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इंदौर: मेट्रो प्रबंधन ने सुरंग के सुरक्षा पैमानों पर दी सफाई, कल सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करेंगे रहवासी

Fri, 16 Oct 2026 12:47 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Arjun Richhariya Updated Fri, 16 Oct 2026 12:47 PM IST
सार
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इंदौर में भूमिगत मेट्रो के निर्माण कार्य का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते कल रीगल चौराहे पर कई संस्थाएं और रहवासी प्रदर्शन करेंगे। पर्यावरण और मकानों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

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मेट्रो और TBM ‘सरस्वती’ - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

इंदौर में भूमिगत मेट्रो के निर्माण कार्यों का विरोध तेज होता जा रहा है। बंगाली चौराहा से बड़ा गणपति तक होने वाले निर्माण कार्यों के विरोध में इन क्षेत्रों के रहवासी संघ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। कल शनिवार को सुबह 9.30 बजे रीगल चौराहे पर शहर की कई संस्थाएं भूमिगत मेट्रो के विरोध में प्रदर्शन करेंगी। इन संस्थाओं का कहना है कि मेट्रो के निर्माण के कारण पर्यावरण को बड़े स्तर पर क्षति हो रही है, जिसकी भरपाई असंभव है। वहीं भूमिगत मेट्रो के आसपास के रहवासी क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि इससे उनके मकानों को नुकसान पहुंचेगा। 
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वहीं मेट्रो प्रबंधन ने भूमिगत मेट्रो का काम तेज कर दिया है और निर्माण कार्यों से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर भी जानकारी साझा की है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य के मुताबिक भूमिगत निर्माण के दौरान आमजन और आसपास की संरचनाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। सुरंग निर्माण क्षेत्र के आसपास लगभग 30 मीटर के दायरे में आने वाले भवनों का भवन स्थिति सर्वेक्षण किया जाता है। इसके साथ ही जमीन और भवनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए विस्तृत इंस्ट्रूमेंटेशन स्क्रीम तैयार की गई है। इसके अंतर्गत लगाए जाने वाले सेंसर जमीन अथवा भवनों में होने वाले अत्यंत मामूली बदलाव की भी जानकारी विशेषज्ञों को उपलब्ध कराएंगे। इससे आवश्यकता होने पर समय रहते उचित लिया जा सकेगा। इस प्रकार सुरंग निर्माण के दौरान आमजन की सुरक्षा, भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और जमीन की स्थिरता की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। टीबीएम तकनीक का महत्वपूर्ण लाभ यह है कि सुरंग का निर्माण जमीन की सतह के काफी नीचे होता है। दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, लखनऊ जैसे शहरों में भी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भूमिगत मेट्रो का सफलतापूर्वक निर्माण हुआ है एवं हो रहा है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने नागरिकों से कहा है कि जनसुरक्षा एवं जनसुविधा को प्राथमिकता देते हुए भूमिगत मेट्रो का निर्माण निर्धारित तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।
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टीबीएम नर्मदा के बाद अब सरस्वती भूमिगत सुरंग निर्माण के लिए तैयार
इंदौर मेट्रो प्रबंधन ने बताया कि भूमिगत कॉरिडोर निर्माण के लिए पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘नर्मदा’ के बाद अब दूसरी मशीन ‘सरस्वती’ भी भूमिगत सुरंग निर्माण के लिए तैयार हो गई है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) द्वारा एयरपोर्ट स्थित निर्माण शाफ्ट में TBM ‘सरस्वती’ की लॉन्चिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही इंदौर मेट्रो के भूमिगत हिस्से में सुरंग निर्माण की गतिविधियों को और गति मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
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मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने कहा है कि इंदौर मेट्रो के भूमिगत कॉरिडोर के अंतर्गत एयरपोर्ट से बड़ा गणपति तक सुरंग निर्माण के लिए अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में दूसरी TBM ‘सरस्वती’ को निर्माण कार्य के लिए तैयार किया गया है। यह मशीन जमीन के नीचे निर्धारित अलाइनमेंट के अनुसार सुरंग की खुदाई करेगी। आधुनिक तकनीक से संचालित TBM के माध्यम से सुरंग निर्माण के दौरान तकनीकी सटीकता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।


410 मीट्रिक टन की विशाल मशीन को शाफ्ट में उतारा
मेट्रो प्रबंधन ने बताया कि TBM ‘सरस्वती’ का वजन लगभग 410 मीट्रिक टन है। मशीन के विशाल आकार और अत्यधिक वजन को देखते हुए इसे एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट में स्थापित करने के लिए विशेष इंजीनियरिंग तकनीकों की सहायता ली गई। प्रारंभिक चरण में मशीन के विभिन्न हिस्सों को ग्राउंड लेवल पर असेंबल किया गया। इसके पश्चात Megalift System एवं Strand Jack Assembly की सहायता से मशीन को नियंत्रित तरीके से शाफ्ट के भीतर उतारा गया। इस कार्य में उपयोग की गई तकनीकी प्रणाली 1,000 मीट्रिक टन से अधिक भार उठाने की क्षमता रखती है। मशीन की लॉन्चिंग के दौरान इंजीनियरों एवं तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा प्रत्येक चरण की निगरानी की गई तथा सुरक्षा संबंधी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया।
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