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मध्य प्रदेश: इंदौर में जल संरक्षण अभियान की शुरुआत, छात्राओं को बताया क्यों जरूरी हैं पेड़ और पानी
Fri, 23 Oct 2026 03:59 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Fri, 23 Oct 2026 03:59 PM IST
इंदौर के शासकीय मालव कन्या विद्यालय में सामाजिक संस्था अभ्यास मंडल ने जल जागरूकता अभियान शुरू किया। कार्यक्रम में छात्राओं को जल संरक्षण, पर्यावरण, पेड़ लगाने और व्यक्तित्व विकास के बारे में जानकारी दी गई। शिक्षाविदों ने हर व्यक्ति से कम से कम सात पेड़ लगाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर दिया।
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शासकीय मालव कन्या विद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मालवा की पहचान कभी ‘पग-पग रोटी, डग-डग नीर’ से होती थी, लेकिन अब क्षेत्र में जल संरक्षण और पर्यावरण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी उद्देश्य से इंदौर में सामाजिक संस्था अभ्यास मंडल ने शासकीय मालव कन्या विद्यालय में जल जागरूकता अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में छात्राओं से पानी की उपयोगिता, पेड़ों के महत्व और सामाजिक जिम्मेदारी पर संवाद किया गया। इस दौरान जल संरक्षण से संबंधित पोस्टर का लोकार्पण भी किया गया।
छात्राओं को बताए जल संरक्षण और जिम्मेदारी के मायने
अभ्यास मंडल की सचिव डॉ. माला सिंह ठाकुर ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए पानी के महत्व और जल संरक्षण के उपायों पर चर्चा की। साथ ही परिवार, विद्यालय और समाज के प्रति जिम्मेदारी, समय प्रबंधन, अनुशासन और परीक्षा की तैयारी से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को क्रोध पर नियंत्रण रखने, स्वावलंबी बनने और सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने मोबाइल पर अत्यधिक निर्भरता से बचने और समय का सार्थक उपयोग करने पर भी जोर दिया।
बंजर पहाड़ी को केशर पर्वत बनाने का उदाहरण दिया
कार्यक्रम में शिक्षाविद् डॉ. शंकर लाल गर्ग ने बंजर पहाड़ी भूमि को मेहनत और लगन से केशर पर्वत के रूप में विकसित करने तथा वहां 50 हजार पेड़ लगाने के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने पेड़ों और पानी के बीच संबंध को समझाते हुए कहा कि जिस तरह घर में बेटी के आने से खुशियां आती हैं, उसी तरह पेड़ों से जंगल बनते हैं और पर्यावरण समृद्ध होता है। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम सात पेड़ लगाने का आह्वान किया।
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यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश: फाटक रहित क्रॉसिंग पर मालगाड़ी ने पिकअप को 100 मीटर तक घसीटा, युवक की मौत; छह घायल
‘पग-पग रोटी, डग-डग नीर’ की पहचान बचाने पर जोर
पर्यावरणविद् डॉ. ओपी जोशी ने मालवा क्षेत्र की पहचान ‘पग-पग रोटी, डग-डग नीर’ का उल्लेख करते हुए जल संकट और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जीवन के लिए शुद्ध हवा, पेड़ और पानी आवश्यक हैं। इन प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
अभ्यास मंडल की ओर से शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, पौधरोपण और पर्यावरण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। अभियान के तहत छात्राओं को प्राकृतिक संसाधनों के महत्व से जोड़ने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।
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छात्राओं को बताए जल संरक्षण और जिम्मेदारी के मायने
अभ्यास मंडल की सचिव डॉ. माला सिंह ठाकुर ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए पानी के महत्व और जल संरक्षण के उपायों पर चर्चा की। साथ ही परिवार, विद्यालय और समाज के प्रति जिम्मेदारी, समय प्रबंधन, अनुशासन और परीक्षा की तैयारी से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को क्रोध पर नियंत्रण रखने, स्वावलंबी बनने और सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने मोबाइल पर अत्यधिक निर्भरता से बचने और समय का सार्थक उपयोग करने पर भी जोर दिया।
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बंजर पहाड़ी को केशर पर्वत बनाने का उदाहरण दिया
कार्यक्रम में शिक्षाविद् डॉ. शंकर लाल गर्ग ने बंजर पहाड़ी भूमि को मेहनत और लगन से केशर पर्वत के रूप में विकसित करने तथा वहां 50 हजार पेड़ लगाने के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने पेड़ों और पानी के बीच संबंध को समझाते हुए कहा कि जिस तरह घर में बेटी के आने से खुशियां आती हैं, उसी तरह पेड़ों से जंगल बनते हैं और पर्यावरण समृद्ध होता है। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम सात पेड़ लगाने का आह्वान किया।
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‘पग-पग रोटी, डग-डग नीर’ की पहचान बचाने पर जोर
पर्यावरणविद् डॉ. ओपी जोशी ने मालवा क्षेत्र की पहचान ‘पग-पग रोटी, डग-डग नीर’ का उल्लेख करते हुए जल संकट और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जीवन के लिए शुद्ध हवा, पेड़ और पानी आवश्यक हैं। इन प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
अभ्यास मंडल की ओर से शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, पौधरोपण और पर्यावरण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। अभियान के तहत छात्राओं को प्राकृतिक संसाधनों के महत्व से जोड़ने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।
