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'पानी नहीं मिलेगा तो रोओगे'... जानिए इंदौर में क्यों अचानक सड़कों पर उतरे एमआईसी सदस्य?
Thu, 05 Nov 2026 04:55 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 05 Nov 2026 04:55 PM IST
इंदौर में कम बारिश और घटते भू-जल स्तर के चलते नगर निगम ने पानी की बर्बादी रोकने पर सख्ती शुरू कर दी है। वार्ड 32 में निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य ने नलों में टोटी न होने और सड़कों पर पानी बहाने पर कड़ी नाराजगी जताई।
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पानी की बर्बादी करने वालों का बनेगा चालान।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
में सामान्य से कम वर्षा होने और भू जल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज किए जाने के कारण आगामी ग्रीष्मकाल में संभावित जल संकट गहरा सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन ने जल की बर्बादी रोकने के उद्देश्य से कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शुरुआती चरण में नागरिकों को समझाइश दी जा रही है, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालानी कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है।
वार्ड 32 में जनकार्य विभाग प्रभारी का औचक निरीक्षण
इसी अभियान के अंतर्गत गुरुवार को वार्ड क्रमांक 32 स्थित रघुनंदन बाग क्षेत्र में एमआईसी सदस्य एवं जनकार्य विभाग प्रभारी राजेंद्र राठौर ने जल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई परिसरों के बाहर नलों से जल व्यर्थ बहता हुआ पाया गया। क्षेत्रवासी सड़कों पर जल बहा रहे थे तथा नलों में टोटियां भी नहीं लगाई गई थीं।
व्यर्थ जल बहाने पर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश
सड़कों पर जल का अपव्यय देखकर एमआईसी सदस्य ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और उपस्थित नगर निगम अधिकारियों को जल बर्बाद करने वाले नागरिकों के विरुद्ध दंडात्मक व चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि यदि जल की बचत नहीं की गई तो भविष्य में गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा।
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वाहनों की धुलाई एवं अवैध पंप संचालन पर प्रतिबंध
नगर निगम ने यह स्पष्ट किया है कि नर्मदा जल अथवा बोरिंग के जल से वाहनों की धुलाई करने तथा व्यर्थ जल बहाने वालों के विरुद्ध दंडात्मक अभियान जारी रहेगा। इसके अतिरिक्त मुख्य जल वितरण लाइन में सीधे मोटर पंप लगाकर जल खींचने वाले उपभोक्ताओं पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। इस प्रकार अवैध रूप से जल खींचने से समीपवर्ती अन्य मकानों में जल का दबाव कम हो जाता है, जिससे संपूर्ण जल वितरण प्रणाली प्रभावित होती है।
सुबह के समय निगम टीमों द्वारा निगरानी अभियान
निगम की विशेष टीमें अब विभिन्न वार्डों में प्रात:काल के समय आकस्मिक निरीक्षण करेंगी। प्रारंभ में नागरिकों को जल संरक्षण और उसके संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके पश्चात भी बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों का वीडियो साक्ष्य तैयार कर सीधे चालान काटे जाएंगे।
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वार्ड 32 में जनकार्य विभाग प्रभारी का औचक निरीक्षण
इसी अभियान के अंतर्गत गुरुवार को वार्ड क्रमांक 32 स्थित रघुनंदन बाग क्षेत्र में एमआईसी सदस्य एवं जनकार्य विभाग प्रभारी राजेंद्र राठौर ने जल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई परिसरों के बाहर नलों से जल व्यर्थ बहता हुआ पाया गया। क्षेत्रवासी सड़कों पर जल बहा रहे थे तथा नलों में टोटियां भी नहीं लगाई गई थीं।
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व्यर्थ जल बहाने पर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश
सड़कों पर जल का अपव्यय देखकर एमआईसी सदस्य ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और उपस्थित नगर निगम अधिकारियों को जल बर्बाद करने वाले नागरिकों के विरुद्ध दंडात्मक व चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि यदि जल की बचत नहीं की गई तो भविष्य में गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा।
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वाहनों की धुलाई एवं अवैध पंप संचालन पर प्रतिबंध
नगर निगम ने यह स्पष्ट किया है कि नर्मदा जल अथवा बोरिंग के जल से वाहनों की धुलाई करने तथा व्यर्थ जल बहाने वालों के विरुद्ध दंडात्मक अभियान जारी रहेगा। इसके अतिरिक्त मुख्य जल वितरण लाइन में सीधे मोटर पंप लगाकर जल खींचने वाले उपभोक्ताओं पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। इस प्रकार अवैध रूप से जल खींचने से समीपवर्ती अन्य मकानों में जल का दबाव कम हो जाता है, जिससे संपूर्ण जल वितरण प्रणाली प्रभावित होती है।
सुबह के समय निगम टीमों द्वारा निगरानी अभियान
निगम की विशेष टीमें अब विभिन्न वार्डों में प्रात:काल के समय आकस्मिक निरीक्षण करेंगी। प्रारंभ में नागरिकों को जल संरक्षण और उसके संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके पश्चात भी बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों का वीडियो साक्ष्य तैयार कर सीधे चालान काटे जाएंगे।
