST
स्वामित्व योजना में 50 लाख हितग्राहियों की मुफ्त रजिस्ट्री को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच विवाद सुलझ नहीं पाया। पटवारी लिखित आदेश और सर्कुलर जारी होने तक रजिस्ट्री का काम नहीं करने पर अड़े हैं।
विज्ञापन
वल्लभ भवन, भोपाल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
स्वामित्व योजना के तहत करीब 50 लाख हितग्राहियों की मुफ्त रजिस्ट्री कराने को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गुरुवार को पांच मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, लेकिन बैठक के बाद भी पटवारी अपनी मांग पर कायम हैं। संघ का कहना है कि जब तक सरकार बदली हुई व्यवस्था का लिखित आदेश और सर्कुलर जारी नहीं करती, तब तक पटवारी रजिस्ट्री से जुड़ा काम नहीं करेंगे।
ये भी पढ़ें- एमपी: 106 पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में पहली बार शुरू हुई भोजनशाला, नौ हजार विद्यार्थियों को मिलेगा पौष्टिक आहार
बैठक में मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, चैतन्य काश्यप, विश्वास सारंग और करण सिंह वर्मा मौजूद रहे। अधिकारियों की ओर से राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार, राजस्व सचिव, सीएलआर निधि निवेदिता और पंजीयन आईजी आलोक कुमार सिंह शामिल हुए। पटवारी संघ ने बैठक में सबसे प्रमुख मांग फिर दोहराई कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया में पटवारी को निष्पादक की जिम्मेदारी नहीं दी जाए।राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने प्रजेंटेशन के जरिए बताया कि पटवारियों की आपत्तियों को देखते हुए पहले की व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। इस पर संघ ने कहा कि अगर नियमों में बदलाव हो चुका है तो उसकी लिखित प्रति दी जाए। पटवारी संघ ने संशोधित ड्रॉफ्ट और संबंधित सर्कुलर की कॉपी भी मांगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- एमपी सुगम यात्री परिवहन सेवा: बस में सीसीटीवी-पैनिक बटन, लाइव लोकेशन भी दिखेगी; कमांड सेंटर से होगी निगरानी
संघ पदाधिकारी उपेंद्र सिंह और सैनी ने बताया कि बैठक में पटवारी को निष्पादक की भूमिका से अलग करने की बात कही गई, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में पटवारी को पदेन निष्पादक बताया गया है। इसी को लेकर संघ ने आपत्ति जताई। मंत्रियों ने सर्कुलर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, लेकिन बैठक खत्म होने तक संघ को इसकी प्रति नहीं मिल सकी। इसके बाद रजिस्ट्री से जुड़े काम को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- एमपी: 106 पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में पहली बार शुरू हुई भोजनशाला, नौ हजार विद्यार्थियों को मिलेगा पौष्टिक आहार
विज्ञापन
बैठक में मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, चैतन्य काश्यप, विश्वास सारंग और करण सिंह वर्मा मौजूद रहे। अधिकारियों की ओर से राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार, राजस्व सचिव, सीएलआर निधि निवेदिता और पंजीयन आईजी आलोक कुमार सिंह शामिल हुए। पटवारी संघ ने बैठक में सबसे प्रमुख मांग फिर दोहराई कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया में पटवारी को निष्पादक की जिम्मेदारी नहीं दी जाए।राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने प्रजेंटेशन के जरिए बताया कि पटवारियों की आपत्तियों को देखते हुए पहले की व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। इस पर संघ ने कहा कि अगर नियमों में बदलाव हो चुका है तो उसकी लिखित प्रति दी जाए। पटवारी संघ ने संशोधित ड्रॉफ्ट और संबंधित सर्कुलर की कॉपी भी मांगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- एमपी सुगम यात्री परिवहन सेवा: बस में सीसीटीवी-पैनिक बटन, लाइव लोकेशन भी दिखेगी; कमांड सेंटर से होगी निगरानी
संघ पदाधिकारी उपेंद्र सिंह और सैनी ने बताया कि बैठक में पटवारी को निष्पादक की भूमिका से अलग करने की बात कही गई, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में पटवारी को पदेन निष्पादक बताया गया है। इसी को लेकर संघ ने आपत्ति जताई। मंत्रियों ने सर्कुलर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, लेकिन बैठक खत्म होने तक संघ को इसकी प्रति नहीं मिल सकी। इसके बाद रजिस्ट्री से जुड़े काम को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
