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CM मोहन ने Gen-Z शिक्षकों से जाना, कैसी हो नई शिक्षा व्यवस्था?: तकनीक और ट्रेनिंग पर भी हुई सार्थक चर्चा
Sat, 05 Sep 2026 04:37 PM IST
Abhishek Chendke
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Abhishek Chendke
Updated Sat, 05 Sep 2026 04:37 PM IST
शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेशभर के युवा शिक्षक इंदौर के अहिल्याश्रम स्कूल में एकत्र हुए थे। दोपहर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इन शिक्षकों से मुलाकात कर उनकी सोच और अनुभव जाने। चर्चा का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि आज की पीढ़ी की जरूरतें क्या हैं।
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जेन-जी शिक्षकों से मिले मुख्यमंत्री
- फोटो : amarujala
विस्तार
इंदौर दौरे पर आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रदेश भर से आए युवा शिक्षकों से संवाद किया। वर्ष 1997 के बाद जन्मे जेन-जी शिक्षकों के साथ हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों की बदलती जरूरतों और शिक्षा में तकनीक के बढ़ते उपयोग पर चर्चा की। साथ ही शिक्षकों से सुझाव भी लिए।
युवा शिक्षकों से यह जानने की कोशिश की गई कि आज की पीढ़ी की क्या जरूरतें हैं और वह शिक्षा व्यवस्था में किस तरह के बदलाव चाहती है। करीब एक घंटे तक चली बैठक में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के सामने कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
दिल्ली में हुए जेन-जी प्रदर्शन के बाद अब शिक्षा विभाग भी नई पीढ़ी की सोच और उनकी अपेक्षाओं को गंभीरता से समझने की कोशिश कर रहा है। शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश भर के युवा शिक्षक इंदौर के अहिल्याश्रम स्कूल में एकत्र हुए, जहां दोपहर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनसे मुलाकात की।
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मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से संवाद करते हुए पंचतंत्र और प्रकृति का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आकाश में जल भी है, सूरज भी है और वायु भी। प्रकृति में सब कुछ विद्यमान है। हमें यह समझना होगा कि हम चीजों को किस दृष्टि से देखते हैं और क्या खोजते हैं।
बैठक में शिक्षकों ने सुझाव दिया कि उन्हें प्रभावी और उपयोगी प्रशिक्षण की आवश्यकता है। सामान्य प्रशिक्षणों के बजाय शिक्षकों को विशेष, व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे बदलते समय और विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप बेहतर ढंग से शिक्षा दे सकें।
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युवा शिक्षकों से यह जानने की कोशिश की गई कि आज की पीढ़ी की क्या जरूरतें हैं और वह शिक्षा व्यवस्था में किस तरह के बदलाव चाहती है। करीब एक घंटे तक चली बैठक में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के सामने कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
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दिल्ली में हुए जेन-जी प्रदर्शन के बाद अब शिक्षा विभाग भी नई पीढ़ी की सोच और उनकी अपेक्षाओं को गंभीरता से समझने की कोशिश कर रहा है। शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश भर के युवा शिक्षक इंदौर के अहिल्याश्रम स्कूल में एकत्र हुए, जहां दोपहर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनसे मुलाकात की।
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मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से संवाद करते हुए पंचतंत्र और प्रकृति का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आकाश में जल भी है, सूरज भी है और वायु भी। प्रकृति में सब कुछ विद्यमान है। हमें यह समझना होगा कि हम चीजों को किस दृष्टि से देखते हैं और क्या खोजते हैं।
बैठक में शिक्षकों ने सुझाव दिया कि उन्हें प्रभावी और उपयोगी प्रशिक्षण की आवश्यकता है। सामान्य प्रशिक्षणों के बजाय शिक्षकों को विशेष, व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे बदलते समय और विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप बेहतर ढंग से शिक्षा दे सकें।
