इंदौर: खतरनाक हो चुकी है काॅलेज का 160 साल पुराना किला, उसमें संचालित होती है कक्षाएं
दिल्ली में हॉस्टल की बिल्डिंग गिरने के हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन इंदौर में भी ऐसी ही अनहोनी का खतरा मंडरा रहा है। यहां तीन हजार से ज्यादा छात्राओं वाले न्यू जीडीसी कॉलेज की 160 साल से अधिक पुरानी इमारत जर्जर हो चुकी है।
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दिल्ली में हॉस्टल की बिल्डिंग गिरने जैसा हादसा इंदौर में भी हो सकता है। यहां हॉस्टल तो ठीक, कॉलेज की ही इमारत जर्जर हालत में है और इसी भवन में छात्राओं की कक्षाएं भी संचालित हो रही हैं।
इंदौर के न्यू जीडीसी कॉलेज में तीन हजार से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। कॉलेज प्रबंधन छात्राओं से लाखों रुपए फीस वसूलता है और कई सेल्फ-कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन जिस भवन में छात्राएं रोज पढ़ने पहुंचती हैं, उसके रखरखाव के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है।
भवन की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार विभागों ने मरम्मत के नाम पर कितना काम किया है। भवन के कई हिस्सों में दरारें पड़ चुकी हैं। दीवारों पर पेड़ उग आए हैं, जबकि कई जगहों से प्लास्टर उखड़ चुका है। छात्राएं जिस कॉरिडोर से रोज आती-जाती हैं, वहां भी प्लास्टर उखड़ा हुआ है। ऐसे में किसी हिस्से का प्लास्टर अचानक गिरने पर बड़ा हादसा हो सकता है।
160 साल पुरानी इमारत में चल रही कक्षाएं
कहने को कॉलेज का नाम न्यू जीडीसी है, लेकिन इसकी मुख्य इमारत 160 साल से भी ज्यादा पुरानी है। इस ऐतिहासिक भवन को ‘लाल किला’ भी कहा जाता है। इसका निर्माण होलकर राजपरिवार ने कराया था। वर्ष 1963 में यहां कॉलेज संचालित होना शुरू हुआ। करीब दो साल पहले परिसर में नए ब्लॉक भी बनाए गए, लेकिन इसके बावजूद कई कक्षाएं आज भी पुरानी इमारत में ही संचालित हो रही हैं।
